ताज़ा खबर
 

जेएनयू जांच में हुआ खुलासा: 36 दिन से लापता नजीब अहमद पर एबीवीपी कार्यकर्ता ने किया था हमला

नजीब अहमद विश्वविद्यालय परिसर में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित हाथापाई के एक दिन बाद यानी 15 अक्तूबर से लापता है।

Author नई दिल्ली | Updated: November 20, 2016 6:28 PM
najeeb jnu, najeeb jnu Student, najeeb ahmad case, najeeb ahmad jnu, rajya Sabha najeeb ahmad, najeeb ahmad news, najeeb ahmad latest newsजेएनयू के लापता छात्र नजीब अहमद की मां फातिमा नफीस। (फाइल फोटो)

जेएनयू के प्रॉक्टर की जांच में एबीवीपी कार्यकर्ता विक्रांत कुमार विश्वविद्यालय परिसर में हुए एक हंगामे के दौरान नजीब अहमद पर हमला करने के दोषी पाए गए हैं। इस घटना के बाद नजीब एक महीने से भी अधिक समय से लापता है। उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला नजीब (27) जेएनयू में स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी का छात्र है और वह विश्वविद्यालय परिसर में विक्रांत सहित एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के साथ हुई कथित हाथापाई के एक दिन बाद यानी 15 अक्तूबर से लापता है। जेएनयू ने घंटना के संबंध में प्रॉक्टर की निगरानी में जांच के आदेश दिए थे।

एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, ‘प्रॉक्टर की जांच में विक्रांत कुमार 14 अक्तूबर को आक्रामक व्यवहार के साथ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए नजीब अहमद पर हमला करते पाए गए। यह अनुशासनहीनता और दुराचार है।’ विक्रांत से यह पूछा गया है कि आखिर क्यों उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। बहरहाल, एबीवीपी ने विक्रांत का समर्थन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन पर जांच के दौरान ‘पक्षपात’ करने का आरोप लगाया।

एबीवीपी सदस्य और जेएनयूएसयू के पूर्व सदस्य सौरभ शर्मा ने कहा, ‘इस मामले में प्रॉक्टर ने उन छात्रों के बयान लिए हैं जो वहां मौजूद ही नहीं थे। ना केवल यह जांच पक्षपातपूर्ण है बल्कि प्रशासन ने वाम बहुल छात्रसंघ का साथ दिया है।’

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के छात्रों और अध्यापकों ने नजीब को ढूंढ़ पाने में नाकाम होने पर यूनिवर्सिटी प्रशासन और दिल्ली पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने वाइस चांसलर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को प्रशासनिक इमारत में 20 घंटे के लिए बंदी बना लिया था। इसके बाद जेएनयू छात्र सड़कों पर प्रदर्शन करने उतर आए थे। इस पर दिल्ली पुलिस ने छात्रों सहित नजीब की मां को भी अपनी हिरासत में ले लिया था।

पिछले महीने नजीब को ढूंढ़ने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर आलोक कुमार वर्मा ने गृहमंत्रालय के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया था। एडिशनल डीसीपी-2(दक्षिण) मनिषी चंद्रा के नेतृत्व में बनाई गई यह एसआईटी भी नजीब का पता लगाने में नाकाम रही थी। उसके बाद मामले को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर कर दिया गया था।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 चलती ट्रेन के लेडीज कोच में अकेली बैठी महिला के साथ लूटपाट के बाद रेप
2 आनंद विहार बस अड्डे से मिले 96 लाख रुपए
3 दिल्ली: एटीएम के सॉफ्टवेयर बदलने की रफ्तार बेहद धीमी, लोग हो रहे हैं परेशान
ये पढ़ा क्या?
X