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Gaurav Tiwari death: कुलधरा और भानगढ़ दोनों घूमकर आए थे गौरव , लेकिन सिर्फ एक जगह ‘भूत’ से टकराए

Gaurav Tiwari को कुलधरा में भूत जैसा कुछ महसूस हुआ था और भानगढ़ में उन्होंने भूत ना होने का दावा किया था।

Gaurav Tiwari, Gaurav Tiwari in kuldhara,Gaurav Tiwari in bhangrah fortGaurav Tiwari की लाश 7 जुलाई को उनके घर के बाथरूम से बरामद हुई। उन्होंने सुसाइड किया था।

भूतों को समझने और बात करने का दावा करने वाले गौरव तिवारी ने गुरुवार (7 जुलाई) को सुसाइड कर लिया। गौरव जिन्होंने पायलट की नौकरी छोड़कर भूतों का पीछा करना शुरू किया था उन्होंने भारत की सबसे मशहूर भूतिया जगहों पर भी ट्रेवल किया था। इसमें कुलधरा गांव और भानगढ़ का किला भी शामिल हैं। दोनों जगहों पर इंडियन पैरानॉर्मल सोसायटी के प्रेजिडेंट गौरव को क्या-क्या दिखा था, जानिए-

कुलधरा गांव का किस्सा: यह गांव पिछले 170 सालों से वीरान पड़ा हैं। कुलधरा(Kuldhara) गाँव के हजारों लोग एक ही रात मे इस गांव को खाली कर के चले गए थे और जाते-जाते श्राप दे गए थे कि यहाँ फिर कभी कोई नहीं बस पायेगा। तब से गाँव वीरान पड़ा हैं। कहा जाता है कि यह गांव रूहानी ताकतों के कब्जे में हैं। टूरिस्ट प्लेस में बदल चुके कुलधरा गांव घूमने आने वालों के मुताबिक यहां रहने वाले पालीवाल ब्राह्मणों की आहट आज भी सुनाई देती है। उन्हें वहां हरपल ऐसा अनुभव होता है कि कोई आसपास चल रहा है। बाजार के चहल-पहल की आवाजें आती हैं, महिलाओं के बात करने उनकी चूडिय़ों और पायलों की आवाज हमेशा ही वहां के माहौल को भयावह बनाते हैं। प्रशासन ने इस गांव की सरहद पर एक फाटक बनवा दिया है जिसके पार दिन में तो सैलानी घूमने आते रहते हैं लेकिन रात में इस फाटक को पार करने की कोई हिम्मत नहीं करता हैं।

गौरव तिवारी की टीम ने क्या देखा ?
गौरव यहां पर ‘जी न्यूज’ चैनल के साथ गए थे। उन्होंने वहां पर भूतों के होने का दावा किया था। उनकी टीम ने इलेक्ट्रोनिक उपकरणों से इसका पता लगाया जिसमें कई असामान्य स्थितियां सामने आई। कहीं परछाई नजर आई तो कहीं कुछ आवाजें और तो और टीम की गाडियों पर बच्चों के हाथ के निशान भी दिखाई दिए। मशीन द्वारा उनके नाम भी बोले गए थे। उनके जनरेटर में आग भी लग गई थी।

भानगढ़ किले से जुड़ा किस्सा: यहां भी ऐसी कहानी प्रचलित है कि यह किला और भानगढ़ कस्बा एक शाप के कारण एक रात में ही खंडहर में तब्दील हो गए थे। लोग कहते हैं कि तभी से यहां सिर्फ खंडहर ही बचे हैं और उनमें चलता है भूतों का राज। यहां रात के समय में रुकना कतई मना है। आज तक कोई भी इस जगह पर रात गुजारने की हिमाकत नहीं कर सका। यहां के स्थानीय निवासी बताते हैं कि रात के समय इस किले से तरह तरह की भयानक आवाजें आती हैं। उनका तो यह भी कहना है कि आज तक रात के समय जो भी इस किले के अंदर गया वह वापस नही लौटा।

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गौरव तिवारी की टीम को क्या मिला ?
इस जगह पर गौरव तिवारी की टीम ने भूत ना होने का दावा किया था। गौरव को कुलधरा में पूरी रात ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे भूत होने का एहसास हो। उन्होंने टीम को छोड़कर अकेले के लिए भी कुछ वक्त बिताया था, लेकिन फिर भी कुछ नहीं मिला। गौरव की टीम पूरी रात वहां रुकी थी।

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