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सेना ने पेश की इंसानियत की मिसाल

पाकिस्तानी बच्चे के माता-पिता ने भारतीय सेना अधिकारियों से बच्चे का शव सौंपने की अपील की थी। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, बीते दिनों पाकिस्तान के गिलगित इलाके का यह बच्चा किशनगंगा नदी में बहकर जम्मू-कश्मीर के गुरेज में पहुंच गया था।

Author नई दिल्ली | July 12, 2019 12:02 AM
बच्चा मूल रूप से पाक अधिकृत कश्मीर के गिलगिट इलाके के अंतर्गत आने वाले मिनिमर्ग इलाके का रहने वाला था। गिलगिट निवासी बच्चे के परिजनों ने सोशल मीडिया पर भी अपील की कि उनके बच्चे का शव सौंप दिया जाए, जिसके बाद भारतीय सेना ने यह फैसला किया कि शव को तत्काल सौंपा जाए।

भारतीय सेना ने प्रोटोकॉल तोड़कर इंसानियत की मिसाल पेश की है। गुरुवार को कश्मीर के बांदीपुरा में सेना ने आठ साल के एक पाकिस्तानी बच्चे का शव उसके परिजनों को सौंप दिया। शव गुरेज के गांव में किशनगंगा नदी से निकाला था। बच्चे की पहचान आबिद शेख के रूप में हुई। भारतीय सेना ने नियंत्रण रेखा पर स्थानीय लोगों की मदद से गिलगित के रहने वाले इस बच्चे का शव पाकिस्तानी अधिकारियों की मौजूदगी में उसके परिजनों को सौंप दिया। बच्चे के शव को पहले प्रोटोकॉल के मुताबिक नियंत्रण रेखा के पास अचौरा गुरेज क्षेत्र से भेजने की तैयारी थी। लेकिन पाकिस्तानी सेना ने बताया कि यह उनका क्षेत्र है और उस रास्ते से शव ले जाने की इजाजत नहीं दी गई। बाद में सेना ने टंडवाल कुपवाड़ा रोड से होते हुए बच्चे के परिवार को शव सौंप दिया।

बच्चे के माता-पिता ने भारतीय अधिकारियों से बच्चे का शव सौंपने की अपील की थी। सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, बीते दिनों पाकिस्तान के गिलगित इलाके का यह बच्चा किशनगंगा नदी में बहकर जम्मू-कश्मीर के गुरेज में पहुंच गया था। गुरेज इलाके में अचौरा गांव के कुछ स्थानीय लोगों ने बच्चे के शव को देखा और गश्त कर रहे सेना के जवानों को इसकी जानकारी दी। भारतीय सेना के जवानों ने शव बाहर निकाला और उसकी पहचान बतौर पाकिस्तानी नागरिक की गई।

नदी के बहाव की दिशा और बच्चे के हुलिए को देखकर यह अंदाजा लगाया गया कि बच्चा पाकिस्तान मूल का है और उसका शव नदी में बहकर भारतीय सीमा में आ गया। भारतीय सेना ने मामले की नजाकत समझते हुए तत्काल हॉट लाइन से इसकी जानकारी पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों को दी। बच्चे की पहचान पुख्ता करने के बाद पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने बच्चे से जुड़ी जानकारी भारतीय सेना से साझा की।

जानकारी मिली कि वह बच्चा मूल रूप से पाक अधिकृत कश्मीर के गिलगिट इलाके के अंतर्गत आने वाले मिनिमर्ग इलाके का रहने वाला था। गिलगिट निवासी बच्चे के परिजनों ने सोशल मीडिया पर भी अपील की कि उनके बच्चे का शव सौंप दिया जाए, जिसके बाद भारतीय सेना ने यह फैसला किया कि शव को तत्काल सौंपा जाए। प्रोटोकॉल की औपचारिकता में न पड़ा जाए। भारतीय सेना ने तय प्रोटोकॉल को दरकिनार करते हुए मानवीयता के आधार पर आठ साल के बच्चे का शव पाकिस्तान को सौंप दिया।

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