ताज़ा खबर
 

‘मैं पढ़ना चाहती हूं, शादी नहीं करना चाहती’

यह गुहार लगाई है 13 वर्षीय रोमन कुमारी ने जो एक साल पहले बिहार से दिल्ली आई लेकिन उसे दिल्ली सरकार के किसी स्कूल में कक्षा आठवीं में दाखिला नहीं मिल रहा है।

Author नई दिल्ली | August 3, 2017 03:09 am
प्रतीकात्मक तस्वीर

‘मैं पढ़ना चाहती हूं, शादी नहीं करना चाहती’..यह गुहार लगाई है 13 वर्षीय रोमन कुमारी ने जो एक साल पहले बिहार से दिल्ली आई लेकिन उसे दिल्ली सरकार के किसी स्कूल में कक्षा आठवीं में दाखिला नहीं मिल रहा है। रोमन कुमारी के इस गुहार को अखिल भारतीय अभिभावक संघ ने बुधवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर पहुंचाया और मामले में दखल की मांग की। दिल्ली सरकार के शिक्षा में क्रांति के दावे और देश में शिक्षा का अधिकार कानून के बावजूद रोमन कुमारी को लिखना पड़ा, ‘मेरा जन्म 2004 में हुआ, मैं गांव से आई हूं, मां की तबीयत खराब होने के कारण दिल्ली आना पड़ा, पापा बहुत व्यस्त रहते हैं, एक छह साल का छोटा भाई है, मैं गांव में सातवीं कक्षा तक पढ़ी हूं, आगे पढ़ना चाहती हूं, मैं शादी नहीं करना चाहती, लेकिन स्कूल में दाखिला नहीं मिल रहा है। मेरी मदद करें’। बिहार के नवादा जिला के ओढ़नपुर से आने वाली रोमन ने यह पत्र अखिल भारतीय अभिभावक संघ तक अपनी मकानमालकिन की मदद से चार दिन पहले पहुंचाया।

दिल्ली के सैनिक फॉर्म में सुरक्षा का काम कर रहे और आंबेडकर नगर के राजू पार्क में परिवार के साथ रह रहे रोमन के पिता अजीत सिंह ने बताया, ‘दो स्कूलों में पिछले एक साल से दाखिले के लिए चक्कर लगा रहे हैं, कभी आधार कार्ड मांगते हैं, तो कभी बिहार से स्थानांतरण प्रमाणपत्र लाने बोलते हैं, लेकिन लड़की का आधार बन नहीं पा रहा हालांकि आवेदन डाला हुआ है, जबकि परिवार में सबका आधार कार्ड है, वहीं स्थानांतरण प्रमाणपत्र लाकर देने के बाद स्कूलों ने उसे महत्त्व नहीं दिया और एफिडेविट मांगी, उसके बाद बैंक खाता खुलवाने बोला, इसी तरह से धक्के खाते-खाते दाखिले का समय निकल गया’। उन्होंने नवादा जिला के पत्थरा इंगलिश स्कूल से सातवीं पास का बिहार के जिला शिक्षा अधीक्षक द्वारा प्रदत स्थानांतरण प्रमाण पत्र भी साझा किया जिसमें लिखा है कि रोमन ने 7 जून 2016 को कक्षा आठवीं में पढ़ते हुए स्कूल छोड़ा, उसका आचरण अच्छा था, उसने सभी देय राशि चुकता कर दिया है और वह अभिभावक की इच्छा से स्कूल छोड़ रही है। अजीत सिंह की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है और प्रतिदिन मात्र 300 रुपए की कमाई है।

अखिल भारतीय अभिभावक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को पत्र लिखकर रोमन के किसी स्थानीय सरकारी स्कूल में दाखिले के लिए हस्तक्षेप करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि रोमन को शिक्षा का अधिकार कानून, 2009, दिल्ली स्कूल शिक्षा अधिनियम, 1973 और संविधान के अनुच्छेद 14,15,21,21-ए,38 और 41 के तहत शिक्षा का मौलिक और मानवीय अधिकार है।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App