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‘बच्चों को दाखिला देने में असमर्थ सरकार उनकी फीस अदा करे’

उन्होंने कहा कि वर्तमान में दिल्ली सरकार 1598 रुपए प्रतिमाह स्कूलों को देने की बात करती है, तब दाखिला देने में असमर्थ सरकार ऐसे ईडब्लूएस के सभी बच्चों को वह राशि दे क्योंकि सभी बच्चों को शिक्षा देना दिल्ली सरकार का दायित्व है।

Author नई दिल्ली | October 5, 2017 4:01 AM
रिक्शा चलाते गरीब बच्चें।

दिल्ली राज्य पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि ईडब्लूएस (आर्थिक रुप से कमजोर वर्ग) श्रेणी में फॉर्म भरने वाले सभी बच्चों को दाखिला मिले या फिर प्रतिमाह फीस दी जाए। एसोसिएशन ने दिल्ली सरकार की ओर से अक्तूबर में भी ईडब्लूएस के दाखिले की तीसरी सूची जारी करने के प्रयास को बच्चों के साथ मजाक बताया है। उन्होंने कहा कि यह अभिभावकों के साथ धोखाधड़ी बताया है। दिल्ली राज्य पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन ने सवाल किया कि जब सभी कक्षाओं में दाखिले बंद हो चुके हैं तो फिर ईडब्लूएस की सीटें कहां से आएंगी। ऐसे में तीसरी सूची जारी करने का औचित्य क्या हैउस पर भी तब जब एक अप्रैल से शुरू सत्र में अर्द्धवार्षिक परीक्षा भी हो चुकी है।

जैन ने सवाल किया कि क्या दिल्ली सरकार अक्तूबर तक ईडब्लूएस की सीटें खाली रखने वाले स्कूलों को एक अप्रैल से अक्तूबर या उसके बाद तक सीटें खाली रखने पर फीस अदायगी करेगी? जैन ने मांग रखी है कि सरकार दाखिले से वंचित ऐसे बच्चों के लिए जिस प्रकार अपने कर्मचारियों के बच्चों की पब्लिक स्कूलों में पढ़ाने पर फीस अदायगी करती है, उसी तरह इन ईडब्लूएस बच्चों की फीस भी हर माह इनके खाते में जमा कराए ताकि ये बच्चे भी फीस देकर अच्छे स्कूलों के सामान्य श्रेणी में दाखिला ले सकें। उन्होंने कहा कि वर्तमान में दिल्ली सरकार 1598 रुपए प्रतिमाह स्कूलों को देने की बात करती है, तब दाखिला देने में असमर्थ सरकार ऐसे ईडब्लूएस के सभी बच्चों को वह राशि दे क्योंकि सभी बच्चों को शिक्षा देना दिल्ली सरकार का दायित्व है। इन मांगों के पूरा न होने पर एसोसिएशन की तरफ से मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के घर और कार्यालय का घेराव करने की चेतावनी दी है।

 

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