ताज़ा खबर
 

कपिल ने विधानसभा अध्यक्ष को कहा ‘धृतराष्ट्र’, मार्शल पकड़कर ले गए बाहर

‘आप’ के बागी विधायक कपिल मिश्र को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मार्शलों ने तीसरी बार सदन से बाहर निकाला।

नई दिल्ली | July 4, 2017 3:36 AM
दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा। (FILE PHOTO)

‘आप’ के बागी विधायक कपिल मिश्र को विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान मार्शलों ने तीसरी बार सदन से बाहर निकाला। सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष ने मार्शलों को उस समय आदेश जारी किया जब कपिल ने नाराज ‘आप’ कार्यकर्ता सिमरन कौर को न्याय न दिए जाने का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष को ‘धृतराष्ट्र’ की संज्ञा दे डाली।  ‘सिमरन को न्याय क्यों नहीं दिया जा रहा, आप हमारे पत्र पर धृतराष्ट्र की तरह क्यों बैठे है,’ कपिल नियम 280 के तहत चर्चा समाप्त होते ही इन सवालों के साथ अपने सीट से उठकर वेल की तरफ गए, तब विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने मार्शलों को उन्हें बाहर निकालने का आदेश दिया। गोयल ने कहा कि यह अफसोस है कि वह बाहर मीडिया में कुछ भी अनापशनाप बोलते हैं और यहां भी कुछ भी बोलते हैं, मुझे कार्रवाई के लिए कदम उठाने पर मजबूर कर रहे हैं’। इसके साथ ही अध्यक्ष ने कपिल के वक्तव्य को रेकॉर्ड में रखने का आदेश दिया। सत्ता पक्ष के विधायकों द्वारा कपिल के एक ट्वीट का जिक्र आने पर अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने भी ट्वीट पढ़ा है। एक ट्वीट में मिश्र ने कहा कि जिन विधायकों ने विधानसभा में महिला को बंद करके मारा पीटा वो दु:शासन नहीं तो क्या? उन्हें बचाने वाला सभापति धृतराष्ट्र नहीं तो क्या?

पिछले हफ्ते कपिल ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखते हुए ‘आप’ कार्यकर्ता सिमरन कौर के लिए न्याय की मांग की थी, कौर का आरोप था कि तीन ‘आप’ विधायकों ने विधानसभा परिसर में उनके साथ दुर्व्यवहार और छेड़खानी की थी। मार्शलों द्वारा सदन से बाहर किए जाने पर कपिल ने कहा कि मैंने सभापति को डायर और धृतराष्ट्र कहा है, सभापति डायर और केजरीवाल कायर है। पुलिस जांच के लिए एफआइआर की अनुमति और सीसीटीवी फुटेज मांग रही है, अध्यक्ष महोदय देने से इनकार कर रहे हैं। एक महिला को विधानसभा के अंदर विधायक बंद करेंगे, बदतमिजी करेंगे, छेड़खानी करेंगे, गालियां देंगे तो बाकी लोगों का क्या हाल होगा। मैं कई दिनों से मांग कर रहा हूं, जांच की अनुमति दी जाए, मुझे खड़े होने से रोक दिया जाता है। आज इसलिए मैं हाथ जोड़कर सभापति महोदय के पास गया और उनसे कहा कि आप धृतराष्ट्र की तरह व्यवहार करना बंद कर दीजिए, आप को आंख खोल कर निष्पक्ष तरीके से व्यवहार करना होगा’। पिछले गुरुवार और शुक्रवार को भी सत्ता पक्ष के विधायकों के साथ बहस के बाद कपिल को मार्शलों द्वारा बाहर निकाल दिया गया था। इसके पहले मई में एक दिन के विशेष सत्र के दौरान भी कपिल मिश्र को उस वक्त सदन से बाहर निकाला गया था जब उन्होंने सदन के अंदर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बैनर लहराया जिसके पास सत्ता पक्ष के विधायकों ने उन्हें घेर लिया और धक्का-मुक्की की स्थिति हो गई।

विशेषाधिकार समिति का हवाला देकर विधायकों को डराया जा रहा : सिरसा भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा और जगदीश प्रधान ने सोमवार को विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल से मुलाकात कर मांग की कि दिल्ली विधानसभा की संवैधानिक समितियों का दुरुपयोग विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए नहीं किया जाए। भाजपा विधायकों ने कहा कि बोलने की आजादी उनका आधारभूत अधिकार है। लेकिन, विपक्ष को डरा धमकाकर, विशेषाधिकार समिति का हवाला देकर दबाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिना किसी विशेष परियोजन के छोटे-छोटे मामले विशेषाधिकार समिति को सौंप दिए जाते हैं। गौरतलब है कि विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान पिछले हफ्ते मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ अध्यक्ष ने विशेषाधिकार समिति को जांच का आदेश जारी किया था। सिरसा और प्रधान ने कहा कि आम आदमी पार्टी विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश छोड़ दे। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष चाहे कितना भी दमन करें वे सदन में और सदन के बाहर जनहित के मामले उठाते रहेंगे।

 

Next Stories
1 किताब में मस्जिद को ध्वनि प्रदूषण फैलान वाले स्त्रोत के रूप में दिखाने पर प्रकाशक ने माफी मांगी
2 मानसून की आमद : कहीं राहत, कहीं आफत
3 दिल्ली मेरी दिल्ली- हमदर्दी की चाहत
ये पढ़ा क्या?
X