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दक्षिण अफ्रीका से आयात के नाम पर 60 लाख की ठगी

आरोपी चार्ल्स नेमिका उर्फ डिवोन 2008 में भारत आया था। जो वीजा खत्म होने के बाद महाराष्ट्र के पालघर जिले में अवैध रूप से रह रहा था।

Author नोएडा | June 12, 2017 4:43 AM
(प्रतीकात्मक फोटो)

नोएडा क्राइम ब्रांच और साइबर सेल ने दक्षिण अफ्रीका की एक फर्जी दाल कंपनी बताकर 60 लाख रुपए की ठगी करने वाले आरोपी को मुबंई से गिरफ्तार किया है। आरोपी चार्ल्स नेमिका उर्फ डिवोन 2008 में भारत आया था। जो वीजा खत्म होने के बाद महाराष्ट्र के पालघर जिले में अवैध रूप से रह रहा था। मामले में वांछित डिवोन के दो अन्य साथी और दक्षिण अफ्रीकी नागरिक फरार हैं। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उनकी भविष्य में दिल्ली-एनसीआर में आयात- निर्यात करने वाली कंपनियों को ठगने की योजना थी। नोएडा पुलिस ने स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) और नाइजीरियन दूतावास को सूचना दी है। एसपी सिटी अरुण कुमार ने बताया कि पकड़े गए अभियुक्त से पूछताछ की जा रही है। इससे बरामद लैपटॉप खंगाला जा रहा है। काफी अहम दस्तावेज मिले हैं। जिनकी जांच की जा रही है।

दिल्ली के गगन विहार निवासी राजकुमार आनंद की सेक्टर-63 के डी ब्लाक में आयात-निर्यात का कारोबार करने वाली सार्इं क्रिएसंश्स नाम की कंपनी है। यह कंपनी मसूर, मूंग, चना आदि दालों का निर्यात 8-10 देशों में करती है। जबकि ज्यादातर आयात चीन से करती है। कारोबार के संबंध में दक्षिण अफ्रीका की एक कंपनी हायका ग्रुप्स ट्रेड लिमिटेड के साथ आनंद की बातचीत हुई। जिसके मालिक स्टीवन रेंमड व मसिंगा के साथ कारोबार शुरू किया। मसूर, मूंग व चना आदि की आपूर्ति के एवज में दक्षिण अफ्रीका की कंपनी ने आनंद से 86500 यूएसडी (भारतीय 60 लाख रुपए) अग्रिम धनराशि (एडवांस) के रूप में जोहानसबर्क के फर्स्ट नेशनल बैंक में ट्रांसफर कराए। साथ ही शिपमेंट बिल, लाइसेंस, बिक्री बिल समेत अन्य दस्तावेज आॅनलाइन भिजवा दिए।

3 मई को मुंबई पोर्ट पर कार्गो से सामान पहुंचना था। तय तारीख पर आनंद सभी दस्तावेज लेकर बंदरगाह पहुंचे। वहां जांच कराने पर सभी दस्तावेज नकली साबित हुए। दस्तावेजों के नकली होने का पता चलने पर आनंद को 60 लाख रुपए की ठगी होने का पता चला। ठगी का पता चलने पर भी आनंद ने दक्षिण अफ्रीका की कंपनी के प्रबंधकों को यह जानकारी नहीं दी। बल्कि बंदरगाह पर दस्तावेजों में कमी होने की बात बताई। इस पर आरोपी डिवोन ने स्काइप ऐप पर विडियो चैट करते हुए 8 लाख रुपए और भेजने को कहा। यह 8 लाख रुपए मुबंई के एक्सिस बैंक शरावनी एंटर प्राइजेज और एक्सिस बैंक सिमरन एंटर प्राइजेस में जमा कराने कहा। आनंद ने 8 लाख रुपए भिजवाने में असमर्थता जताते हुए थाना फेज-3 में शिकायत की। स्थानीय पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच और साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया।

सर्विलांस के जरिए मिली लोकेशन के आधार पर नोएडा की पुलिस टीमों ने तकनीक के जरिए ठगों के फर्जी नाम वाली कंपनियों और आईडी के जरिए जानकारी एकत्रित की। जिसके बाद गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार्ल्स नेमिका उर्फ डिवोन को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वे भारत में टूरिस्ट वीजा (पर्यटक वीजा) पर आते हैं। वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद नालासोपारा जिले पालघर महाराष्ट्र में अनाधिकृत रूप से रह रहे थे। फेसबुक के जरिए उसकी दोस्ती रेंमड नाम के व्यक्ति से हुई थी। रेंमड भारत की बड़ी-बड़ी आयात-निर्यात करने वाली कंपनियों को निशाने पर लेकर ठगी करता था।

 

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