अगर आपका वाहन प्रदूषण परीक्षण में हो गया है फेल, यह पांच चीजें आपको जरूर करनी चाहिए

प्रदूषण नियंत्रण परीक्षण की आवश्‍यकताओं को कई वाहन पूरा नहीं कर पाते हैं, और इसके बहुत से कारक हो सकते हैं। परीक्षण पास नहीं करने वालों में सबसे अधिक पुराने वाहन ही होते हैं, जो जांच पास नहीं कर पाते। नए वाहन बहुत कम ही होते हैं।

अगर आपका वाहन प्रदूषण परीक्षण में हो गया है फेल, यह पांच चीजें आपको जरुर करनी चाहिए (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर)

सर्दियों की शुरुआत होने वाली है और ऐसे में अक्‍सर देखा जाता है कि देश की राजधानी दिल्‍ली में जहरीली हवा की धुंध छा जाती है। जिसे लेकर वाहनों पर कई तरह के नियम लागू हो जाते हैं। माना जाता है कि वाहनों के कारण ही प्रदूषण छाया रहता है। इस कारण भारतीय सड़कों पर चलने वाले वाहनों के लिए प्रदूषण परीक्षण किया जाता है और किसी भी उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। इससे बचने के लिए वाहन को प्रदूषण जांच केंद्र ले जाना ही काफी नहीं होगा, वाहन को भी परीक्षा पास करनी होती है।

प्रदूषण नियंत्रण परीक्षण की आवश्‍यकताओं को कई वाहन पूरा नहीं कर पाते हैं, और इसके बहुत से कारक हो सकते हैं। परीक्षण पास नहीं करने वालों में सबसे अधिक पुराने वाहन ही होते हैं, जो जांच पास नहीं कर पाते। नए वाहन बहुत कम ही होते हैं। वहीं अगर आपका वाहन जांच के दौरान फेल हो गया है तो हम आपको जानकारी देंगे कि क्‍या करना चाहिए और किन चीजों को फॉलों करना चाहिए। इसके लिए आपको चिंता करने की बिल्‍कुल भी जरुरत नहीं है।

ये पांच चीजें करनी चाहिए

  1. वाहनों पर प्रदूषण परीक्षण करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति अक्सर मोटर चालकों को परीक्षण के लिए लौटने से पहले कुछ समय के लिए वाहन चलाने की सलाह देते हैं। कुछ देर तक वाहन चलाना एक त्‍वरित समाधान हो सकता है। क्‍योंकि कुछ देर तक वाहन चलाने के बाद इसके इंजन व पुर्जे गर्म हो जाते हैं, जिससे वाहन सही से चलती है और जांच के दौरान सकारात्‍मक प्रभाव देती है।
  1. यह भी कहा जाता है कि अगर वाहन में किसी तरह की कोई खराबी है तो उसे जांच लें या फिर किसी जानकार मिस्‍त्री से दिखा लें, किसी तरह की समस्‍या होने पर उसे तुरंत ठीक करवा लें। उदाहरण के लिए, एयर इंजेक्शन सिस्टम की पूरी जांच की आवश्यकता हो सकती है क्योंकि यहां एक गलती कार्बन मोनोऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन बढ़ा सकती है।
  2. यह भी सलाह दी जाती है कि एक योग्य टेक्नीशियन से इग्निशन सिस्टम की जांच करा लें, समस्‍या होने पर उसे सही कराएं। स्पार्कप्लग फॉल्ट या गंदे फ्यूल इंजेक्टर जैसे कारक प्रदूषण परीक्षणों में हानिकारक भूमिका निभा सकते हैं।
  3. वाहनों में एक ऑक्सीजन सेंसर होता है जो एग्जॉस्ट गैस में ऑक्सीजन का लेवल चेक करता है। यदि यह काम नहीं कर रहा है जैसा कि इसे करना चाहिए, तो यह उच्च उत्सर्जन स्तर, या इससे भी खराब प्रदूषण उत्‍सर्जित कर सकता है।
  4. कैटेलिटिक कन्वर्टर की जांच करवाएं क्योंकि यहां किसी भी तरह की क्षति का निश्चित रूप से उत्सर्जन स्तरों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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इसके अलावा अगर आपको अपने वाहन को प्रदूषण जांच में पास कराना है तो नियमित सर्विसिंग और अन्य रखरखाव कार्य अच्छी तरह से करना चाहिए। जैसे कि एक वाहन हर समय अनुकूल लेवल पर चलता है और यदि और जब कोई प्रदूषण परीक्षण होता है, तो वह बिना किसी परेशानी के इसे पास करने में सक्षम होता है।

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