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प्रदूषण पर उपराज्यपाल की दिल्ली सरकार को ताकीद,‘सूखी पत्तियां और कचरा जलाने पर लगाएं रोक’,

दिल्ली में बढ़ती प्रदूषण की समस्या के मद्देनजर उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरकार को सूखी पत्तियां और कचरा जलाने जैसी गतिविधियों को सख्ती से रोकने को कहा है।
Author नई दिल्ली | June 13, 2017 02:41 am
अरविंद केजरीवाल और अनिल बैजल।

दिल्ली में बढ़ती प्रदूषण की समस्या के मद्देनजर उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सरकार को सूखी पत्तियां और कचरा जलाने जैसी गतिविधियों को सख्ती से रोकने को कहा है। बैजल की अध्यक्षता में सोमवार को प्रदूषण नियंत्रण के मुद्दे पर हुई बैठक में दिल्ली सरकार की सभी संबद्ध एजंसियों को प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। बैठक के बाद बैजल ने ट्वीट कर बताया कि अधिकारियों को वायु प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए एक साथ कई दिशाओं में कार्रवाई करने को कहा गया है। इसमें कचरे का पुनर्चक्रण विधि से बहुउद्देशीय इस्तेमाल करने की परियोजनाएं लागू करने का काम जारी है।

बैजल ने बैठक में शामिल नगर निगम, शहरी विकास विभाग और लोक निर्माण विभाग सहित अन्य एजंसियों को दिल्ली के तमाम इलाकों में कचरे के पहाड़ों को साफ करने के लिए कहा है। उन्होंने दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या के मद्देनजर लोगों से खुले स्थानों पर सूखी पत्ती और कचरा नहीं जलाने का अनुरोध किया है। साथ ही उन्होंने भवन निर्माताओं से भी निर्माण सामग्री का समुचित निस्तारण करने और निर्माण कार्य के दौरान धूल पर नियंत्रण करने को कहा है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण समिति सहित सभी संबद्ध एजंसियों से प्रदूषण नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चत करने के लिए अन्य विभागों से सामंजस्य बनाने को कहा है। पर्यावरण सचिव ने बताया कि रियल टाइम मॉनिटरिंग स्टेशनों की निविदा की प्रक्रिया पूरी होने के करीब है और यह स्टेशन अक्टूबर 2017 तक काम करने लगेंगे। बैठक में बताया गया कि नई दिल्ली नगर पालिका परिषद के पास सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए पांच मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें हैं जोकि पूरी तरह से कार्य कर रही हैं और नई दिल्ली नगर पालिका परिषद खुद भी मुख्य सड़कों को साफ करने में सक्षम है।

मानसून से पहले सड़कों के बीच में पौधरोपण व उसकी शोधित सीवेज जल से सिंचाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने के बारे में यह बताया गया कि इस संबंध में दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और लोक निर्माण विभाग के बीच एक बैठक हुई, जिसमें आइटीओ पर एक पायलट प्रोजेक्ट चलाने की योजना बनी है। उपराज्यपाल ने इस कार्य के लिए पानी के छिड़काव का सुझाव दिया है। परिवहन आयुक्त ने बताया कि 970 में से 949 प्रदूषण जांच केंद्रों का निरीक्षण किया गया है और अनियमितताओं के आरोप में 178 जांच केंद्रों को नोटिस दिया गया है। परिवहन विभाग ने 14 प्रदूषण जांच केंद्रों को निलंबित किया है और 5 केंद्रों की मान्यता भी रद्द की है।

 

 

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