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20 दिन तक ही शादीशुदा रहा ये जोड़ा, लेकिन तलाक लेने में लग गये 20 साल

अदालत में पति ने दिये तर्क में कहा कि अपनी पत्नी की सच्चाई जानकर वो आहत हुआ है और अपनी पत्नी की सच्चाई उसके मस्तिष्क पर ढायी गई क्रूरता के समान है।

चित्र का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

भारत में अदालती कार्यवाही में लेट लतीफी कोई नई बात नहीं है। लेकिन ये लेटलतीफी इतनी लंबी खींच सकती है ये किसी को उम्मीद नहीं थी। जी हां, भारत में मात्र 20 दिन तक शादीशुदा ज़िंदगी गुजारने वाले शख्स को तलाक लेने में लगभग 20 साल लग गये। अंग्रेजी वेबसाइट डेली मेल के मुताबिक अब 53 साल के हो चुके त्रिमूर्ति रामकृष्णन ने 1998 में सुभाषिनी बाला सुब्रमण्यम(49) से 1998 में शादी की थी। इनकी जिंदगी में ऐसा वाकया हुआ कि इन्हें शादी करने के महज 20 दिनों के बाद ही तलाक लेने की नौबत आ गई। लेकिन अदालत से इस कार्यवाही को पूरा होने में 20 साल लग गये। इसी हफ्ते ये अदालती प्रक्रिया पूरी हुई है और दोनों अब आधिकारिक रुप से तलाकशुदा हैं।

दरअसल शादी के 20 दिन बाद ही पुलिस ने त्रिमूर्ति रामकृष्णन की पत्नी बाला सुब्रमण्यम को उंटी से गिरफ्तार कर लिया था। दक्षिण भारत के रीति रिवाजों के मुताबिक शादी के बाद ये जोड़ा मंदिरों के दर्शन के लिए गया था, यहीं से पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया था। बाला सुब्रमण्यम पर धोखाधड़ी का आरोप था। इस घटना से आहत त्रिमूर्ति रामकृष्णन ने अपनी पत्नी से तलाक मांगा और कोर्ट में आवेदन दे दिया। अदालत में पति ने दिये तर्क में कहा कि अपनी पत्नी की सच्चाई जानकर वो आहत हुआ है और अपनी पत्नी की सच्चाई उसके मस्तिष्क पर ढायी गई क्रूरता के समान है। त्रिमूर्ति रामकृष्णन ने कहा कि उसकी पत्नी ने उससे अपनी शैक्षणिक योग्यता भी छिपाई।

वहीं बाला सुब्रमण्यम का कहना है कि उसे इस मामले में उसके पुराने नियोक्ता ने फंसाया है। बाला सुब्रमण्यम ने इस तलाक के केस के खिलाफ अदालत में तर्क दिया कि उसके पति ने शादी के बाद उसे भटकने के लिए छोड़ दिया है। इसी वक्त इस महिला ने एक और खुलासा किया। अपने रिमांड के अंतिम दिन बाला सुब्रमण्यम ने अपने पति को बताया कि वो उसके बच्चे की मां बनने वाली है। इस के बाद इस मुकदमे की सुनवाई दिल्ली में होने लगी। बाला सुब्रमण्यम ने ये भी कहा कि जब वो गर्भवती है और उसे उसके पति की मदद की जरूरत है उसे अकेला छोड़ दिया गया है। इस मुकदमें की सुनवाई लगभग 20 साल तक चली। और अब दोनों को अदालत ने आधिकारिक रुप से तलाकशुदा घोषित किया है। इस बीच बाला सुब्रमण्यम को एक बेटी पैदा हुई, इस बार उसने 94 प्रतिशत नंबरों के साथ 12वीं पास की है। जबकि त्रिमूर्ति रामकृष्णन भारत से बाहर शिफ्ट हो गये हैं।

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