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‘चिंता वाले देशों’ से सीधे संपर्क पर केंद्र ने राज्यों को आगाह किया

केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर चीन, ईरान और अफगानिस्तान जैसे ‘चिंता वाले कुछ देशों’ की एजंसियों से सीधे तौर पर संपर्क रखने को लेकर आगाह किया है।

Author नई दिल्ली, 12 अगस्त। | August 13, 2018 6:30 AM
केंद्रीय गृह मंत्रालय।

केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को आंतरिक सुरक्षा मुद्दों पर चीन, ईरान और अफगानिस्तान जैसे ‘चिंता वाले कुछ देशों’ की एजंसियों से सीधे तौर पर संपर्क रखने को लेकर आगाह किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में इस तरह का कोई भी संवाद उसके मार्फत ही होना चाहिए। सभी मुख्य सचिवों को हाल में भेजे गए पत्र में गृह मंत्रालय ने राज्यों की पुलिस को मंत्रालय से पूर्व सलाह के बगैर चिंता के विषय वाले देशों के संस्थानों या एजंसियों के ऐसे आग्रहों पर विचार न करने या उसे आगे न बढ़ाने को कहा है।

पत्र में कहा गया, ‘गृह मंत्रालय के संज्ञान में आया है कि चिंता के विषय वाले देशों के कुछ विदेशी संस्थान/एजंसियां परस्पर सहयोग, प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, विचारों के आदान-प्रदान आदि के लिए गृह मंत्रालय के माध्यम से निमंत्रण भेजने के बजाय सीधे राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों को निमंत्रण भेज रहे हैं।’ मंत्रालय ने कहा कि वह इस बात को मानता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानून प्रवर्तन संबंधी सहयोग वांछित है। लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के हित के लिहाज से विदेशी संस्थानों या एजंसियों- खासकर चिंता के विषय वाले देशों की संस्थाओं से संपर्क करते समय सजग और जांचा-परखा रवैया अपनाने की जरूरत है।

मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की प्रकृति जैसे फोरेंसिक, विस्फोट, जांच, हथियारों व सुरक्षा उपकरणों की सरकारी खरीद से जुड़े अधिकारियों के प्रशिक्षण आदि के आधार पर सरकार ने केंद्रीय खुफिया एजंसियों की मदद से चिंता के विषयों वाले विभिन्न देशों की पहचान की है। उदाहरण के लिए, आतंरिक सुरक्षा के मामले में चीन, पाकिस्तान और अफगानिस्तान को चिंता का विषय वाले देश माना गया है। अगर कोई राज्य या वहां की पुलिस इन देशों की निजी कंपनियों या सरकारी एजंसियों से सीधे संवाद करती है तो आंतरिक सुरक्षा के लिहाज से यह गंभीर खतरा माना जाता है। इसी तरह, आतंकवाद-रोधी कार्यक्रमों, नकली करंसी, नशीले पदार्थ, मानव तस्करी आदि मामलों में इराक, ईरान, सीरिया, अफगानिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश को चिंता का विषय वाले देश माना गया है। इन देशों से निजी संगठनों की गतिविधियों को लेकर भी गृह मंत्रालय ने चिंता जताई है।

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