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लापता विमान मामले में किसी के जीवित बचने की संभावना कम: रक्षा राज्य मंत्री

बंगाल की खाड़ी में पिछले महीने लापता हुए भारतीय वायुसेना के एएन 32 विमान के संबंध में रक्षा राज्य मंत्री ने शुक्रवार लोकसभा में कहा कि घटना के इतने समय बाद विमान पर सवार लोगों में से किसी के जिंदा बचे होने की संभावना बेहद कम है...

Author August 13, 2016 4:07 AM
(File Pic)

बंगाल की खाड़ी में पिछले महीने लापता हुए भारतीय वायुसेना के एएन 32 विमान के संबंध में रक्षा राज्य मंत्री ने शुक्रवार लोकसभा में कहा कि घटना के इतने समय बाद विमान पर सवार लोगों में से किसी के जिंदा बचे होने की संभावना बेहद कम है लेकिन विमान को खोज निकालने के प्रयासों को बंद नहीं किया जाएगा।

रक्षा राज्य मंत्री सुभाष राव भांबरे ने भारतीय वायुसेना के लापता एएन 32 विमान के संबंध में किए गए सवालों के जवाब में लोकसभा में आज प्रश्नकाल के दौरान बताया कि भारतीय वायुसेना का यह विमान 22 जुलाई को चेन्नई से पोर्ट ब्लयेर लौट रहा था, जो सप्ताह में तीन बार कूरियर लेकर जाता था। तमिलनाडु के तांबरम से अंडमान के लिए सुबह साढ़े आठ बजे उड़ान भरने के घंटे भर के भीतर ही विमान राडार से गायब हो गया।
उन्होंने घटना की पृष्ठभूमि और खोजबीन अभियान की पूरी जानकारी देने के साथ ही स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘दुर्भाग्यवश अभी तक लापता विमान के संबंध में कोई ठोस संकेत नहीं मिले हंै।’ विमान एएन 32 पर चालक दल के छह सदस्य और भारतीय वायुसेना के 23 कर्मी सवार थे। विमान पर सवार वायुसेना कर्मियों के जीवित होने की संभावना संबंधी सवाल पर भांबरे ने कहा, ‘इतने दिनों बाद जिंदा रहने की संभावना नहीं है। उनके परिजनों को सूचित किया गया है और अधिकारी नियमित रूप से उनके संपर्क में हैं।’ रक्षा राज्य मंत्री ने हालांकि इसके साथ ही यह भी कहा, ‘जब तक ठोस सबूत नहीं मिलते , खोज अभियान बंद नहीं किया जाएगा।’

रक्षा राज्य मंत्री भांबरे ने लोकसभा के उपाध्यक्ष तथा अन्नाद्रमुक सदस्य एम थंबी दुरै द्वारा एएन 32 विमान में सवार लोगों की स्थिति के बारे में किए गए सवाल के जवाब में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विमान के राडार से गायब होने के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया गया। उन्होंने बताया कि लापता विमान की तलाश में भारतीय वायुसेना ने 898 घंटे की 200 उड़ानें भरी हैं। खोजबीन अभियान में नौसेना के कई विमानों के साथ ही दो डोर्नियर, तीन सीआइ विमानों, तटरक्षक बलों, एक बोमबार्डर को भी लगाया गया। उन्होंने बताया कि इस मार्ग से गुजरने वाले व्यापारिक पोतों और मछुआरा समुदाय से भी अपील की गई है कि यदि उन्हें विमान का मलबा दिखाई दे तो वे सूचित करें।
पनडुब्बी को भी खोजबीन अभियान में लगाया गया है और विमान के लापता होने के संभावित समुद्री इलाके में 30 वस्तुएं तैरती हुई पाई गईंं लेकिन दुर्भाग्यवश वे कोई ‘ठोस’ सबूत नहीं थे।

उन्होंने कहा कि विमान जहां लापता हुआ वहां समु्रद की गहराई करीब साढ़े तीन किलोमीटर है और इतनी गहराई पर पनडुब्बी के लिए भी मलबे का पता लगा पाना मुश्किल होता है। लेकिन उन्होंने साथ ही उम्मीद जाहिर करते हुए कहा कि हिंद महासागर में डेढ़ साल पहले लापता हुए मलेशिया के एमएच 370 विमान की तलाश आज तक जारी है। भांबरे ने कहा कि एयर फ्रांस के अटलांटिक में लापता हुए विमान का मलबा दो साल बाद मिला था।

दूसरी ओर रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने इंडियन नेशनल लोकदल के दुष्यंत चौटाला द्वारा किए गए एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि केवल एएन 32 विमान को छोड़कर पिछले 24 महीने में वायुसेना संबंधी हादसे में किसी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछले साल हादसे का शिकार हुआ डोर्नियर विमान तटरक्षक बल का था। लिखित जवाब में पर्रीकर ने बताया कि 2013-14 में हादसों में वायुसेना ने सात विमान खोए और 2014-15 में दस। 2015-16 में छह विमान और इस वर्ष नौ अगस्त तक चार विमान हादसों का शिकार हुए। उन्होंने कहा कि विमानों का उन्नयन, आधुनिकीकरण एक सतत प्रक्रिया है।

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