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कश्मीर घाटी में सेना ने चार आतंकियों को मार गिराया

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य अभियानों लगी रोक हटाने के अगले ही दिन सोमवार को सेना ने बांदीपोरा में लश्करे-तैयबा के चार आतंकवादियों को मार गिराया।

Author नई दिल्ली, 18 जून। | June 19, 2018 6:20 AM
तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फोटो सोर्स इंडियन एक्सप्रेस)

जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सैन्य अभियानों लगी रोक हटाने के अगले ही दिन सोमवार को सेना ने बांदीपोरा में लश्करे-तैयबा के चार आतंकवादियों को मार गिराया। बांदीपोरा के पनार वन क्षेत्र में सेना ने नौ जून से आतंकवादियों की घेरेबंदी कर रखी थी। वहां कुल 13 आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली है। सेना और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ सोमवार देर शाम तक जारी रही। बिजबेहरा इलाके में भी कुछ आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना पाकर सेना ने घेराबंदी की है।
इस बीच, कुलगाम जिले में पत्थरबाजी कर रहे युवकों की भीड़ पर सुरक्षाबलों ने कथित तौर पर गोलीबारी की जिससे एक युवक की मौत हो गई जबकि दूसरा अन्य घायल हो गया।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल राकेश कालिया के अनुसार, आतंकवादियों के छिपे होने की सूचना मिलने पर इलाके की घेरेबंदी कर दी गई थी। ये आतंकवादी 44 राष्ट्रीय राइफल्स के एक गश्ती दल पर हमला कर जंगलों में जा छिपे थे। उस हमले में सेना का एक जवान शहीद हो गया था। प्रवक्ता ने बताया, जिस जगह पर मुठभेड़ चल रही है उसके आसपास के इलाकों को सुरक्षा बलों ने पूरी तरह से घेर रखा है। सुरक्षा बल राजधानी श्रीनगर सहित पूरी घाटी में सतर्कता बरत रहे हैं। कई जगह बैरियर लगाकर चेकिंग की जा रही है। आतंकवादियों के खिलाफ इस अभियान में 14 आरआर, (राष्ट्रीय राइफल्स), 22 आरआर, 52 आरआर, 18 आरआर, 28 आरआर, 27 आरआर, 31 आरआर, सेना के तीन पैरा कमांडो और वायुसेना की स्पेशल टीम के कमांडो हिस्सा ले रहे हैं। विशेष कमांडो दस्ते को घेरेबंदी के साथ ही पनार के घने जंगलों में तलाशी के लिए भी लगाया गया है।

जंगलों में 13 आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली है। आतंकवादियों की संख्या अधिक भी हो सकती है। बांदीपोरा के पनार में सुरक्षा बलों का यह पहला अभियान है, जो केंद्र के अभियान पर रोक हटाने के बाद किया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रमजान के मद्देनजर 17 मई को जम्मू-कश्मीर में सैन्य अभियानों पर रोक लगा दी थी। इस दौरान आतंकवादियों की गतिविधियां बढ़ गई थी, जिससे सरकार पर सैन्य बलों ने अभियान पर लगी रोक हटाने का दबाव बना दिया था। रविवार को गृह मंत्रालय ने सैन्य बलों को आतंकवादियों के खिलाफ अभियान दोबारा शुरू करने की छूट दी। इस बीच, दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में आतंकवादियों ने 45 साल के एक व्यक्ति की हत्या कर दी। सोमवार को जिले के केलम में स्थानीय व्यक्ति इकबाल क्वैक के घर में घुसकर तीन आतंकवादियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की। इकबाल उपभोक्ता मामलों और सार्वजनिक वितरण विभाग में कर्मचारी था। कश्मीर में एक हफ्ते के दौरान यह 12 वीं हत्या है।

शहीद औरंगजेब के परिजनों से मिले सेना प्रमुख

सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने सोमवार को शहीद सिपाही औरंगजेब के परिजनों से मुलाकात की। वे जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले स्थित शहीद औरंगजेब के घर गए और उनके परिवार को दिलासा दी। औरंगजेब सेना की राष्ट्रीय राइफल्स के जवान थे। आतंकियों ने पुलवामा से औरंगजेब का अपहरण कर लिया था, जब वे ईद मनाने अपने घर जा रहे थे। इसके बाद 14 जून को उनका गोलियों से छलनी शव बरामद हुआ था। सेना के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जनरल रावत पुंछ जिले के सुदूर सलानी गए और शहीद राइफलमैन के परिवार को इस बात से अवगत कराया कि बल दुख की इस घड़ी में उनके साथ हैं। जनरल रावत दिल्ली से विमान से जम्मू पहुंचे, जहां उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने उनकी अगवानी की। जम्मू से वे अन्य अधिकारियों के साथ पुंछ गए। रावत ने शहीद सैनिक के परिवार से मुलाकात की और औरंगजेब के माता-पिता के साथ 30 मिनट रहे।

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