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अरविंद केजरीवाल के कोपभाजन से बच नहीं पाएंगे कुमार विश्वास: कपिल मिश्रा

कपिल मिश्र ने कहा कि आप के अंदर जो बोलेगा उसे पार्टी से निकाल दिया जाएगा, लेकिन वह निकलेंगे नहीं बल्कि पांच भ्रष्टाचारियों को निकालेंगे।

Author नई दिल्ली | May 23, 2017 01:52 am
पार्टी के वरिष्ठ नेता कुमार विश्वास को मनाने के लिए पार्टी नेतृत्व ने ओखला के विधायक अमानतुल्ला खान को निलंबित तो कर दिया लेकिन उनके समर्थकों का गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर पर प्रदर्शन करना, इस बात की पुष्टि कर रहा है कि विवाद खत्म नहीं हुआ है।

जंतर-मंतर पर पिछले पांच दिनों से अनशन पर बैठी आप कार्यकर्ता सिमरन कौर का अनशन तुड़वाने पहुंचे बागी नेता कपिल मिश्र ने कहा कि कुमार विश्वास भी केजरीवाल के कोपभाजन से बच नहीं पाएंगे। कपिल मिश्र ने बिना नाम लिए कहा कि यह (केजरीवाल) वो दुर्योधन है जो कर्ण को भी मारेगा। उधर आप नेता कुमार विश्वास के पार्टी की एक अहम बैठक से नदारद रहने के बाद पार्टी नेताओं के बीच दूरियां बरकरार रहने की चर्चा का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है। पूर्व मंत्री और आप नेता कपिल मिश्र ने कहा, ह्यकुमार को ये पता होना चाहिए कि ये छोड़ेंगे तो कुमार को भी नहीं, चुप रहेंगे तो भी नहीं छोड़ेंगे। जैसे भीष्म पितामह, द्रोण, कर्ण सब दुर्योधन के साथ खड़े हो गए थे, लेकिन यह वो दुर्योधन है जो कर्ण को भी मारेगा। कुमार विश्वास को अगर लगता है कि वे चुप रहेंगे तो बच जाएंगे, यह गलत है, अगर मैं ये घोटाले सामने नहीं रखता तो कुमार का ही नंबर आना था, ये तो मैं घोटाले खोल रहा हूं तो उन्हें 10-15 दिन की मोहलत मिल गई है। कपिल मिश्र ने कहा कि आप के अंदर जो बोलेगा उसे पार्टी से निकाल दिया जाएगा, लेकिन वह निकलेंगे नहीं बल्कि पांच भ्रष्टाचारियों को निकालेंगे। केजरीवाल की सफाई पर कपिल मिश्र ने कहा कि जेल में तो शीला दीक्षित, कलमाड़ी और रेड्डी भी नहीं हैं, यहां तक कि दाऊद भी नहीं। केजरीवाल के हिसाब से तो कॉमनवेल्थ, 2जी, कोयला कोई घोटाला नहीं हुआ होगा।

वहीं आप की दिल्ली इकाई की पदाधिकारियों की बैठक में पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल सहित सभी वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के बीच कुमार विश्वास की गैरहाजिरी के साथ ही यह चर्चा तेज हो गई कि पार्टी नेताओं के बीच आपसी टकराव को दूर करने के लिए हाल ही में की गई विश्वास बहाली की प्रक्रिया का असर ज्यादा समय तक नहीं टिक सका। पंजाब और गोवा में विधानसभा चुनाव और फिर निगम चुनाव में आप की हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराने की केजरीवाल की दलील पर विश्वास की ओर से असहमति जताए जाने के साथ ही पार्टी नेताओं के बीच आपसी टकराव सतह पर आ गया था। आप के एक नेता के मुताबिक, पार्टी की दिल्ली इकाई के पदाधिकारियों के रविवार को हुए सम्मेलन में विश्वास को भी पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सदस्य के तौर बुलाया गया था। सम्मेलन में सभी प्रमुख नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे, लेकिन विश्वास नहीं आए। पार्टी प्रवक्ता आशुतोष से इस अहम बैठक से विश्वास की गैरमौजूदगी के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सिर्फ इतना ही कहा कि बैठक में विश्वास के अलावा पीएसी के कुछ अन्य सदस्य भी अनुपस्थित रहे। इस बीच सियासी गलियारों में यह चर्चा फिर शुरू हो गई है कि पार्टी नेताओं के बीच मतभेद अभी दूर नहीं हुए हैं।

 

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