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दिल्ली में जुलाई की विदाई में झमाझम बरसेंगे बदरा

देश के अन्य हिस्सों के साथ कदम-ताल की कोशिश में लगा दिल्ली का मानसून अभी भी बारिश की कमी की भरपाई नहीं कर पाया है।

Author नई दिल्ली/जयपुर | July 26, 2017 02:24 am
बिहार में भारी बारिश

बादल, बारिश और धूप की आंख-मिचौली के बीच राजधानी दिल्ली में मंगलवार का मौसम सुहावना बना रहा। देश के अन्य हिस्सों के साथ कदम-ताल की कोशिश में लगा दिल्ली का मानसून अभी भी बारिश की कमी की भरपाई नहीं कर पाया है। भारतीय मौसम विभाग (आइएमडी) का पूर्वानुमान है कि दिल्ली-एनसीआर में जुलाई की विदाई भारी बारिश से होगा। इन दिनों मानसून चंडीगढ़ को छोड़ लगभग पूरे पश्चिमोत्तर और मध्य भारत में सामान्य के दायरे में रही लेकिन देश के पश्चिमी राज्य, राजस्थान और गुजरात भारी बारिश और बाढ़ से तबाही है। पूर्वानुमान है कि अगले 48 घंटे तक यहां राहत के आसार नहीं हैं। असम में तो बाढ़ की स्थिति में सुधार है, लेकिन वहां मरने वालों की संख्या बढ़कर 77 पहुंच गई है। राजस्थान के विभिन्न इलाकों में भी पिछले तीन दिन में भारी बारिश के कारण 17 लोगों की मौत हुई है। हालांकि चंडीगढ़, मणिपुर, नागालैंड, केरल और तमिलनाडु में अल्पवृष्टि है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से मानसून ने मौजूदगी दर्ज की है। पर इधर हर हफ्ते बारिश की फुहार दिल्लीवासियों को मिल रही है। सोमवार देर शाम तेज बारिश होने के बाद मंगलवार को भी कई जगहों पर हल्की तो कुछ जगहों पर थोड़ी-थोड़ी देर के लिए तेज बारिश हुई। नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, बुलंदशहर और दादरी में भी बारिश हुई। आइएमडी के मुताबिक सोमवार सुबह साढ़े आठ से अगले 24 घंटों के दौरान सफदरजंग केंद्र में 3.3 मिमी, पालम में 13.5 मिमी, लोधी रोड में 2.0 मिमी, आयानगर में 1.0 मिमी, मेरठ में 24 मिमी, जाफरपुर में 15.0 मिमी और नजफगढ़ में  3.0 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री कम 32.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया और गर्मी से राहत रही।

आइएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, बुधवार को गरज के साथ हल्की बारिश के आसार हैं, वहीं 28 जून से 30 जुलाई के बीच ज्यादातर जगहों पर अच्छी बारिश के आसार बन रहे हैं। वहीं 29 जुलाई को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। निजी मौसम एजंसी स्काइमेट के मुताबिक मानसून दिल्ली से दक्षिण बिकानेर होते हुए बंगाल की खाड़ी के उत्तरपूर्व की तरफ गुजर रहा है जिस कारण दिल्ली-एनसीआर में नमी से भरी पूरवा हवाएं आ रही हैं और हल्की बारिश हो रही है, लेकिन किसी मजबूत मौसमी तंत्र के अभाव में भारी बारिश नहीं हो सकी। पर 27 जुलाई से मानसून ट्रफ के उत्तर की तरफ बढ़ने से भारी बारिश की अपेक्षा है। 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर के अतिरिक्त जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और राजस्थान में भी बदरा के जमकर बरसने के आसार हैं।

गुजरात और राजस्थान भयंकर बाढ़ की चपेट में है। जिससे अभी राहत के आसार तो नहीं दिख रहे। आईएमडी ने 26 जुलाई को गुजरात क्षेत्र में भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्याधिक बारिश का पूर्वानुमान जताया है। वहीं पूर्वी राजस्थान और सौराष्ट्र व कच्छ में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्व व पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं 27 जुलाई के लिए जारी पूर्वानुमान के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में कुछ एक जगहों पर भारी से बहुत भारी और अत्याधिक बारिश हो सकती है, जबकि सौराष्ट्र व कच्छ में भारी से बहुत भारी का पूर्वानुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और पूर्व उत्तर प्रदेश और गुजरात क्षेत्र में भी भारी बारिश के आसार हैं।

राजस्थान में पिछले दो दिन से हो रही लगातार बारिश के चलते कई जिलों में बाढ़ के हालात बन गए है। सबसे ज्यादा खराब हालात सिरोही, पाली, जालोर जिलों में है। माउंट आबू और बांसवाडा में मंगलवार को भी लगातार तेज वर्षा से हालात बिगडेÞ हुए हैं। प्रदेश में वर्षाजनित हादसों में पिछले तीन दिन में 17 लोगों की मौत की सूचना राज्य मुख्यालय पर पहुंची है। सरकार ने राहत और बचाव कार्य के लिए सेना की मदद भी ली है। सेना के हेलिकॉप्टरों से भी बचाव और राहत के काम किए जा रहे है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे वर्षा के ऐसे ही हालात बने रहने की चेतावनी दी है। प्रदेश के जालोर, सिरोही, पाली, जोधपुर जिलों में वर्षा के कारण बाढ़ के हालात बन गए हैं।
यूं तो आइएमडी के पूर्वानुमान के अनुरूप देश का मानसून औसत रूप से सामान्य चल रहा है और एक जून से 25 जुलाई के बीच 5 फीसद की अधिकता के साथ 415.2 मिमी बारिश दर्ज की जा चुकी है। देश के 24 राज्य/केंशाप्र सामान्य बारिश के दायरे में हैं, वहीं एक अत्याधिक (दादर एवं नागर हवेली), 6 अधिक, 4 कमी और 1 बारिश में अत्याधिक कमी के चपेट में हैं।

राज्य/केंशाप्र फीसद कम या अधिक बारिश दर्ज (मिमी)
गुजरात 57 फीसद अधिक 490.4
राजस्थान 55 फीसद अधिक 264.1
जम्मू-कश्मीर 42 फीसद अधिक 298.7
पंजाब 2 फीसद कम 190.1
हिमाचल प्रदेश 14 फीसद कम 288.9
हरियाणा 3 फीसद अधिक 181.6
दिल्ली 12 फीसद कम 211.3
उत्तराखंड 8 फीसद अधिक 547.8
चंडीगढ़ 50 फीसद कम 173.0
उत्तर प्रदेश 4 फीसद कम 306.7
मध्य प्रदेश 5 फीसद अधिक 383.7

 

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