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पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने ठुकराया ‘आप’ का राज्यसभा सीट वाला ऑफर, केजरीवाल को मिला ये जवाब

दिल्ली से तीन राज्य सभा सांसद मनोनीत होने हैं और अपार बहुमत की वजह से तीनों सीटें आम आदमी पार्टी को तय करनी हैं।

आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (पीटीआई फाइल फोटो)

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने आम आदमी पार्टी (आप) का राज्य सभा भेजने का ऑफर ठुकरा दिया है। मामले में बुधवार (8 नवंबर) को शिकागो यूनिवर्सिटी स्थित उनके ऑफिस ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को देकर कहा, ‘प्रोफेसर राजन शिक्षा क्षेत्र से जुड़े बहुत से कामों में जुड़े हुए हैं। इसलिए उनका शिक्षा क्षेत्र को छोड़ने का कोई इरादा नहीं है।’ इससे पहले आम आदमी पार्टी की तरफ से उन्हें राज्य सभा की सीट ऑफर की गई थी। दिल्ली से तीन राज्य सभा सांसद मनोनीत होने हैं और अपार बहुमत की वजह से तीनों सीटें आम आदमी पार्टी को तय करनी हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार अलग-अलग क्षेत्रो के विशेषज्ञों को राज्य सभा उम्मीदवार बनाने पर गंभीरता से विचार किया गया। इनमें से ऐसा ही एक नाम पूर्व गवर्नर राजन का भी बताया गया। हालांकि राजन के ना कहने पर पार्टी किसे राज्य सभा भेजेंगी इसकी जानकारी नहीं लग सकी है। गौरतलब है जब रघुराम राजन आरबीआई के गवर्नर थे तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे नोटबंदी के लिए विचार मांगा था। वहीं आरबीआई के प्रमुख के रूप में दूसरे कार्यकाल में उनकी रुचि के बावजूद, उनका कार्यकाल प्रधानमंत्री मोदी के शासनकान नहीं बढ़ाया गया।

पार्टी नेता नेता कुमार विश्वास पहले ही खुलकर अपने लिए राज्य सभा सीट मांग चुके हैं। ऐसे में अगर पार्टी बाहर के लोगों को मनोनीत करने का फैसला लेती है, तो उनके लिए भी खुद के लिए दबाव बनाना मुश्किल हो जाएगा। पिछले ही हफ्ते कुमार विश्वास ने आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के कुछ नेता राज्यसभा का टिकट पाने के लिए विधायकों के साथ सांठगांठ कर रहे हैं। कुमार विश्वास इस बात से भी नाराज हैं कि उनको भाजपा का एजेंट कहने वाले विधायक अमानतुल्लाह खान का निलंबन वापस कर लिया गया है।

गौरतलब है कि रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने पद छोड़ने के एक साल बाद नोटबंदी पर अपनी चुप्पी तोड़ी थी। राजन ने अपनी किताब में साफ किया था कि उन्होंने नोटबंदी का समर्थन नहीं किया। क्योंकि उनका मानना था कि इससे अल्पकाल में होने वाला नुकसान लंबी अवधि में इससे होने वाले फायदों पर भारी पड़ेगा। राजन ने अपनी नई किताब ‘आई डू व्हाट आई डू’ में इस बात का ज्रिक विस्तार से किया है। यह आरबीआई गवर्नर के तौर पर विभिन्न मुद्दों पर दिए गए उनके भाषणों का संग्रह है।

 

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