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दिल्ली: बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में भीषण आग से 17 लोगों की मौत, फैक्‍ट्री मालिक गिरफ्तार

शनिवार को बवाना औद्योगिक इलाके के ही सेक्टर-एक और सेक्टर-तीन में भी आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं हुईं, हालांकि यहां जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। इन फैक्टरियों में प्लास्टिक का सामान बनता था।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

बाहरी दिल्ली के बवाना औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर पांच की एक पटाखा फैक्टरी में शनिवार शाम लगी भीषण आग में 17 लोगों की मौत हो गई और तीन लोग बुरी तरह से झुलस गए। मरने वालों में दस महिला कामगार हैं। शनिवार को बवाना औद्योगिक इलाके के ही सेक्टर-एक और सेक्टर-तीन में भी आग लगने की दो अलग-अलग घटनाएं हुईं, हालांकि यहां जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। इन फैक्टरियों में प्लास्टिक का सामान बनता था। सेक्टर-पांच की पटाखा फैक्टरी में लगी आग सबसे भीषण थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है और आरोपी फैक्ट्री मालिक मनोज जैन को भी गिरफ्तार कर लिया है।

आग इतनी भयावह थी कि घंटे भर के अंदर ही फैक्टरी के बेसमेंट, भूतल और पहली मंजिल में अफरातफरी मच गई। आग ने इस तीन मंजिला बिल्डिंग को देखते ही देखते अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही दिल्ली अग्निशमन के कर्मचारी, पुलिस व एसडीएम मौके पर पहुंचे। रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त रजनीश गुप्ता का कहना है कि शव इतनी बुरी तरह से झुलसे हुए हैं कि इनकी पहचान करने में दिक्कत हो रही है। दिल्ली के उपराज्यपाल ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संबंधित अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बचाव व राहत कार्य के निर्देश दिए।

दिल्ली सरकार ने मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपए और घायलों को 1-1 लाख रुपए का मुआवजा देने की घोषणा की है।घटना की खबर मिलते ही उत्तरी दिल्ली की मेयर प्रीति अग्रवाल भी मौके पर पहुंच गई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर शोक जताया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘बवाना में आग की घटना सुनकर बहुत दुख हुआ। मृतकों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं। जो इस हादसे में घायल हुए हैं, मैं उनके जल्द ठीक होने की कामना करता हूं।’

दिल्ली अग्निशमन विभाग और पुलिस उपायुक्त के मुताबिक शनिवार शाम 6:20 बजे सूचना मिली कि एक पटाखा फैक्टरी में आग लग गई है। बीस दमकलों को मौके पर भेजा गया। उपायुक्त के मुताबिक सेक्टर-पांच में एफ-83 की जिस पटाखा फैक्टरी में आग लगी वहां हालात भयावह थे। फैक्टरी में काम करने वाले मजदूरों में अफरातफरी मच गई। हादसे में 17 मजदूरों की मौत हो गई जबकि तीन की हालत अस्पताल में डाक्टरों ने नाजुक बताई। जिन महिला मजदूरों की मौत हुई है उनमें कुछ नाबालिग भी बताई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जिस वक्त फैक्टरी में आग लगी थी उस समय वहां करीब 50 कर्मचारी काम कर रहे थे।

आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। कुछ लोग आग लगने पर जान बचाने के लिए फैक्टरी की तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए और चोटिल हो गए। दिल्ली पुलिस और दिल्ली अग्निशमन के कर्मियों ने झुलसे लोगों को एंबुलेस की मदद से महर्षि बाल्मीकि अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला।

दिल्ली अग्निशमन की 30 गाड़ियां देर रात तक आग बुझाने में लगी रहीं। शवों को पोस्टमार्टम के लिए रोहिणी के आंबेडकर अस्पताल भेजा गया। पहचान के लिए मृतकों के परिजनों को बुलाया गया है। फैक्टरी मालिक फरार बताया गया है। उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है। फैक्टरी मालिक के पास लाइसेंस था या नहीं, यह जांच भी की जा रही है। शुरुआती जांच में शार्ट सर्किट से आग लगने की बात कही जा रही है जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखों की वजह से आग लगी।

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