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मनोज वशिष्ठ एनकाउंटर मामले की सतर्कता जांच का आदेश दिया गया

शहर के एक रेस्तरां में शनिवार की रात को कथित मुठभेड़ में मनोज वशिष्ठ को मार गिराने वाली टीम के नौ पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है। इसके पहले पीड़ित के परिवार ने आशंका जतायी थी...

Author May 20, 2015 9:39 AM
यह तस्वीर राजेंद्र नगर स्थित सागर रत्ना रेस्टोरेंट की है है जहां पुलिस और मनोज वशिष्ठ के बीच मुठभेड़ हुई थी। (एक्सप्रेस फ़ोटो- महेंद्र सिंह मनराल)

शहर के एक रेस्तरां में शनिवार की रात को कथित मुठभेड़ में मनोज वशिष्ठ को मार गिराने वाली टीम के नौ पुलिसकर्मियों का तबादला कर दिया गया है। इसके पहले पीड़ित के परिवार ने आशंका जतायी थी कि वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं।

दिल्ली पुलिस ने अलग से सतर्कता जांच भी शुरू की है जो पहले से चल रही एसआईटी और मजिस्ट्रेट जांच से अलग है। वशिष्ठ की पत्नी प्रियंका और परिवार के अन्य सदस्यों ने दिल्ली पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी से मुलाकात की और मामले में निष्पक्ष जांच किए जाने की मांग की। उन लोगों का आरोप है कि वशिष्ठ फर्जी मुठभेड़ में मारा गया है। इसके बाद यह फैसला किया गया।

अधिकारियों ने बताया कि वशिष्ठ के परिवार के सदस्यों ने पुलिस आयुक्त से मंगलवार सुबह पुलिस मुख्यालय में उनके कार्यालय में मुलाकात की और अपनी शिकायतें बतायीं। बस्सी से उनके साथ सहानुभूति जतायी और मामले में निष्पक्ष जांच कराए जाने का आश्वासन दिया।

इस आश्वासन के बाद वशिष्ठ का परिवार शव का अंतिम संस्कार करने पर सहमत हो गया। इसके पहले उन लोगों ने मुर्दाघर से शव लेने से इंकार कर दिया था।

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने कहा कि परिवार की इस मांग पर कि संबंधित टीम के सदस्यों का तबादला कर दिया जाना चाहिए ताकि वे जांच को प्रभावित नहीं कर सकें, उस टीम के नौ सदस्यों का तबादला कर दिया गया है।। बस्सी ने इस मामले में परिवार के आरोपों की सतर्कता जांच के भी आदेश दिए हैं कि पुलिसकर्मी वशिष्ठ (45) से पैसे ऐंठने का प्रयास कर रहे थे।

इस बीच एसआईटी रेस्तरां में लगे सात सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। यह उन 40 चश्मदीदों के बयान भी दर्ज करेगी जो मुठभेड़ के समय रेस्तरां में मौजूद थे। 40 में से कई लोगों की पहचान कर ली गयी है और उनसे पूछताछ की गयी है।

वशिष्ठ को पकड़ने के लिए सागर रत्ना रेस्तरां में छापा मारने वाली टीम का नेतृत्व कर रहे इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार का तबादला आईजीआई हवाई अड्डा कर दिया गया है। टीम के अन्य सदस्यों में एसआई विवेक सिंह, एसआई भूप सिंह, एचसी संजय पाल सिंह, एचसी अनिल राव, कांस्टेबल जीतेंद्र कुमार, कांस्टेबल अब्दुल अहद खान, कांस्टेबल मोहित सालवे और कांस्टेबल मुनीष सोलंकी शामिल हैं जिनका तबादला किया गया है।

वशिष्ठ धोखाधड़ी और अन्य अपराधों के कई मामलों में वांछित था। शनिवार को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ की नौ सदयीय एक टीम के साथ गोलीबारी में उसे एक गोली लगी थी। उसे पास के एक अस्पताल ले जाया गया जहां उसे मृत लाया गया घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने मुठभेड़ का सीसीटीवी फुटेज कल जारी किया था, जिसमें दिखाया गया है कि दो पुलिसकर्मियों की मनोज वशिष्ठ के साथ हाथापाई होती है। इसके बाद गोली लगने से वह गिर जाता है।

वीडियो फुटेज की खराब गुणवत्ता से दिल्ली पुलिस का यह दावा स्थापित नहीं होता है कि वशिष्ठ ने पहले गोलियां चलायी थीं और पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की थी। वशिष्ठ की प्राथमिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि सिर में गोली लगने से उसकी मौत हुयी।

पुलिस ने दावा किया था कि वशिष्ठ को अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोलियां चलाते देख एक कांस्टेबल ने उस पर गोली चलायी थी, ताकि उसे बेबस किया जा सके।

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