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दिल्ली: पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की पुलिस हिरासत बढ़ी

दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की पुलिस हिरासत यहां की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस के इस दावे के बाद चार दिन के लिए बढ़ा दी कि मामले में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत अभी और तहकीकात की जरूरत है...

Author June 16, 2015 11:41 AM
पुलिस ने जितेंद्र सिंह तोमर को नौ जून को गिरफ्तार किया था। इस दौरान अदालत ने उनकी पुलिस हिरासत की अवधि तीन बार बढ़ाई।

दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की पुलिस हिरासत यहां की एक अदालत ने दिल्ली पुलिस के इस दावे के बाद चार दिन के लिए बढ़ा दी कि मामले में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत अभी और तहकीकात की जरूरत है। इसके साथ ही फर्जी डिग्री मामले में फंसे दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री की मदद से दिल्ली पुलिस जांच का दायरा बढ़ाने में जुटी हुई है।

जांचकर्ताओं ने अदालत से कहा कि कथित फर्जी प्रवास प्रमाणपत्र के बारे में तथ्यों का पता लगाने के लिए तोमर को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय लेकर जाना है। नौ जून को एक फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार 49 वर्षीय तोमर को दो दिन की पुलिस हिरासत खत्म होने के बाद मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट प्रीति परेवा के सामने पेश किया गया और पुलिस ने आठ दिन की हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के प्रवास प्रमाणपत्र में लिखे उनके पते का सत्यापन करने के लिए उन्हें बिहार के मुंगेर भी लेकर जाना है। पुलिस ने दावा किया कि हर बार जब भी वे नई जगह जाते हैं, नए दस्तावेज मिलते हैं इसलिए उन्हें शैक्षणिक प्रमाणपत्रों पर तोमर और विश्वविद्यालय अधिकारियों के हस्ताक्षरों और नमूना हस्ताक्षरों का मिलान करना है।

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अतिरिक्त लोक अभियोजक अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस हिरासत के अंतिम दो दिन महीने का दूसरा शनिवार और रविवार थे और इस दौरान जांच में कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि कालेज बंद था। दिल्ली पुलिस का मानना है कि फर्जी डिग्री दिलाने में बड़ा रैकेट शामिल हो सकता है। इसी के मद्देनजर दिल्ली पुलिस जितेंद्र सिंह तोमर को जांच के लिए एक बार फिर विश्वविद्यालय लेकर जाएगी। इसके अलावा, वह जांच के लिए तोमर को कुछ ऐसे संस्थानों में लेकर जा सकती है, जिन पर लोगों को फर्जी डिग्री देने का शक हो।

फर्जी डिग्री मामले में गिरफ्तार दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस ने सोमवार को तोमर के घर, आॅफिस समेत तीन शिक्षण संस्थानों में जांच की। तोमर के आॅफिस से पुलिस ने लैपटॉप व कंप्यूटर जब्त किया है। जांच में पुलिस को महत्त्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले हैं। सोमवार को फिर एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि तोमर जांच को भटकाने के लिए सवालों के सीधे-सीधे जवाब नहीं दे रहे हैं।

सुबह सबसे पहले पुलिस तोमर को लेकर रोहिणी स्थित न्यू यूनिवर्सल इंस्टीट्यूट पहुंची और वहां के रिकॉर्ड खंगाले। वहीं, तोमर के पक्ष की ओर से भी पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई है। मामले में नौ जून को गिरफ्तार किए गए तोमर को उनकी पुलिस हिरासत खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया और जांचकर्ताओं ने यह कहकर उनका रिमांड 8 दिन के लिए बढ़ाए जाने की मांग की। तर्क था कि पूर्व में दिया गया समय ‘पर्याप्त नहीं’ था।

पुलिस ने यह भी कहा कि यह पता लगाने के लिए भी तोमर की पुलिस हिरासत जरूरी है कि फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र हासिल करने में उनके साथ किन लोगों की मिलीभगत थी। इसने अदालत से कहा कि तोमर की ओर से पेश किया गया हर दस्तावेज फर्जी है और यह जांच किए जाने की जरूरत है कि किन लोगों की मिलीभगत से तोमर ने ये दस्तावेज हासिल किए। पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में ‘प्रथम दृष्टया’ भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत भी आरोप लगाए जाने की संभावना है।

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