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मां ने दो सालों से अपनी ही बेटी को खंडहर में कर रखा था कैद, पुलिस ने बरामद की किशोरी

बच्ची की मां लक्ष्मीनगर में बड़ी बेटी के साथ रह रही थी और छोटी को अपने से दूर पांडवनगर में कैद कर रखा था।

Author नई दिल्ली | Published on: May 8, 2017 3:28 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है। (Representative Image)

पूर्वी दिल्ली के पांडवनगर इलाके में एक मां ने अपनी 15 साल की बेटी को अपने से दूर मलबे में तब्दील एक फ्लैट में दो साल से कैद कर रखा था। इलाके के लोगों को पिछले कुछ दिनों से अक्सर रात में इस फ्लैट से रोने की आवाज सुनाई पड़ रही थी। लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने भी जब खंडहरनुमा बिल्डिंग की तलाशी ली तो तीसरी मंजिल पर एक कमरे में बच्ची को रोते बिलखते देख चौंक गई। आनन-फानन में उसे तुरंत बाहर निकाला गया और अस्पताल में जांच के बाद एक गैर सरकारी संस्था ‘संस्कार आश्रम’ को सौंप दिया गया। उसकी मां को भी चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जिले के पुलिस उपायुक्त ओमवीर सिंह विष्णोई ने बताया कि बच्ची और उसकी मां दोनों तनाव में है। बच्ची का इलाज चल रहा है। उसके बयान के बाद ही सही बात सामने आएगी। बताया जा रहा है कि बच्ची की मां ने उसे लंबे समय से इस फ्लैट में कैद कर रखा था। हालांकि वह उसे रोज खाना खिलाने के लिए यहां आती थी। बताया जा रहा है बच्ची दो साल से इस कमरे में बंद है।

बच्ची की मां लक्ष्मीनगर में बड़ी बेटी के साथ रह रही थी और छोटी को अपने से दूर पांडवनगर में कैद कर रखा था। उसके पिता कहां रहते हैं और क्या काम करते हैं। इसका पता नहीं चल पाया है। पुलिस जब फ्लैट का दरवाजे तोड़कर कमरे तक पहुंची तो उसने घुप अंधेरे में बिस्तर पर लेटी इस बच्ची को बरामद किया। फ्लैट के अंदर इतना कूड़ा था कि बच्ची किसी मलबे के ढेर में समाई हुई सी लग रही थी। पुलिस मलबा हटाते हुए बच्ची तक पहुंची। जहां एक कोने में चारपाई पर लेटी वह सिसकियां ले रही थी। लड़की को उठाने की कोशिश की गई तो वह ठीक से न तो चल पा रही थी और न ही बोल पा रही थी। इसे संयोग ही कहा जाए कि पुलिस की टीम जैसे ही किशोरी को अपने साथ थाने ले जाने लगी तभीबच्ची की मां अपनी बड़ी बेटी के साथ वहां आ गई और पुलिस के सामने बच्ची के बीमार होने की दलील देने लगी। पुलिस और स्थानीय लोगों ने जब बच्ची की मां से इस हालत पर बात की तो उसने कहा कि बच्ची अपनी मर्जी से इस फ्लैट में रह रही है और वो जल्द ही घर को साफ-कराने वाली थी।

पुलिस ने बताया कि लड़की की मां अपने पति से सात साल से अलग अपनी बड़ी बेटी के साथ लक्ष्मीनगर में किराए के मकान में रह रही है। उसने छोटी-बेटी को पिछले काफी समय से अकेले एक फ्लैट में कैद कर रखा था। घर का दरवाजा बाहर से बंद होता था ताकि किसी भी हालत में बच्ची बाहर नहीं निकल सके। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। उपायुक्त का कहना है कि सब कुछ बाद में कानून के मुताबिक होगा, पहले लड़की का इलाज होने दीजिए।

 

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