ताज़ा खबर
 

जीएसटी से मिली छूट ने बढ़ाई रक्षाबंधन की रौनक

रक्षाबंधन का त्योहार इस बार दुकानदारों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी खुशखबरी लेकर आया है क्योंकि सरकार ने 12 फीसद वाले जीएसटी की श्रेणी में रखी गई राखियों को जीएसटी से छूट दे दी है।

Author नई दिल्ली, 25 अगस्त। | August 26, 2018 4:33 AM
करीब एक पखवाड़े तक राखी के बाजार में पसीना बहाने वाले दुकानदारों का कहना है कि जीएसटी खत्म करने के फैसले ने उन्हें राहत दी है।

रक्षाबंधन का त्योहार इस बार दुकानदारों के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी खुशखबरी लेकर आया है क्योंकि सरकार ने 12 फीसद वाले जीएसटी की श्रेणी में रखी गई राखियों को जीएसटी से छूट दे दी है। करीब एक पखवाड़े तक राखी के बाजार में पसीना बहाने वाले दुकानदारों का कहना है कि जीएसटी खत्म करने के फैसले ने उन्हें राहत दी है। इसी के कारण शनिवार तक दिल्ली के बाजारों की रौनक बनी रही और देर रात तक राखियां खरीदते नजर आए। लाजपत नगर, सरोजिनी नगर, साउथ एक्स, सदर बाजार, कूचा महाजनी व करोल बाग के बाजार दर्जनों तरह की राखियों से पटे रहे। डिजाइनदार राखियों के लिए लोग दक्षिणी दिल्ली के इन नामचीन बाजारों में पहुंचे तो चांदी की राखियों के लिए लोगों ने कूचा महाजनी और करोल बाग का रुख किया।

दुकानदारों के मुताबिक, उन्होंने 15 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए तक की राखियां बेंची। कन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स के महासचिव प्रवीण खंडेलवाल ने भी इसकी पुष्टि की और कहा कि राखी के कारोबार को जीएसटी से बाहर रखने की मांग पर सरकार का सहमत होना अच्छा कदम साबित हुआ। उन्होंने कहा कि केवल दिल्ली व आसपास ही चार हजार करोड़ से ज्यादा का कारोबार होने के अनुमान है। पुरानी दिल्ली के सदर बाजार थोक मंडी में राखी के कारोबार से जुड़े मोहन क्वात्रा ने बताया कि राखी की बिक्री एक महीने पहले से ही शुरू थी। फैंसी राखियों में टेडी बियर, गुड़िया, डोरी, डोरी, रेशम और डायमंड जड़ित राखियों से बाजार पटे पड़े हैं। बच्चों के लिए भी स्पाइडर मैन, बाल हनुमान और छोटा भीम सरीखे दर्जनों विकल्प उपलब्ध हैं।

स्थानीय कारीगरों ने राखी के लिए डिजाइनर थालियां भी बनाई हैं, जिसमें रोली व अक्षत रखा है। कई लोगों ने सस्ती राखियों के अलावा चंदन की लकड़ी से बने गणेश या रूबी जैसे महंगे पत्थर व फूलों के आकार की राखियां भी खरीदीं। दिल्ली के बाजारों के हिसाब से राखियों के दामों और इनकी बनावट में फर्क है। मसलन खान मार्केट में इस बार ईको फ्रेंडली राखी की धूम रही। यहां की कई दुकान फूलों के बीजों से सजाया गया है। वहीं कूचा महाजनी में सोने और चांदी की राखियां बेंची गर्इं।

मिठाई और मेहंदी के लिए लगी लंबी कतार

रक्षाबंधन को लेकर दक्षिणी दिल्ली के बाजारों में मेहंदी लगाने वाले कलाकार काफी व्यस्त रहे। खासकर लाजपत नगर मार्केट में काफी संख्या में महिलाएं मेहंदी लगवाने पहुंची और उन्हें काफी इंतजार भी करना पड़ा। लाजपत नगर सेंट्रल मार्केट में मेहंदी लगाने वालों ने 200 से लेकर 800 रुपए तक वसूले। इसके साथ ही मिठाई की दुकानों पर भी लोगों की काफी भीड़ नजर आई। मशहूर मिठाई की दुकानों पर लंबी लाइन लगी रही और घेवर व फेनी की बिक्री सबसे ज्यादा हुई। रक्षाबंधन पर मुख्य बाजारों में लोगों की भीड़ के कारण जगह-जगह जाम भी लगा। यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए यातायात पुलिस ने कई बाजारों में बड़े वाहनों पर रोक लगा रखी थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App