ताज़ा खबर
 

सोनिया गांधी के आरोपों का अरुण जेटली ने दिया जवाब, कहा- कांग्रेस ने भी संसद सत्र बुलाने में देरी की थी

सोमवार को सोनिया गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री जीएसटी के लिए आधी रात को संसद सत्र तो बुला सकते हैं लेकिन आज संसद का सामना करने से भाग रहे हैं। जिसका जवाब अब वित्त मंत्री ने दिया है।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और वित्त मंत्री अरुण जेटली के बीच संसद के शीतकालीन सत्र के संचालन को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से जमकर कहा सुनी हुई। सोमवार को जहां कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र की मोदी सरकार पर गुजरात चुनाव की वजह से समय पर संसद का शीतकालीन सत्र ना बुलाने का आरोप लगाया वहीं अरुण जेटली ने आरोपों बेबुनियाद करार दिया। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा, ‘लोकतंत्र के मंदिर को ताला लगाने वाली बात कहने वाली कांग्रेस पूर्व में खुद ऐसा कर चुकी है। कांग्रेस ने भी संसद सत्र देरी से बुलाया था’

केंद्र के ऊपर लगे आरोपों का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने आगे कहा कि आमतौर पर संसद का शीतकालीन सत्र नवंबर के तीसरे सप्ताह में बुलाया जाता है जो दिसंबर की तीसरे सप्ताह तक चलता है। पीटीआई को मिली जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार शीतकालीन सत्र को दिसंबर के दूसरे सप्ताह से दस दिनों के लिए बुलाने पर विचार कर रही है।

गौरतलब है कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों पर सोमवार को जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पीएम ने अपने अंहकार के लिए लोकतंत्र के मंदिर को ताला लगा दिया। वो अपने अहंकार के लिए गरीबों के भविष्य को भी नष्ट करने पर तुले हुए हैं। केंद्र द्वारा शीतकालीन सत्र बुलाए जाने की देरी पर भी उन्होंने केंद्र को आड़े हाथों लिया था। उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार अगामी गुजरात चुनाव की वजह से संसद का सामना करने से बच रही है। जबकि ये महज एक बहाना है।’

कांग्रेस अध्यक्ष के अनुसार मोदी सरकार ने अपने अहंकार की वजह से शीतकालीन सत्र को ना बुलाकर संसदीय लोकतंत्र पर अंधेरा ला दिया है। सरकार अगर सोचती है कि लोकतंत्र के मंदिर को ताला लगाकर वो संवैधानिक जवाबदेही से बच निकलेगी तो सरकार ये सोचना गलत है।

अपने आधिकारिक आवास पर बुलाई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष ने गरीबों के भविष्य को नष्ट करने का कारण मोदी सरकार की नोटबंदी और जबरन थोपी गई गई जीएसटी को बताया। जबकि कांग्रेस सहित कई विपक्षी पार्टी इसे जल्दबाजी और बिना बदलाव के लागू करने वाला टैक्स कह चुकी हैं।

पीएम मोदी पर निशाना साधाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कहा, ‘प्रधानमंत्री जीएसटी के लिए आधी रात को संसद सत्र तो बुला सकते हैं लेकिन आज संसद का सामना करने से भाग रहे हैं।’ दरअसल सोनिया गांधी ने इस साल 30 जून, 2017 को संसद के उस सत्र का उदाहरण दिया जो जीएसटी लागू करने के लिए आधी रात को बुलाया गया था। जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले साल 1997 में संसद सत्र आधी रात को बुलाया गया था। ये सत्र देश की आजादी के पचास साल पूरे होने की वर्षगांठ पर बुलाया गया था।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.