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प्रारंभिक शिक्षा के लिए दिशानिर्देश तैयार करने में जुटा NCERT

दिशानिर्देशों को शैक्षणिक सत्र 2018-19 से पूरे देश में लागू करने की योजना है। वर्तमान में इस उम्र के बच्चों के लिए निजी स्कूल चलाए जा रहे हैं जिनमें स्कूल प्रबंधन अपने बनाए दिशानिर्देश लागू करते हैं।
Author February 14, 2018 05:04 am
NCERT ने 3 से 8 साल तक के बच्चों की पढ़ाई के लिए दिशानिर्देश तैयार किए हैं।(Representative Image)

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने 3 से 8 साल तक के बच्चों की पढ़ाई के लिए दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इन पर सभी से सुझाव मांगे गए हैं ताकि उन्हें शामिल कर अंतिम निर्देश जारी किए जा सकें। इन दिशानिर्देशों को शैक्षणिक सत्र 2018-19 से पूरे देश में लागू करने की योजना है। वर्तमान में इस उम्र के बच्चों के लिए निजी स्कूल चलाए जा रहे हैं जिनमें स्कूल प्रबंधन अपने बनाए दिशानिर्देश लागू करते हैं।

एनसीईआरटी के निदेशक डॉ ऋषिकेश सेनापति ने बताया कि 3 से 8 साल की उम्र बहुत महत्त्वपूर्ण होती है। कई अध्ययनों में भी यह बात कही गई है कि इस उम्र में सीखी गर्इं चीजें स्कूल में बच्चों के बहुत काम आती हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रारंभिक वर्षों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए हमने दिशानिर्देश तैयार किए हैं। इन पर सभी पक्षकारों से सुझाव मांगे गए हैं। सुझाव आने पर उनका विश्लेषण किया जाएगा और अच्छे सुझावों को शामिल कर अंतिम दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे। अभी बने दिशानिर्देशों में स्कूल की स्थिति से लेकर वहां उपलब्ध हर सुविधा के बारे में विस्तार से बताया गया है, जैसे अन्य सुविधाओं के अलावा स्कूल में बच्चों के सोने की भी जगह होनी चाहिए।

इन स्कूलों के शिक्षकों के पास बारहवीं के बाद प्री स्कूल शिक्षा में डिप्लोमा होना आवश्यक है। सहायक का कम से कम दसवीं पास होना और अन्य स्टॉफ जैसे गार्ड, रसोइया, माली आदि का पुलिस सत्यापन होना जरूरी है। यहां 3 से 4 साल के 25 बच्चों पर एक शिक्षक और सहायक रखना अनिवार्य है। 31 मार्च को 3 साल या उससे अधिक की उम्र के बच्चों को प्रवेश दिया जाएगा। बच्चा बात करने वाला हो और परिवार से दूर रह सकता हो। प्रवेश के लिए स्कूल के आसपास के बच्चों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इन दिशानिर्देशों में प्ले स्कूल के पाठ्यक्रम के बारे में भी बताया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि स्कूल सोमवार से शुक्रवार पांच दिन का ही होना चाहिए। शनिवार को शिक्षक अगले हफ्ते की तैयारी करें।

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