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इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर अब एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक पहुंचाएगी एयर ट्रेन, 2000 करोड़ रुपये होंगे खर्च

दिल्ली एयरपोर्ट अपने इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से बात करने वाली है। DMRC इस परियोजना की टेक्निकल स्टडी करेगी और इसके लागत का भी आकलन करेगी।

इंदिरा गांधी अंतर्राष्‍ट्रीय हवाई अड्डा।

दुनिया के व्यस्ततम हवाई अड्डों में शुमार दिल्ली के इंदिरा गांधी नेशनल एयरपोर्ट पर जल्द ही एयर ट्रेन चलेगी। इस एयर ट्रेन को आप आईजीआई एयरपोर्ट का खुद का मेट्रो कह सकते हैं। इस मेट्रो की बदौलत यात्रियों को एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक जाने में मदद मिलेगी। अभी टर्मिनल के बीच की दूरी तय करने के लिए बसों का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन इसमें काफी समय लगता है। दुनिया के टॉप हवाई अड्डों जैसे न्यूयॉर्क के जॉनएफकैनेडी एयरपोर्ट, लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट, हॉन्गकॉन्ग और ज्यूरिख में ये सुविधा मुफ़्त में पहले से ही उपलब्ध है। लेकिन हिन्दुस्तान में आईजीआई एयरपोर्ट पहला ऐसा हवाई अ्डडा होगा जिसे ये तमगा हासिल होगा।

अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक आईजीआई एयरपोर्ट का काम संभालने वाली संस्था दिल्ली  इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड  यानी कि DIAL ने टर्मिनल 1, टर्मिनल 2 और टर्मिनल 3 को जोड़ने के लिए एक एकीकृत  मेट्रो लाइन बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में टर्मिनल 4 को जोड़ा जाएगा, लेकिन टर्मिनल 4 का निर्माण अब तक नहीं हो पाया है। सरकारी स्रोतों के मुताबिक टर्मिनल 4 का निर्माण 2020 में शुरू होना था, लेकिन दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए विमानन मंत्रालय ने इसका निर्माण जल्द से जल्द कराने का फैसला किया है।

DIAL अपने इस महात्वाकांक्षी परियोजना के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन से बात करने वाली है। DMRC इस परियोजना की टेक्निकल स्टडी करेगी और इसके लागत का भी आकलन करेगी। इससे पहले DIAL ने इस काम के लिए न्यूयॉर्क की एक फर्म से भी बात की है।

ख़बर के मुताबिक दिल्ली एयरपोर्ट पर 4 प्लेटफॉर्म बनाने की योजना है । इनमें से पहला टर्मिनल एक पर दूसरा एयरोसिटी पर, तीसरा कार्गो टर्मिनल पर और चौथा टर्मिनल 3 और टर्मिनल 2/4 के लिए कॉमन होगा। सूत्रों के मुताबिक इसके लिए 5.5 किलोमीटर लंबी ट्रैक बिछाई जाएगी, जिसमें से 3 किलोमीटर अंडरग्राउंड और  2.5 किलोमीटर ओवरग्राउंड ट्रैक होगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 1500 से 2000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

भारत की अर्थव्यवस्था में तेजी से विकास के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ी है।  साल  2016 में दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल 3 और टर्मिनल 1 और तीन रनवे में 5.5 करोड़ पैसेंजर्स आए और गए। दिल्ली एयरपोर्ट पर ट्रैफिक का ये सिलसिला अभी लगातार बढ़ने वाला है।

 

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