ताज़ा खबर
 

पड़ोसी देशों के नेताओं का पड़ोसियों जैसा संबंध होना चाहिए : प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पड़ोसी देशों के नेताओं का पड़ोसियों जैसा संबंध होना चाहिए, जो किसी प्रोटोकॉल से बंधे नहीं होते हैं।

Author नई दिल्ली, 10 सितंबर। | September 11, 2018 11:00 AM
प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के बीच अक्सर होने वाली बातचीत में निकटता जाहिर है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि पड़ोसी देशों के नेताओं का पड़ोसियों जैसा संबंध होना चाहिए, जो किसी प्रोटोकॉल से बंधे नहीं होते हैं। प्रधानमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए बांग्लादेश में तीन आधारभूत परियोजनाओं का संयुक्त रूप से आरंभ करते हुए यह टिप्पणी की। इन तीनों परियोजनाओं का मोदी, उनकी बांग्लादेशी समकक्ष शेख हसीना, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री बिप्लब देब ने संयुक्त रूप से उदघाटन किया। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और उनके बांग्लादेशी समकक्ष भी इस मौके पर उपस्थित थे।

ये परियोजनाएं मौजूदा भरमार (बांग्लादेश)-बहरामपुर (भारत) अंतरसंपर्क के जरिए भारत से बांग्लादेश को 500 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली आपूर्ति, अखौरा-अगरतला रेल लिंक और बांग्लादेश रेलवे के कुलौरा – शाहबाजपुर खंड के पुनरूद्धार की हैं। मोदी ने याद किया कि उन्होंने काठमांडो में बिमस्टेक, शांति निकेतन और लंदन में राष्ट्रमंडल सम्मेलन सहित हाल के वर्षों में हसीना से कई बार मुलाकात की है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों के नेताओं का पड़ोसियों जैसा संबंध होना चाहिए, बातचीत करना और अक्सर यात्रा करने का, प्रोटोकॉल में पड़े बिना। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के बीच अक्सर होने वाली बातचीत में निकटता जाहिर है।

उन्होंने यह भी कहा कि परियोजनाओं का वीडियो लिंक के जरिए शुभारंभ किया जाता है और फिर ये वीआईपी यात्राओं की टाइमिंग में नहीं फंसती हैं। उन्होंने याद किया कि 2015 में उनकी बांग्लादेश यात्रा के दौरान यह फैसला किया गया था कि भारत बांग्लादेश को 500 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की आपूर्ति करेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच ट्रांसमिशन संपर्क का इस्तेमाल करते हुए इसे किया जा रहा है। उन्होंने इस काम को पूरा करने में मदद करने के लिए ममता बनर्जी का शुक्रिया अदा किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App