ताज़ा खबर
 

संपत्ति को लेकर अपने पिता पर भी कर रखा है मुकदमा

वारदात की जानकारी मिलने के बाद हर कोई यह कहता नजर आ रहा था कि सतीश की हरकत से पूरा परिवार परेशान रहता था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह एक दिन ऐसा कदम उठा लेगा कि दो मामूस बच्चों की सिर से मां का साया उठ जाएगा।

युवती की हत्या, प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स – इंडियन एक्सप्रेस)

निर्भय कुमार पांडेय

रोहिणी जिले के विजय विहार थाना क्षेत्र में सेवानिवृत्त शिक्षक सतीश चौधरी ने शुक्रवार को केवल अपनी सनक और शक की वजह से पत्नी स्नेहलता चौधरी और बहू प्रज्ञा चौधरी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सतीश के पिता का पीतमपुरा इलाके में मकान है। सतीश के पिता ने अपने बाकी बेटों की उसमें हिस्सेदारी दे रखी थी। लेकिन सतीश की हरकतों को देखते हुए उसको मकान में हिस्सेदार नहीं बनाया था। जिसको लेकर सतीश का अपने पिता से काफी गाली-गलौज और झगड़ा होने लगा था। आलम यह हो गया था कि उसने अपने पिता पर ही मुकदमा दर्ज करवा दिया था।

वारदात की जानकारी मिलने के बाद हर कोई यह कहता नजर आ रहा था कि सतीश की हरकत से पूरा परिवार परेशान रहता था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह एक दिन ऐसा कदम उठा लेगा कि दो मामूस बच्चों की सिर से मां का साया उठ जाएगा। सतीश के बड़े बेटे गौरव के एक बेटा और एक बेटी हैं, जो वारदात के समय घर में ही मौजूद थे। वारदात के बाद गौरव-प्रज्ञा का बेटा आर्यन खून से लथपथ दादी के साथ बैठ गया और बात करने की जिद करता रहा।

परिवारवालों ने बताया कि सतीश अपने कमरे में सो रहा था। एक कमरे में उसका छोटा बेटा सौरभ सो रहा था। वहीं, सतीश की पत्नी स्नेहलता और बहू प्रज्ञा और प्रज्ञा का एक साल का बेटा आर्यन और तीन साल की बेटी आरुषी एक अन्य कमरे में सो रहे थे। बताया जा रहा है कि अचानक सतीश उठा और रसोइघर से बड़ा चाकू निकाला और चिल्लाता हुआ वह स्नेहलता के कमरे में घुसा। पहले उसने प्रज्ञा के पेट में चाकू मारा, प्रज्ञा जैसे ही उठी उसने चिल्लाकर खुद को बचाने की कोशिश की तो उसके हाथ में चाकू लग गया। तीसरा चाकू सतीश ने उसके पेट में घोप दिया। स्नहेलता की जब नींद खुली और उसने बचाने की कोशिश की तो उसने उस पर चाकू से कई वार किए। शोर-शराबा सुनकर जब सौरभ अपने कमरे से बाहर निकला और बीच-बचाव की कोशिश की तो सतीश ने उस पर भी चाकू से वार कर दिया। इस दौरान उसके हाथ में चाकू लग गया। सौरभ ने जैसे-तैसे कर सतीश को एक कमरे में बंद कर बाहर से बंद कर दिया।

परिवार वालों ने बताया कि जिस समय फर्श पर पड़ी स्नेहलता को बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल ले जा रहे थे तब सतीश ने बेटे सौरभ से कहा था कि मेरी बहू कैसी है? उसको जल्दी से अस्पताल में भर्ती करा दो। उन्होंने बताया कि स्नेहलता प्रज्ञा को अपनी बेटी की तरह मानती थी। जब भी सतीश उसपर किसी बात को लेकर चिल्लाता था। वह प्रज्ञा को अलग कर लिया करती थी।

प्रज्ञा पर हावी रहता था ससुर सतीश

प्रज्ञा के चाचा बलबीर ने बताया कि करीब पांच साल पहले प्रज्ञा की शादी गौरव से हुई थी। प्रज्ञा को के माता-पिता नहीं होने पर उसी ने अपनी बेटी की तरह उसको पाला और शादी की थी। सतीश प्रज्ञा को छोटी-छोटी बातों पर डांट दिया करता था। वह पिछले कुछ समय से उससे सोने के गहने तक मांग रहा था। प्रज्ञा ने उसकी हरकतों के बारे में कई बार घर पर बताया था।

Next Stories
1 केजरीवाल की दिल्लीवालों को सौगात, 15 जीबी डाटा मिलेगा मुफ्त
2 केजरीवाल ने सामने रखा अगली सरकार का एजंडा
3 दिल्ली के प्रगति मैदान में बनेगा पांच सितारा होटल
ये  पढ़ा क्या?
X