31 दिसंबर को आखिरी बार 'मन की बात' करेंगे पीएम मोदी, लोगों से की ये अपील - man ki baat prime minister narendra modi will address to nation last time this year - Jansatta
ताज़ा खबर
 

31 दिसंबर को आखिरी बार ‘मन की बात’ करेंगे पीएम मोदी, लोगों से की ये अपील

अपने आखिरी कार्यक्रम के तहत पीएम ने गुरुवार (21 दिसंबर) को लोगों से उनके विचार देने को कहा जिन्हें वह अपने कार्यक्रम में देशवासियों के बीच साझा कर सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। (PTI/File)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ कार्यक्रम के इस साल आखिरी संस्करण के माध्यम से 31 दिसंबर, 2017 को राष्ट्र को संबोधित करेंगे। अपने आखिरी कार्यक्रम के तहत उन्होंने गुरुवार (21 दिसंबर) को लोगों से उनके विचार देने को कहा जिन्हें वह अपने कार्यक्रम में देशवासियों के बीच साझा कर सकें। इसके लिए पीएम मोदी ने ट्वीट भी किया है। इसमें उन्होंने लिखा है, ‘साल 2017 की ‘मन की बात’ का आखिरी कार्यक्रम साल के आखिरी दिन होगा। कार्यक्रम में लिए आपके इनपुट के लिए उत्सुक। 1800-11-7800 पर फोन कर रिकॉर्ड करें अपना संदेश या फिर माईगोव ओपन फोरम में लिखकर संदेश भेजें।’ एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने लिखा, ”मन की बात’ के लिए आइडिया ‘नरेंद्र मोदी मोबाइल एप’ पर भी साझा किए जा सकते हैं।’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछली बार 38वां ‘मन की बात’ कार्यक्रम में रोहिंग्या, साफ-सफाई, रक्षा मंत्रालय, खेती और खेल के विषय में बात की थी। इस दौरान उन्होंने दिव्यांग भारतीय खिलाड़ियों द्वारा ब्लाइंड टी-20 वर्ल्डकप जीतने पर उनकी सराहना करते हुए देश के युवाओं से खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील भी की थी। कार्यक्रम में तब मोदी ने मध्य प्रदेश में आठ साल के तुषार द्वारा अपने गांव को खुले में शौच से मुक्त कराने पर जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा था कि तुषार रोज सुबह गांव के लोगों को उठाता है और खुले में शौच ना करने के प्रति जागरुक करता है।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने आतंकवाद की गंभीर समस्या पर भी बात की थी। उन्होंने कहा था, ‘कुछ साल पहले दुनिया के कुछ देश आतंकवाद की समस्या को गंभीरता से लेने के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन आज उन्हीं देशों का नजरिया बदला है। उन्होंने इसे एक बड़ी समस्या के रूप में देखना शुरू किया है। हमें आतंकवाद को पराजित करना ही होगा। महात्मा गांधी जैसे नेताओं ने इस दुनिया को शांति का संदेश दिया। इसलिए मानवतावादी शक्तियों का अधिक जागरुक होना जरुरी है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App