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भारत-पाकिस्तान सीमा पर पहली स्मार्ट बाड़बंदी का उद्घाटन आज

गृह मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को भारत-पाक सीमा पर देश की पहली स्मार्ट बाड़बंदी की प्रायोगिक परियोजना की शुरुआत करेंगे। इसके तहत लेजर से लैस अवरोधक बनाए जाएंगे।

Author September 17, 2018 11:06 AM
नए इंतजामों के तहत सीमा की 24 घंटे निगरानी हो सकती है और यह धूलभरी आंधी, तूफान, धुंध या बारिश जैसे विभिन्न मौसमों में भी काम करती है।

गृह मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को भारत-पाक सीमा पर देश की पहली स्मार्ट बाड़बंदी की प्रायोगिक परियोजना की शुरुआत करेंगे। इसके तहत लेजर से लैस अवरोधक बनाए जाएंगे। अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर सीमा पर संवेदनशील क्षेत्रों की चौकसी बढ़ाई जाएगी। इसमें पांच-पांच किलोमीटर के दो खंड होंगे। गृह मंत्रालय के एक आला अधिकारी के मुताबिक, महत्त्वाकांक्षी परियोजना के उद्घाटन के लिए राजनाथ सिंह जम्मू की यात्रा करेंगे। सीमा सुरक्षा बल द्वारा स्मार्ट बाड़बंदी की जा रही है। स्मार्ट बाड़बंदी में निगरानी, संचार और डाटा भंडारण के लिए कई उपकरणों का उपयोग किया जाता है। थर्मल इमेजर, भूमिगत सेंसर, फाइबर ऑप्टिकल सेंसर, रडार और सोनार जैसे सेंसर उपकरण भी स्मार्ट बाड़ में लगाए जाएंगे।

नए इंतजामों के तहत सीमा की 24 घंटे निगरानी हो सकती है और यह धूलभरी आंधी, तूफान, धुंध या बारिश जैसे विभिन्न मौसमों में भी काम करती है। सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक केके शर्मा के मुताबिक, भविष्य में पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत की 2,400 किलोमीटर लंबी सीमा पर ऐसी प्रणाली तैनात की जाएगी। समग्र एकीकृत सीमा प्रबंधन प्रणाली (सीआइबीएमएस) घुसपैठ और अवैध प्रवासन को रोकने के लिए दोनों सीमाओं को पूरी तरह से सील करने के मोदी सरकार के फैसले का हिस्सा है। लेजर बाड़ और अन्य उपकरणों को एकीकृत किया गया है और सीसीटीवी जैसी फीड सीमा सुरक्षा बल चौकी को दी जाएगी ताकि किसी भी घुसपैठ के प्रयास पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। दो जगह बाड़बंदी की जा रही है। एक जगह लगने वाली स्मार्ट बाड़ एक स्लोवेनियाई कंपनी ने विकसित की है। दूसरी बाड़ एक भारतीय कंपनी ने तैयार की है।

अचूक निगरानी

स्मार्ट बाड़बंदी में निगरानी, संचार और डाटा भंडारण के लिए कई उपकरणों का उपयोग किया जाता है। थर्मल इमेजर, भूमिगत सेंसर, फाइबर आॅप्टिकल सेंसर, रडार और सोनार जैसे सेंसर उपकरण भी स्मार्ट बाड़ में लगाए जाएंगे।

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