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जेएनयू के छात्र ने ‘खुदकुशी’ केस, परिजनों ने की सीबीआइ जांच की मांग

तमिलनाडु के सलेम जिले के रहने वाले कृष्णन ने जेएनयू में प्रवेश से पहले हैदराबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी। उसे रोहित वेमुला का अच्छा दोस्त बताया जाता है।

Author नई दिल्ली | March 15, 2017 7:30 AM
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी साल 2017 में देश के टॉप 10 शिक्षण संस्थाओं में दूसरे नंबर पर रहा । (फाइल फोटो)

जेएनयू के ऐतिहासिक अध्ययन केंद्र के एमफिल के छात्र मुथू कृष्णन (28) ने सोमवार को दक्षिण दिल्ली के मुनीरका में अपने दोस्त के घर पंखे से लटककर जान दे दी। हालांकि तमिलनाडु में रहने वाला उसका परिवार पुलिस की इस बात को स्वीकार करने को तैयार नहीं है कि उसने खुद जान दे दी। परिजनों ने इस घटना की सीबीआइ जांच की मांग की है।
कृष्णन को रजनी कृष के नाम से भी पुकारा जाता था। उसने 10 मार्च को अपने एक फेसबुक पोस्ट में पीएचडी और एमफिल पाठ्यक्रमों में प्रवेश की जेएनयू की संशोधित नीति की कड़ी आलोचना की थी। तमिलनाडु के सलेम जिले के रहने वाले कृष्णन ने जेएनयू में प्रवेश से पहले हैदराबाद विश्वविद्यालय से पढ़ाई की थी। उसे रोहित वेमुला का अच्छा दोस्त बताया जाता है जिसने पिछले साल जनवरी में आत्महत्या कर ली थी और बाद में देशभर में छात्रों ने आंदोलन किया था। वायरल हो चुकी एक फेसबुक पोस्ट में 28 साल के कृष्णन ने प्रशासनिक खंड पर विरोध प्रदर्शनों पर पाबंदी लगाने के जेएनयू के अधिकारियों के आदेश की आलोचना की थी। कृष्णन ने अपनी पोस्ट में लिखा था, एमफिल-पीएचडी में दाखिले में कोई समानता नहीं है, मौखिक परीक्षा में कोई समानता नहीं है, यहां समानता को सिर्फ नकारा जाता है, प्रो सुखदेव थोराट की अनुशंसाओं को नकारना, प्रशासनिक खंड में छात्रों को प्रदर्शन करने का स्थान नहीं देना, वंचितों को शिक्षा नकारना…। जब समानता को नकारा जाता है तो हर बात को नकार दिया जाता है।

उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए एम्स ले जाया गया। एम्स ने आॅटोप्सी के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई है और इस प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करने का निर्देश जारी किया है। छात्र की मौत पर राजधानी के छात्र समुदाय में तीखी प्रतिक्रिया हुई है। चेन्नई से मिली खबर के अनुसार, अन्नाद्रमुक और द्रमुक समेत तमिलनाडु के विभिन्न सियासी दलों ने दलित छात्र की मौत पर चिंता जताते हुए मामले की जांच की मांग की। अन्नाद्रमुक के उप महासचिव टीटीवी दिनाकरन ने कहा कि मुथु कृष्णन की दिल्ली में मौत से पूरे राज्य में ‘सदमे की लहर’ है। हैदराबाद के दिवंगत शोध छात्र रोहित वेमुला के लिए ‘इंसाफ’ के समर्थन में आंदोलन से कृष्णन के जुड़ाव के संदर्भ में दिनाकरन ने कहा, उसके मजबूत होने को देखें तो इस बात पर कड़ा संशय है कि उसने वाकई खुदकुशी की। द्रमुक के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता विपक्ष एम के स्टालिन ने भी कृष्णन की मौत पर चिंता जाहिर की।
राजधानी के मुनीरका विहार में कथित तौर पर आत्महत्या करने वाला मुथू कृष्णन पूर्व में हैदराबाद विश्वविद्यालय का छात्र था। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सोमवार को शाम करीब पांच बजे सूचना के बाद कृष्णन का शव पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल में रखवा दिया गया। शुरुआती जांच में उसके पास से ऐसा कोई सबूत या पत्र नहीं मिला है, जिससे यह कहा जा सकता है कि उसने विश्वविद्यालय में हुए भेदभाव के कारण खुदकुशी की है। अलबत्ता इतना जरूर पता लगा है कि वह पिछले कुछ दिनों से निजी कारणों से परेशान था। इसी परेशानी का पता लगाने के लिए पुलिस ने उसके साथियों को भी जांच में शामिल होने के लिए कहा है।

मुथू कृष्णन ने जेएनयू में शोध करने से पहले उसने हैदराबाद विश्वविद्यालय से एमफिल किया था। जेएनयू छात्र संघ ने आरोप लगाया है कि रोहित को न्याय दिलाने के लिए आंदोलन चलाने के कारण कृष्णन को निशाना बनाया जा रहा था। अवसाद के कारण कृष्णन ने यह कदम उठाया। हालांकि कृष्णन ने कोई सुसाइड़ नोट नहीं छोड़Þा है, लेकिन उसने जेएनयू में प्रवेश के लिए ‘भेदभावपूर्ण’ नीतियों की फेसबुक पर हाल ही में काफी आलोचना की थी और अब उसका यह पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी छाया हुआ है। इसे ही खुदकुशी का कारण मानकर पत्र के रूप में देखा जा रहा है। दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्त ईश्वर सिंह ने कहा कि उसके संबंध (रोहित वेमुला से) पर कोई टिप्पणी करना अभी काफी जल्दबाजी होगा। लेकिन अब तक हम यह जानते हैं कि वह (कृष्णन) जेएनयू में सक्रिय किसी भी राजनीतिक संगठन से जुड़ा नहीं था। उसने न तो जेएनयू प्रशासन से कोई शिकायत की, न ही प्रशासन द्वारा उसके खिलाफ कोई शिकायत की गई थी। छात्र ने खुदकुशी क्यों की, इसकी वजह साफ नहीं हो पाई है और अब तक कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं किया गया है। सिंह ने कहा कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। हमने उसके हॉस्टल के कमरे की तलाशी ली और वहां भी छानबीन की जहां उसका शव मिला था। लेकिन कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। हमने दोनों कमरों को सील कर दिया है। फोरेंसिक टीम फिर से इन कमरों की जांच करेगी। हालांकि पुलिस का कहना है कि प्रथमदृष्टया ऐसा कोई साक्ष्य नहीं हैं जो इस मामले में जेएनयू प्रशासन की भूमिका की ओर इशारा करते होंं। अभी तक कोई सबूत नहीं मिला है कि छात्र ने यह अतिवादी कदम विश्वविद्यालय के साथ किसी मुद्दे के चलते उठाया है। इस बीच जेएनयू प्रशासन इस घटना पर चुप्पी साधे है। प्रशासन का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि वह परिसर में राजनीतिक रूप से सक्रिय किसी भी संगठन का हिस्सा नहीं था। पुलिस ने बताया कि मुथु ने अपने दक्षिण कोरियाई दोस्त के घर फ्लैट नंबर-196 में एक कंबल का इस्तेमाल कर फांसी लगाई थी। मुथु ने फेसबुक पर ‘कृष रजनी’ के नाम से अपना प्रोफाइल बनाया था।

 परिजनों ने की सीबीआइ जांच की मांग

मुथू की मौत की खबर जब उनके पिता के पास सलेम पहुंची तो उन्हें जैसे विश्वास ही नहीं हो रहा। रजनी कृष के नाम से मशहूर मुथु कृष्णन के पिता जीवानंदम का कहना है कि उनका बेटा आत्महत्या कर ही नहीं सकता। बल्कि वह तो परीक्षाओं के बाद घर आने वाला था। सलेम में सिक्योरिटी वॉचमैन का काम करने वाले रजनी के पिता का कहना है कि दो दिन पहले ही उनकी बेटे से बात हुई थी। उसने कहा था कि उसके एग्जाम हैं। उसके बाद वह घर आएगा। सोमवार को उन्हें पता चला कि उसने आत्महत्या कर ली। उन्हें अपने बेटे पर पूरा यकीन है कि वह ऐसा काम नहीं कर सकता। उनका कहना है कि वह कायर नहीं था जो आत्महत्या जैसा कदम उठाए। रजनी के पिता का कहना है कि वह बहुत प्रतिभाशाली छात्र था। वह कभी किसी से उलझता नहीं था। जेएनयू में दाखिला भी उसे अपनी काबिलियत के आधार पर मिला था। पिता का कहना है कि उन्हें बेटे की आत्महत्या वाली बात पर संदेह होता है। उन सबको उम्मीद थी कि वह अपनी पढ़ाई पूरी करके एक अच्छा जीवन बिताएगा।

 

 

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