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बयान के बाद अलग-थलग पड़े कपिल मिश्रा, पार्टी विधायक- कार्यकर्ता भी खिलाफ दिखे

कुमार-अमानतुल्लाह प्रकरण में कुमार के साथ खड़े दिखाई दिए कपिल को शनिवार मंत्री पद खोना पड़ा, तो रविवार को वह अपने साथियों का साथ खोते नजर आए।

Author नई दिल्ली | Published on: May 8, 2017 3:11 AM
दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा। (FILE PHOTO)

रुबी कुमारी

रविवार को अपनी विस्फोटक बयानबाजी के बाद कपिल मिश्र फिलहाल बिल्कुल अकेले नजर आ रहे हैं। कुमार-अमानतुल्लाह प्रकरण में कुमार के साथ खड़े दिखाई दिए कपिल को शनिवार मंत्री पद खोना पड़ा, तो रविवार को वह अपने साथियों का साथ खोते नजर आए। जैसी अटकलें हैं कि कुमार के कारण कपिल को शायद दिल्ली सचिवालय का बाहर रास्ता दिखाया गया, लेकिन उसके उलट वही कुमार मुख्यमंत्री की वकालत करते दिखे। वहीं पार्टी के विधायकों और कार्यकर्ताओं के बयान भी कपिल मिश्र के खिलाफ रहे।
दिल्ली नगर निगम चुनाव परिणाम के बाद से ही करावल नगर से विधायक और जल आपूर्ति व संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री का पद संभाल रहे कपिल के सुर पार्टी लाइन से हटने लगे थे। चुनाव नतीजों के बाद उन्होंने ईवीएम को एकमात्र कारण न मानकर पार्टी के लिए आत्मचिंतन की जरूरत बताई थी। उनका यह नजरिया पार्टी से मेल नहीं खा रहा था, लेकिन पार्टी के ही एक अन्य वरिष्ठ सदस्य कुमार विश्वास ने उनके सुर में सुर मिलाया। ईवीएम मुद्दे पर मिले सुर अमानतुल्लाह खान प्रकरण के समय भी मिले दिखे और कपिल मिश्र कहीं न कहीं कुमार के साथ खड़े दिखे।

लेकिन रविवार को कपिल के बयान से खुद को आहत बताते हुए कुमार ने कहा कि केजरीवाल का शत्रु भी इस तरह का आरोप नहीं लगा सकता। अमान हों या कपिल पार्टी के तय मानकों के हिसाब से कार्रवाई होगी। आहत कुमार के बयान ने शायद कपिल को उनसे भी ज्यादा आहत किया होगा। कपिल के बयान के बाद से केजरीवाल के नेतृत्व में विश्वास जताने वाले विधायकों के ट्वीट्स की बौछार लग गई। कुछ ने कपिल मिश्र को लताड़ा भी। अमानतुल्लाह-कुमार प्रकरण में कपिल मिश्र के साथ कुमार के पाले में दिख रहीं चांदनी चौक से विधायक अलका लांबा ने ट्वीट कर कहा कि अरविंद केजरीवाल हमारे नेता थे, आज भी हैं और रहेंगे, हम कल भी उनके साथ थे, आज भी उनके साथ हैं और कल भी सच्चाई के साथ रहेंगे। वहीं मालवीय नगर विधायक सोमनाथ भारती ने कहा ‘विनाशकाले विपरित बुद्धि’ जितना मैं जानता हूं अरविंद जी कुछ भी हो सकते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार से इनका गहरा बैर है। इनके पुराने साथी भी इस बात को डंके की चोट पर कहते हैं। भारती को कुमार गुट का बताया जाता है।

द्वारका विधायक आदर्श शास्त्री ने कहा कि अरविंद जी की ईमानदारी, त्याग और संघर्ष से प्रेरणा लेकर हम जैसे लोगों ने इस राजनीतिक आंदोलन को अपनाया है। वह बेदाग हैं और मेरा उनमें पूरा विश्वास है। ये आरोप हमें डरा नहीं सकते। वहीं रोहतास नगर से विधायक सरिता सिंह ने कहा कि कपिल मिश्रा ने झूठ और नीचता की सारी हदें पार कर दीं। डूब मरो कहीं जाके। तुम पर शर्म है। कुमार गुट के ही माने जाने वाले जनकपुरी से विधायक राजेश ऋषी ने रहिश खान के ट्वीट को रीट्वीट किया कि कपिल मिश्रा को या तो अपना अरविंद पर लगाया आरोप साबित करना होगा, नहीं तो कपिल मिश्र को पार्टी से निकालना चाहिए। मटियाला से विधायक गुलाब सिंह ने कहा कपिल जी आपने दांव उल्टा खेल दिया, किसको बेईमान कह दिया यार जो सब कुछ लुटा कर आया है। निजी स्वार्थ के लिए इतना गिरना ठीक नहीं। तो क्या अपने इस सनसनीखेज बयान के बाद कपिल मिश्र न केजरीवाल गुट में रहे, न कुमार गुट में, या फिर कपिल मिश्रा के खिलाफ पार्टी की कार्रवाई और उसके बाद उनका अलग-थलग पड़ना और आगे की कार्रवाई के संकेत पार्टी की इस गुटबाजी को खत्म कर देगी। कहा जा रहा है कि शनिवार को विधायक दल की बैठक में केजरीवाल ने अपने पक्ष में मत जानकर ही कपिल मिश्र के खिलाफ इस कार्रवाई को हरी झंडी दी।

 

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