IS extremist and associate arrested in hyderabad - आइएस चरमपंथी बासित व उसका सहयोगी गिरफ्तार, दो बार सीरिया भागने की कोशिश कर चुका था अब्दुल्ला - Jansatta
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आइएस चरमपंथी बासित व उसका सहयोगी गिरफ्तार, दो बार सीरिया भागने की कोशिश कर चुका था अब्दुल्ला

बासित को दूसरी बार 2015 में अपने चचेरे भाई सैयद हुसैनी और एक सहयोगी माज हुसैन फारुकी के साथ नागपुर हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया।

Author नई दिल्ली, 12 अगस्त। | August 13, 2018 6:03 AM
पहले भी जेहाद के लिए दो बार सीरिया जाने की कोशिश कर चुके 24 वर्षीय अब्दुल्ला बासित सहित इस्लामिक स्टेट (आइएस) के दो चरमपंथियों को राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने रविवार को हैदराबाद में गिरफ्तार कर लिया।

पहले भी जेहाद के लिए दो बार सीरिया जाने की कोशिश कर चुके 24 वर्षीय अब्दुल्ला बासित सहित इस्लामिक स्टेट (आइएस) के दो चरमपंथियों को राष्ट्रीय जांच एजंसी (एनआइए) ने रविवार को हैदराबाद में गिरफ्तार कर लिया। दोनों को 2016 के इस्लामिक स्टेट मॉड्यूल मामले में गिरफ्तार किया गया। दूसरा चरमपंथी 19 साल का अब्दुल कादिर है। एनआइए के अधिकारियों के अनुसार बासित 2014 और 2015 में भी सीरिया जाने की कोशिश कर चुका था पर दोनों बार भागने से पहले ही उसे पकड़ लिया गया था। एलआइए के अनुसार, ये दोनों प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय संगठन की तरफ से आतंकवादी हमले के लिए भारतीय युवकों को कट्टरपंथी बनाने के प्रयास में लिप्त पाए गए।

गिरफ्तार किए गए अब्दुल्ला बासित और मोहम्मद अब्दुल कादिर आइएस की विचारधारा का प्रसार कर आतंकी मॉड्यूल तैयार करने में जुटे थे। इससे पहले एनआइए ने उन आठ युवकों को हिरासत में ले लिया था, जो इन लोगों के बहकावे में आकर अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। बासित और कादिर से पूछताछ की जा रही है। एनआइए के अधिकारियों के अनुसार, हम षड्यंत्रों का ब्योरा जुटा रहे हैं और यह जांच भी कर रहे हैं कि भारत में आतंकवादी हमले कराने में आइएस से जुड़े लोग अपनी जड़ें कितनी गहरी जमा चुके हैं। एनआइए 2016 के इस्लामिक स्टेट मॉड्यूल केस की जांच कर रही है, जिसमें यह आरोप है कि आइएस के सदस्य और उनके गुर्गे आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए मुसलिम युवकों की पहचान, उन्हें कट्टर बनाने और उनकी भर्ती करने के षड़यंत्र में संलिप्त हैं।

शनिवार को जिन दोनों को पकड़ा गया, उनमें से बासित के खिलाफ एक मामले में हैदराबाद पुलिस आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। बताया गया है कि 2016 के आइएस मॉड्यूल केस में गिरफ्तार अदनान हसन के साथ दोनों का संपर्क था। एनआइए ने अपने बयान में बताया कि जांच में पता चला कि बासित का संपर्क अदनान के साथ था और उसके कई साथी आइएस की गतिविधियों को भारत में बढ़ाने के लिए एक साथ साजिश कर रहे थे। बासित पहले भी 2015 में आइएस से जुड़ने के लिए भारत से अफगानिस्तान जाने की योजना बना रहा था। अदनान ने बासित को 2014 में सीरिया भागने की कोशिश में मदद की थी। अदनान को जनवरी 2016 में जम्मू कश्मीर के अजहर अल इस्लाम और मुंबई के निवासी फरहान शेख के साथ दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया था। दुबई में ये तीन आइएस के लिए चरमपंथियों की भर्ती में जुटे थे।

एनआइए ने छह अगस्त को हैदराबाद में सात स्थानों पर छापेमारी कर आठ युवकों को हिरासत में लिया, जो इन दोनों के बहकावे में आकर आइएस में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे। इन लोगों के पास से दस्तावेज, मोबाइल फोन और लैपटॉप जब्त किए गए हैं, जिनमें आइएस से जुड़ी सामग्री और भड़काऊ वीडियो मिले हैं। इन युवकों से पूछताछ चल रही है। बरामद किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। एनआइए के अनुसार बासित को पहली बार बांग्लादेश के रास्ते सीरिया जाने की कोशिश के दौरान पश्चिम बंगाल के मालदा से उस समय पकड़ा गया जब वह सीमापार करने के प्रयास में था। उस समय हैदराबाद पुलिस ने काउंसलिंग के बाद चेतावनी देकर उसे उसके परिजनों को सौंप दिया।

बासित को दूसरी बार 2015 में अपने चचेरे भाई सैयद हुसैनी और एक सहयोगी माज हुसैन फारुकी के साथ नागपुर हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया। ये तीनों श्रीनगर की उड़ान भरने जा रहे थे। इनकी योजना से श्रीनगर से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में दाखिल होने के बाद अफगानिस्तान जाने की थी। इस बार हैदराबाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया लेकिन इस बार भी कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि बासित को मजबूरी में गिरफ्तार करना पड़ा क्योंकि बार-बार चेतावनी देने के बावजूद उसकी गतिविधियों में कोई बदलाव देखने को नहीं मिला। उसकी आनलाइन गतिविधियों से लग रहा था कि वह अपने सहयोगियों के साथ किसी आतंकवादी हमले की योजना बना रहा था। ऐसे में उसकी गतिविधियों की अब और अनदेखी करना संभव नहीं था।

बासितनामा

एनआइए के अनुसार बासित को पहली बार बांग्लादेश के रास्ते सीरिया जाने की कोशिश के दौरान पश्चिम बंगाल के मालदा से पकड़ा गया। उस समय हैदराबाद पुलिस ने काउंसलिंग के बाद चेतावनी देकर उसे उसके परिजनों को सौंप दिया। बासित को दूसरी बार 2015 में अपने चचेरे भाई सैयद हुसैनी और एक सहयोगी माज हुसैन फारुकी के साथ नागपुर हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया। इनकी योजना श्रीनगर से पाक अधिकृत कश्मीर में दाखिल होने के बाद अफगानिस्तान जाने की थी। हैदराबाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया लेकिन कोई आरोपपत्र दाखिल नहीं किया गया।

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