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कन्हैया कुमार से अलग हुए जयंत जिज्ञासु भी चुनाव मैदान में

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल भी चुनाव मैदान में उतरेगा। छात्र राजद राष्ट्रीय जनता दल की छात्र इकाई है और पहली बार किसी विश्वविद्यालय परिसर में चुनाव लड़ने जा रही है।

Author नई दिल्ली, 3 सितंबर। | September 4, 2018 9:47 AM
सामाजिक विज्ञान संस्थान (एसएसएस) से पीएचडी कर रहे जयंत ने बताया कि अभी हमने अध्यक्ष पद के लिए ही उम्मीदवार तय किया है।

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल भी चुनाव मैदान में उतरेगा। छात्र राजद राष्ट्रीय जनता दल की छात्र इकाई है और पहली बार किसी विश्वविद्यालय परिसर में चुनाव लड़ने जा रही है। छात्र राजद की ओर से अध्यक्ष पद पर पूर्व एआइएसएफ नेता और पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार के दोस्त रहे जयंत जिज्ञासु चुनाव लड़ेंगे। सामाजिक विज्ञान संस्थान (एसएसएस) से पीएचडी कर रहे जयंत ने बताया कि अभी हमने अध्यक्ष पद के लिए ही उम्मीदवार तय किया है। अभी अन्य साथियों से बातचीत जारी है जिसके बाद अन्य पदों के लिए उम्मीदवारी तय की जा सकती है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सभी विश्वविद्यालय परिसरों से सामाजिक न्याय पूरी तरह से गायब है। इसके अलावा दाखिलों में आरक्षण का घालमेल हो रहा है। हर स्तर पर सीटें कम हो रही हैं। धर्म निरपेक्षता पर हमला हो रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर हम चुनाव में उतरेंगे। उन्होंने बताया कि जेएनयू पीएचडी-एमफिल की सीटें कम कर दी गर्इं। पहली बात तो अगर विश्वविद्यालय प्रशासन शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर रहा है तो इसमें विद्यार्थियों की क्या गलती है। दूसरा, मौजूदा शिक्षक जब पढ़ाने के लिए तैयार हैं तो उन्हें पढ़ाने क्यों नहीं दिया जा रहा है।

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एआइएसएफ को छोड़ने के मुद्दे पर जयंत ने कहा कि ऐसे समय में जब पूरा विश्वविद्यालय अनिवार्य उपस्थिति के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा था तो एआइएसएफ के नेता कन्हैया कुमार उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर कर आते हैं। इससे हमारा अभियान तो कमजोर हुआ ही, साथ ही हमें विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी देने पड़े। इन्हीं वजहों से मैंने एआइएसएफ को छोड़ने का निर्णय लिया। जयंत एआइएसएच के जेएनयू में सचिव थे। उन्होंने कन्हैया कुमार पर अवसरवादी होने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अध्यक्ष रहते हुए आरक्षण के प्रस्ताव को यूजीबीएम में नहीं रखने दिया।

एबीवीपी, आइसा और एनएसयूआइ ने तय किए उम्मीदवार

एबीवीपी से ललित पांडेय, आइसा से एनसाई बालाजी और एनएसयूआइ से विकास यादव अध्यक्ष पद के उम्मीदवार होंगे। एबीवीपी के सूत्रों का कहना है कि ललित कुमार पांडेय लंबे समय से संगठन में काम कर रहे हैं। दूसरा उनकी छवि साफ-सुथरी है जिसकी वजह से उन्हें अध्यक्ष पद पर उतारने का फैसला किया गया है। आइसा के सूत्रों का कहना है कि भले ही गठबंधन में सीटों को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है लेकिन आइसा पहले की तरह ही अध्यक्ष पद पर अपना उम्मीदवार उतारेगा। इस पद के लिए एनसाई बालाजी का नाम अंतिम रूप से तय कर लिया गया है। एनएसयूआइ विकास यादव को उतारेगा।

डूसू चुनाव के लिए नामांकन का अंतिम दिन आज

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) चुनाव के लिए नामांकन का मंगलवार को अंतिम दिन है। नामांकन के अंतिम दिन सभी छात्र संगठनों की ओर से अपने संभावित उम्मीदवारों का नामांकन कराया जाएगा। ऐसे में मंगलवार को उत्तरी परिसर पूरी तरह से डूसू के रंग में रंगा दिखाई देगा। डूसू चुनाव में मुख्य मुकाबला भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआइ) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के बीच होता है। हालांकि इस बार आॅल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और छात्र युवा संघर्ष समिति (सीवाइएसएस) का गठबंधन भी मुकाबले में शामिल हैं। डूसू चुनाव में सभी छात्र संगठन नामांकन के अंतिम दिन अपने संभावित उम्मीदवारों का नामांकन कराते हैं। एनएसयूआइ और एबीवीपी हर साल चारों पदों के लिए चार से ज्यादा उम्मीदवारों का नामांकन कराते हैं, जिससे किसी उम्मीदवार का पर्चा रद्द होने पर भी वह पूरा पैनल उतार सके। ऐसे में संभावितों में अपना टिकट पक्का कराने के लिए होड़ लगी रहती है और नामांकन के दौरान सभी संभावित जमकर शक्ति प्रदर्शन करते हैं।

उत्तरी परिसर में रहेगा जाम

डूसू में नामांकन के लिए संभावित उम्मीदवार अंतिम दिन पहुंचेंगे। एक-एक उम्मीदवार के साथ सैकड़ों समर्थक होंगे, जो नारेबाजी करते हुए अपने प्रत्याशी के समर्थन में माहौल बनाते दिखाई देंगे। अपने उम्मीदवार को ऊपर दिखाने के लिए समर्थक उत्तरी परिसर में ही जमे रहेंगे जिसके कारण जाम की स्थिति बनी रह सकती है।

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