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जेएनयू की बिरयानी पर राजनीति शुरू, पक्ष में खड़ी हुई जेडीयू, स्वामी बोले-स्टूडेंट्स को भेजो जेल

जनता दल यूनाइटेड का कहना है कि छात्र को किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए लेकिन बिरयानी बनाकर खाने में कुछ भी गलत नहीं है।

Author Updated: November 10, 2017 4:09 PM
नई दिल्‍ली स्थित जवाहर लाल नेहरू विश्‍वविद्यालय का प्रशासनिक भवन। (File PHOTO: Express Archive)

देश के नामी विश्वविद्यालय जेएनयू में छात्र मोहम्मद आमिर मलिक द्वारा बिरयानी बनाकर खाने के मामले ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। बीजेपी सांसद सुब्रहमण्यम स्वामी ने इस छात्र को जेल भेजने की मांग की है। वहीं कांग्रेस नेता शाहजाद पूनावाला का कहना है कि जेएनयू का प्रशासन अब बीजेपी के इशारे पर काम कर रहा है। बीजेपी की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड का कहना है कि छात्र को किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए लेकिन बिरयानी बनाकर खाने में कुछ भी गलत नहीं है। बता दें कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने एम ए के छात्र आमिर मलिक को विश्वविद्यालय के कायदे कानून को तोड़ने का दोषी पाया है और उस पर 6 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। यूनिवर्सिटी की जांच के मुताबिक सेंटर ऑफ अरेबिक एंड अफ्रीकन स्टडीज के छात्र आमिर मलिक ने JNU के प्रशासनिक भवन के सामने बिरयानी बनाई। इसे उसने खुद भी खाया और दूसरे छात्रों को भी खिलाया।

छात्र संगठन एबीवीपी ने कहा कि आमिर मलिक ने विश्वविद्यालय में बीफ बिरयानी बनाई। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी के नेता सुब्रहमण्यम स्वामी छात्र पर कार्रवाई का समर्थन किया है। स्वामी ने कहा है कि छात्र को कानून तोड़ने के लिए जेल भेजा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर उसे खाना ही बनाना है तो उसे किचन में जाना चाहिए और रसोईए का काम सीखना चाहिए। उन्होंने कहा कि जेएनयू के छात्र अपने आपको विशेषाधिकार प्राप्त समझते हैं। इस धारणा को खत्म किये जाने की जरूरत है। बिहार में बीजेपी की सहयोगी जेडीयू ने कहा है कि बिरयानी खाने में कोई बुराई नहीं है। जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि जेएनयू छात्र को किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का हक नहीं है, लेकिन बिरयानी खाना फूड हैबिट है और इसमें कुछ भी गलत नहीं है।

कांग्रेस नेता शाहजाद पूनावाला ने कहा कि जेएनयू के नये वाइस चांसलर बीजेपी के एजेंडे को जेएनयू को लागू कर रहे हैं। पूनावाला ने टाइम्स नाउ से बातचीत में कहा कि वीसी छात्रों को प्रताड़ित करते हैं, उनपर झूठे केस लगाते हैं और और उन्हें राष्ट्र विरोधी साबित करने की कोशिश करते हैं। लेकिन अदालत में विश्वविद्यालय प्रशासन के ये सारे आरोप धड़ाम से गिर जाते हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी को चाहिए की जेएनयू जैसे राष्ट्रीय महत्व की संस्थाओं का माहौल खराब नहीं किया जाए।

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