ताज़ा खबर
 

लाभ का पद मामले में उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को चुनाव आयोग से राहत

उपमुख्यमंत्री पद पर होने के कारण मनीष सिसोदिया को विधायक पद के लिए अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता।

Author नई दिल्ली | May 1, 2017 2:53 AM
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति को भेजी अपनी अनुशंसा में कहा है कि उपमुख्यमंत्री पद पर होने के कारण मनीष सिसोदिया को विधायक पद के लिए अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता। आयोग का कहना है कि कथित तौर पर लाभ का पद रखने के चलते उनकी विधायकी को अयोग्य करार देने की मांग वाली याचिका में कोई दम नहीं है।  हाल ही में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेजी गई एक सिफारिश में आयोग ने कहा है कि उपमुख्यमंत्री होने के कारण सिसोदिया को विधायक पद के लिए अयोग्य करार नहीं दिया जा सकता। आयोग का कहना है कि कई राज्यों में उपमुख्यमंत्री के पद हैं और इसे लाभ का पद नहीं माना जा सकता। आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक इस मुद्दे पर राष्ट्रपति को कोई अधिकार नहीं है और वह चुनाव आयोग की सिफारिश से बंधे हैं।

पिछले साल भाजपा के नेता विवेक गर्ग ने सिसोदिया को अयोग्य करार देने की मांग करने वाली याचिका के साथ राष्ट्रपति से संपर्क किया था। तय प्रक्रिया के अनुसार, मामला आयोग को भेज दिया गया था। आयोग पहले से ही ‘आप’ के विधायकों द्वारा लाभ के पद रखने से जुड़े दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई कर रहा है। पहला मामला ‘आप’ के 21 विधायकों से जुड़ा है और अंतिम चरण में है। अन्य मामला 27 विधायकों से जुड़ा है और प्रारंभिक चरण में है। संविधान के अनुच्छेद 102(1)(ए) के मुताबिक संसद या विधानसभा या विधान परिषद के किसी भी सदस्य द्वारा लाभ का पद रखने पर उसे सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराने का आधार बनाता है। अयोग्य करार दिया जाना विधायिका और कार्यपालिका की शक्तियों को अलग-अलग रखने के सिद्धांत के उल्लंघन का नतीजा है।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App