ताज़ा खबर
 

JNU छात्रसंघ चुनाव: AISF ने अध्यक्ष पद जीता, 14 साल बाद ABVP की वापसी

जवाहरलाल नेहरू छात्र संघ चुनाव के आज घोषित चुनाव परिणाम में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने अध्यक्ष पद कब्जा कर लिया है..

नई दिल्ली | Updated: September 13, 2015 12:39 PM
जवाहरलाल नेहरू छात्र संघ चुनाव के आज घोषित चुनाव परिणाम में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने अध्यक्ष पद कब्जा कर लिया है। (प्रतीकात्मक चित्र)

जवाहरलाल नेहरू छात्र संघ चुनाव के आज घोषित चुनाव परिणाम में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) ने अध्यक्ष पद कब्जा कर लिया है। पिछले दो चुनाव में भारी जीत हासिल करने वाली वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) 67 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद का चुनाव हार गयी और उसकी झोली में उपाध्यक्ष और महासचिव के दो पद आए हैं।

कल दिल्ली छात्र संघ चुनाव में सभी सीटों पर कब्जा जमाने वाली भाजपा समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ने 14 साल के अंतराल के बाद जेएनयूएसयू सेन्ट्रल पैनल में वापसी की है और आईसा के प्रत्याशी को 28 मतों के कम अंतर से पराजित कर संयुक्त सचिव का पद हासिल किया है। वाम दबदबे वाले जेएनयू परिसर में, दक्षिणपंथी एबीवीपी सेन्ट्रल पैनल की चार सीटों में से दो उपाध्यक्ष और महासचिव पद के लिए हुई मतगणना में दूसरे स्थान पर रही।

जेएनयूएयू चुनाव के सीईसी प्रवीण थपलियाल ने बताया, ‘‘अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने वाले कन्हैया कुमार को कुल 1029 मत मिले और उन्होंने आईसा के विजय कुमार को पराजित किया जिन्हें 962 मत मिले और वह 67 मतों के अंतर से चुनाव हार गये।’’

उपाध्यक्ष और महासचिव पद पर आईसा प्रत्याशी शेहला राशिद शोरा और रमा नागा को क्रमश: 1387 और 1159 मत मिले और उन्होंने एबीवीपी के प्रत्याशी वलेन्टीना ब्रहमा और देवेन्द्र सिंह राजपूत को पराजित किया।

संयुक्त सचिव का पद जीतने वाले एबीवीपी के सौरभ कुमार शर्मा ने आईसा के हामिद रजा को 27 मतों से पराजित किया।

भाजपा के मौजूदा प्रवक्ता संबित पात्रा ने 2001 में अध्यक्ष पद का चुनाव जीता था और उसके बाद से एबीवीपी यहां एक भी पद नहीं जीत सकी थी। पिछले दो साल से आईसा सभी चारों सीटों पर जीत दर्ज करती आ रही थी।

प्रसिडेंटियल डिबेट में कन्हैया ने कहा था, ‘‘छात्रों को आईसा से निराशा हुयी है क्योंकि इसने अपने वादों को पूरा नहीं किया है। उन्होंने मुख्य रूप से छात्रावासों का जो मुद्दा उठाया था, वह उनके दो बार सत्ता में आने के बाद अभी भी अनसुलझा है।’’

जेएनयू के विभिन्न संकायों से ताल्लुक रखने वाले 31 पार्षदों को भी आज निर्वाचित किया गया। आज परिणाम और नए पैनल की जीत की घोषणा के समय स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (एसआईएस) के सामने छात्र एकत्र हो गये और भगवा और लाल झंडे लहराने लगे।

11 सितंबर को हुये जेएनयूएसयू चुनाव में 53 प्रतिशत छात्रों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। सेन्ट्रल पैनल के लिए कुल 22 और परिषदों के लिए 83 प्रत्याशी मैदान में थे। चुनाव लड़ रहे विभिन्न छात्र संगठनों के प्रत्याशियों ने परिसर की सुरक्षा और बेहतर छात्रावास की सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। अपने संस्थान में जेएनयू भित्तिचित्रों और हाथ से बने पोस्टरों के मुद्दों को भी उठाया गया।

चुनाव लड़ने वाले दलों में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ), अखिल भारतीय विद्यार्र्थी परिषद (एबीवीपी), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई), डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) और बिरसा अंबेडकर फूले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बापसा) शामिल थी।

Next Stories
1 मोदी लोकतंत्र की बात करते हैं, लेकिन किसानों को भूल जाते हैं: राहुल
2 छवि सुधारने की जद्दोजहद में दिल्ली पुलिस
3 बिहार चुनाव: मांझी के अड़ने से अटका सीटों का बंटवारा
ये पढ़ा क्या ?
X