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सामने आया दिल्‍ली यूनिवर्सिटी में हुए प्रदर्शन का वीडियो, दावा- फिर लगे कश्‍मीर की आजादी के नारे

बुधवार को हुई हिंसा में एक प्रोफेसर, 10 पुलिसकर्मी और कई पत्रकार समेत कम से कम 30 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है।

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दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय के उत्‍तरी कैंपस में बुधवार (22 फरवरी) को हुए हिंसक प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि प्रदर्शन के दौरान कश्‍मीर की आजादी के नारे लगाए गए। वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘स्‍टूडेंट्स की आजादी’ और ‘कश्‍मीर की आजादी’ के नारे लगाते दिख रहे हैं। एक पत्रकार ने यह वीडियो ट्वीट किया है, जिसके राजमस कॉलेज के भीतर हुए प्रदर्शन की क्लिप होने का दावा किया गया है। इसमें प्रदर्शनकारी नारा लगाते हैं, ”हम क्‍या चाहते आजादी, कश्‍मीर मांगे आजादी”। बुधवार को हुई हिंसा में एक प्रोफेसर, 10 पुलिसकर्मी और कई पत्रकार समेत कम से कम 30 लोगों के घायल होने की बात सामने आई है। दरअसल रामजस कॉलेज के एक कार्यक्रम में जेएनयू के उमर खालिद और शहला राशीद को बुलाने का एबीवीपी ने विरोध किया था। जिसके बाद बुधवार को एसएफआइ, आइसा समेत विभिन्न छात्र दलों ने विरोध मार्च निकाला, इसी में एबीवीपी कार्यकर्ताओं से उनकी भिड़ंत हो गई और मामला हिंसक हो गया।

आरोप है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं की हुई पत्थरबाजी में अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर प्रशांत मुखर्जी घायल हो गए, जिन्हें हिंदूराव अस्पताल ले जाया गया। झड़प के कारण एक महिला पत्रकार सहित कई छात्रों को चोटें आई हैं। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। घटनास्थल पर मौजूद श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के प्रोफेसर संजय बोहेदार ने आरोप लगाया, ‘एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह से हिंसा की वह ऐसा लग रहा था कि प्रायोजित थी। पुलिस ने एबीवीपी के कुछ लोगों को तो कॉलेज के बाहर रोक लिया लेकिन कुछ को अंदर जाने दिया। उन्होंने छात्रों और शिक्षकों की पिटाई की। मदद मांगने पर पुलिस का रवैया बहुत गैरजिम्मेदाराना था।”

रामजस कॉलेज की साहित्य सोसाइटी ‘वर्डक्राफ्ट’ की ओर से दो दिवसीय सेमिनार ‘प्रदर्शन की संस्कृति’ में उमर खालिद और शहला राशिद को संबोधन के लिए बुलाया गया था। लेकिन यह आमंत्रण एबीवीपी और छात्र संघ के हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद मंगलवार को रद्द कर दिया गया। खालिद उन छात्रों में शामिल हैं जिन पर पिछले साल एक कार्यक्रम में देशविरोधी नारे लगाने का आरोप है।

संसद हमला मामले के दोषी आतंकी अफजल गुरु के समर्थन में जेएनयू में कार्यक्रम आयोजित करने का आरोप उमर खालिद पर था। वहीं शहला राशिद जेएनयू छात्र संघ की पूर्व सदस्य हैं और छात्रों की गिरफ्तारी के विरोध में आंदोलन चलाने में शामिल थीं।

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