Muzaffarpur girl's sexual harrassment issues raised in lok sabha - मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले पर लोकसभा में हंगामा - Jansatta
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मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले पर लोकसभा में हंगामा, शून्यकाल में कांग्रेस की रंजीता रंजन और राजद के जयप्रकाश नारायण यादव ने मुद्दा उठाया

लोकसभा में सोमवार को मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामला जोरदार ढंग से उठा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि महिलाओं व लड़कियों पर अत्याचार को कोई भी सहन नहीं कर सकता है।

Author नई दिल्ली, 6 अगस्त। | August 7, 2018 6:11 AM
प्रतीकात्मक चित्र

लोकसभा में सोमवार को मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न मामला जोरदार ढंग से उठा। लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि महिलाओं व लड़कियों पर अत्याचार को कोई भी सहन नहीं कर सकता है। साथ ही सरकार से आग्रह किया कि इस मामले की जांच की ठीक तरह से निगरानी हो। शून्यकाल में कांग्रेस की रंजीता रंजन और राजद के जयप्रकाश नारायण यादव ने सदन में इस विषय को उठाया। इस विषय पर शोरशराबे के कारण सदन की कार्यवाही 10 मिनट के लिए साढ़े 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी। साढ़े 12 बजे बैठक दोबारा शुरू होने पर अध्यक्ष ने कहा कि जयप्रकाश नारायण यादव और रंजीता रंजन ने जो विषय उठाया है, वह केवल उनका मामला नहीं है बल्कि यह सभी का विषय है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों पर अत्याचार को कोई भी सहन नहीं कर सकता है। सरकार ने भी इस मामले की सीबीआइ जांच का आदेश दिया है। सुमित्रा महाजन ने कहा कि सदस्यों ने जो विषय उठाया है, उस संदर्भ में वह कहना चाहती हैं कि सीबीआइ सही तरीके से जांच करे और ठीक तरीके से निगरानी हो। वह सरकार से यही आग्रह कर सकती हैं। अध्यक्ष ने कहा कि यह संवेदनशील मामला है और वह निवेदन करती हैं कि इसे गंभीरता से लें। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा कि जयप्रकाश नारायण यादव और रंजीता रंजन ने मुजफ्फरपुर के बर्बर मामले में बच्चियों के साथ अत्याचार के विषय को उठाया है। गृह मंत्री इस विषय पर बयान दे चुके हैं। इसके बाद सीबीआइ की जांच भी चल रही है। उन्होंने कहा कि सीबीआइ जांच निष्पक्ष होगी। सदस्यों ने जो विषय उठाया है, उस विषय को वह गृह मंत्री तक पहुंचा देंगे।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह कार्यवाही स्थगित होने से पहले सदन में उपस्थित थे। हंगामे के बीच सदन की बैठक 10 मिनट के लिए स्थगित किए जाने के दौरान वह सदन से चले गए। इस बारे में सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जब सदस्य इस विषय को उठा रहे थे तब गृह मंत्री जवाब दे सकते थे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब सीबीआइ जांच चल रही है, तब जवाब क्या देंगे। इससे पहले वह बयान दे चुके हैं। शून्यकाल में रोज जवाब नहीं होता है। इस पर कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद और वामदलों के सदस्यों ने सदन से वाकआउट किया।

इससे पहले इस विषय को उठाते हुए कांग्रेस की रंजीता रंजन ने कहा कि मुजफ्फरपुर में जो घटना घटी है, उसके सबूत मिटाने के प्रयास हो रहे हैं। इस बारे में टीआइएसएस की रिपोर्ट दो महीने तक छिपा कर रखी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में एफआइआर दर्ज करने से पहले ही कुछ बालिकाओं को मधुबनी व अन्य जगहों पर शिफ्ट कर दिया गया। मेडिकल रिपोर्ट डेढ़ महीने बाद दी गई। रंजीता रंजन ने आरोप लगाया कि इस मामले की मुख्य गवाह गायब हैं। ऐसे में 14 अन्य संस्थाओं की जांच क्यों नहीं की जा रही है। टीआइएसएस की रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही है। कांग्रेस सदस्य इस बारे में गृह मंत्री से बयान देने की मांग करते हुए आसन के समीप आ गईं। उन्होंने महासचिव के टेबल पर रखे कुछ कागजात गिरा दिए।

राजद के जयप्रकाश नारायण यादव ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले में 39 बच्चियों के साथ दुराचार हुआ है। ऐसे में इस मामले की जांच न्यायालय की निगरानी में हो। बच्चियों को दिल्ली में सुरक्षित स्थान पर ले जाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में मुजरिमों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले प्रश्नकाल शुरू होते ही राजद के यादव और कांग्रेस की रंजीता रंजन ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह मामले को उठाने का प्रयास किया। तब ये दोनों सदस्य लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के आसन के निकट पहुंच गए तब अध्यक्ष ने उनसे शून्यकाल में इस विषय को उठाने को कहा।

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