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Signature Bridge: सिसोदिया ने बताया इंजीनियरिंग का करिश्मा, एफिल टावर से की तुलना, जानें क्या हैं खासियतें

575 मीटर लंबे इस पुल पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है ताकि यहां आने वाले पर्यटक इस लम्हें को तस्वीरों में कैद कर सकें।

Author November 4, 2018 6:18 PM
दिल्ली में नवनिर्मित सिग्नेचर ब्रिज (Photo: PTI)

राष्ट्रीय राजधानी में आउटर रिंग रोड को वजीराबाद से जोड़ने वाला भारत का पहला असिमेट्रिकल केबल वाला सिग्नेचर ब्रिज का शुभारंभ रविवार (4 नवंबर) को हो गया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इसका उद्घाटन किया और कहा कि आज से दिल्ली लालकिला, कुतुबमीनार के साथ ही सिग्नेचर ब्रिज के लिए भी जाना जाएगा। सोमवार से इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसे इंजीनियरिंग का करिश्मा बताते हुए पेरिस स्थित एफिल टावर से तुलना की। मनीष सिसोदिया ने कहा कि ब्रिज के उपर से आम लोग को दिल्ली का एक अलग नजारा देखने को मिलेगा। आम लोगों को 50 लोगों की क्षमता वाले चार एलिवेटर की मदद से ब्रिज के टॉप पर ले जाया जाएगा।

दरअसल, संकरे वजीराबाद पुल पर एक दुर्घटना के बाद सिग्नेचर ब्रिज परियोजना को 1997 में मंजूरी मिली थी। एक स्कूली बस के यमुना नदी में गिर जाने से 22 बच्चे मारे गए थे। 2004 में ये प्रोजेक्ट शुरू हुआ था। अपर्याप्त धन के कारण इस पुल के निर्माण में इतने सालों की देरी हुई। यहां तक कि परियोजना की लागत 1,100 रुपये से बढ़कर 1,575 करोड़ रुपये हो गई। लेकिन अब 14 साल बाद इसका उद्घाटन हुआ है। आज हम आपको इस पुल की कुछ खासियत बता रहे हैं।

* इस ब्रिज पर 154 मीटर की ऊंचाई पर ग्लास का बॉक्स बनाया जा रहा है, जिसकी ऊंचाई कुतुब मीनार से दोगुनी है।
* ब्रिज पर 19 स्टे केबल्स हैं, जो बूमरैंग शेप में हैं।
* 50 लोगों की क्षमता वाले चार एलिवेटर की मदद से लोगों को ब्रिज के टॉप पर ले जाया जाएगा। उम्मीद है कि इस बॉक्स को फरवरी माह तक आम लोगों के लिए खोला जाएगा।
* 575 मीटर लंबे इस पुल पर सेल्फी प्वाइंट भी बनाया गया है ताकि यहां आने वाले पर्यटक इस लम्हें को तस्वीरों में कैद कर सकें।
* इस ब्रिज के शुरू होने से दिल्ली के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के लोगों को यातायात सुविधा में राहत मिलेगी। 45 मिनट का सफर 10 मिनट में पूरा होगा।
* कश्मीरी गेट पर भी ट्रैफिक से निजात मिलेगी। करनाल से आने वाला ट्रैफिक डायवर्ट होगा।
* दिल्ली से लोनी और गाजियाबाद जाने में समय कम लगेगा। करीब अाधे घंटे का समय बचेगा।

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