लाल किले पर वैदिक यज्ञ कराएंगे बीजेपी सांसद, बोले- भारत के खिलाफ हो रहीं साजिशें रुकेंगी - East Delhi BJP MP Maheish Girri plans vedic yagya at Red Fort to counter conspiracies - Jansatta
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लाल किले पर वैदिक यज्ञ कराएंगे बीजेपी सांसद, बोले- भारत के खिलाफ हो रहीं साजिशें रुकेंगी

भाजपा सांसद ने रविवार को बताया कि यज्ञ 18 से 25 तक किया जाएगा।

तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (इंडियन एक्सप्रेस)

पूर्व दिल्ली से सांसद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय सचिव महेश गिरी ने भारत के खिलाफ हो रहीं साजिशों को रोकने के लिए लाल किले के आठ एकड़ लॉन में आठ दिवसीय वैदिक यज्ञ कराने की घोषणा की है। सोमवार (22 जनवरी, 2017) को उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘भारतीय रक्षा महायज्ञ’, का आयोजन भाजपा द्वारा आयोजित नहीं किया जा रहा है बल्कि दिल्ली के श्री योगी पीठथाम ट्र्स्ट की मदद से किया जा रहा है। उन्होंने आगे बताया कि महायज्ञ में प्रमुख राजनेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और कॉर्पोरेट जगत के शीर्ष लोगों के भाग लेने की संभावना है।

बता दें कि 8 मार्च से 25 मार्च तक चलने वाले इस महोत्सव में 1111 वैदिक विद्या में निपुण ब्राह्मण मां पराम्बा भगवती बगलामुखी 108 कुण्डीय राष्ट्र रक्षा महायज्ञ करेंगे। महायज्ञ के दौरान देश भर से आध्यात्मिक गुरु इसमें हिस्सा लेंगे और सवा दो करोड़ मंत्रों का मंत्रोच्चार करेंगे। इससे समूचे देश में भारतीयता एवं सांस्कृतिक अखण्डता की ऊर्जा का प्रसार होगा। ऐसा भाजपा सांसद महेश गिरी का कहना है।

15 एकड़ क्षेत्र में फैली ‘राष्ट्र रक्षा महायज्ञ नगरी’ का निर्माण प्रसिद्ध भारतीय कला निर्देशक नितिन चन्द्रकांत देसाई (मुंबई) द्वारा किया जाएगा। इस मौके पर महेश गिरी ने कहा, ‘राष्ट्र रक्षा महायज्ञ एक अनुष्ठान है, जिसका उद्देश्य हमारे देश की सुरक्षा, समृद्धि और प्रगति को प्रत्येक नागरिक का अटूट हिस्सा बनाना है। हम चाहते हैं कि देश भक्ति की भावना और राष्ट्र के प्रति समर्पण हर नागरिक की जीवन शैली का एक अभिन्न भाग बन जाए।’ देश भर में सभी की सहभागिता को बढ़ावा देने के लिए घी रथ यात्रा चलाई जाएगी। इसके माध्यम से हर घर से एक चम्मच घी की आहुति का आह्वान किया जाएगा।

राष्ट्र रक्षा महायज्ञ के आठ दिनों के दौरान देश के नागरिकों द्वारा आठ संकल्प लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जाग्रत करना है। जीवन के विभिन्न आयामों को छूने वाले ये संकल्प प्रत्येक भारतीय के राष्ट्र के साथ उसके साझा जुड़ाव को मजबूत करेंगे। आठ दिन के इस सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान देश के जाने माने कलाकार प्रत्येक शाम को राष्ट्र की नृत्य, संगीत और लोक कलाओं की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करते हुए भावपूर्ण प्रस्तुतियां देंगे।

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