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जेएनयू छात्र संघ चुनावः इस साल के चुनाव में वाम एकता के साथ एआइएसएफ भी आएगा

दक्षिणपंथी विचारधारा और संघ परिवार से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को बचाने के लिए आगामी छात्र संघ चुनाव में वामपंथी छात्र संगठनों की एकता अधिक बड़े स्तर पर देखने को मिलेगी।

Author नई दिल्ली, 2 सितंबर। | September 3, 2018 3:26 AM
आइसा के छात्र नेता और जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ चुके विजय कुमार ने बताया कि इस चुनाव में परिसर में वामपंथी संगठनों एकता अधिक मजबूत होगी।

दक्षिणपंथी विचारधारा और संघ परिवार से जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) को बचाने के लिए आगामी छात्र संघ चुनाव में वामपंथी छात्र संगठनों की एकता अधिक बड़े स्तर पर देखने को मिलेगी। जेएनयू की सक्रिय छात्र राजनीति में भाग लेने वाले ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआइ) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) ने पिछले साल वाम एकता के तहत चुनाव लड़ा था और सभी सीटें जीती थीं। इस बार के चुनावों में इस वाम एकता में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआइएसएफ) भी शामिल होगा।

आइसा के छात्र नेता और जेएनयू छात्र संघ अध्यक्ष पद पर चुनाव लड़ चुके विजय कुमार ने बताया कि इस चुनाव में परिसर में वामपंथी संगठनों एकता अधिक मजबूत होगी। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तरह आइसा, एसएफआइ और डीएसएफ का गठबंधन बना रहेगा। इसके अलावा 2017 में हम से अलग लड़े संगठन एआइएसएफ को सभी साथ लाने की कोशिशें जारी हैं। विजय ने कहा कि केंद्र में एनडीए सरकार आने के बाद से देश में जिस तरह की घटनाएं बढ़ी हैं उनके खिलाफ हमें परिसर से एक संदेश देना होगा। इसके लिए यह आवश्यक है कि हम परिसर में एक होकर रहें और एबीवीपी को किसी भी तरह का लाभ नहीं होने दें। उनका कहना है कि 4 सितंबर से नामांकन मिलने शुरू होंगे और इस मामले पर हम सभी बैठकर 3 सितंबर तक निर्णय कर लेंगे।

एआइएसएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष वल्ली उल्लाह खादरी का कहना है कि वह इस बार वाम एकता के साथ जेएनयू छात्र संघ चुनाव में उतरने जा रहे हैं। उनके मुताबिक जेएनयू प्रशासन पूरी तरह से केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कुलपति ने संघ के कार्यकर्ताओं को प्रशासन में घुसा दिया है जिसका दुष्प्रभाव हमें विश्वविद्यालय में देखने को मिल रहा है। खादरी ने कहा कि दक्षिणपंथी विचारधारा के खिलाफ हम मजबूती से खड़े होना चाहते हैं। इसीलिए हमने बिना किसी शर्त के साथ वाम एकता के साथ जाने का निर्णय किया है। पिछले साल अकेले लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि तब परिस्थितियां अलग थीं आज की परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं। खादरी ने कहा कि हम एक-दो दिन में अपने फैसले की घोषणा कर देंगे।

स्कूल ऑफ लेंग्वेज (एसएल) वामपंथी संगठनों की कन्वेनर रिपोर्ट गिरने के मामले में विजय ने कहा कि यहां कुछ मतों से ही हमारी हार हुई है। इससे बड़ी वजह यह रही कि मतदान के समय हमारे वरिष्ठ साथी वहां मौजूद नहीं थे और मामला पूरी तरह से हमारे हाथ से निकल गया। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए संदेश भी है कि हमें चीजों को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

कल भरे जाएंगे नामांकन

जेएनयू छात्र संघ चुनाव के लिए मंगलवार को सुबह 9:30 से शाम 5:00 बजे तक नामांकन किया जा सकेगा। बुधवार सुबह 9:00 बजे सही नामांकन भरने वाले उम्मीदवारों की सूची जारी की जाएगी। इसके बाद बुधवार को ही सुबह 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। शाम 3:00 बजे उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की जाएगी।

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