ताज़ा खबर
 

डूसू छात्रसंघ चुनाव में रामजस और एसआरसीसी का मुद्दा रहेगा हावी

रामजस व एसआरसीसी विवाद इतिहास बदल देगा क्योंकि आइसा के कैडर के साथ आम छात्र खड़ा हो गया है। इस मौके पर आइसा के पैनल ने भी विचार रखे।

Author नई दिल्ली | September 6, 2017 03:14 am
दिल्ली विश्वविद्यालय।

वामपंथी छात्र संगठन आइसा का दावा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (डूसू) चुनाव में इस बार रामजस कॉलेज व एसआरसीसी का मुद्दा निर्णायक साबित होने जा रहा है। आइसा की डीयू अध्यक्ष हरप्रीत कौर ने कहा कि यह चुनाव अब तक के डूसू चुनाव से इसलिए भी अलग है क्योंकि पहली बार चुनाव अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और आइसा के बीच हो रहा है।  डूसू के आइसा के चार उम्मीदवारों व आइसा सचिव (डीयू) की मौजूदगी में संगठन की ओर से घोषणा पत्र जारी करने के मौके पर बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में हरप्रीत ने कहा कि कैंपस में एक ही नारा है, ‘हिंसा और गुंडागर्दी के खिलाफ वोट दें छात्र’। एक सवाल के जबाब में हरप्रीत कौर ने कहा कि आइसा और परिषद में इसलिए भी सीधी टक्कर है क्योंकि इस बार आम छात्रों की मतदान में भागीदारी बढ़ने जा रही है। आइसा की यूनिट 25 कॉलेजों में सक्रिय है और एक महीने में सात हजार से ज्यादा नए छात्र आइसा से जुड़े हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार आइकार्ड न होने की सूरत में फीस की पर्ची और कोई भी फोटो पहचानपत्र लाकर छात्र वोट डाल सकता है। इसलिए इस बार वोट फीसद बढ़ने की उम्मीद है। उनसे पूछा गया था कि हर बार तमाम मुद्दों के बावजूद आइसा का खाता क्यों नहीं खुल सका और इस बार उसकी क्या नई रणनीति है? इस पर उन्होंने कहा कि रामजस व एसआरसीसी विवाद इतिहास बदल देगा क्योंकि आइसा के कैडर के साथ आम छात्र खड़ा हो गया है। इस मौके पर आइसा के पैनल ने भी विचार रखे। अध्यक्ष पद पर सत्यवती कॉलेज की पारुल चौहान, उपाध्यक्ष पद पर एमए के छात्र आदित्य वैभव, सचिव पद पर किरोड़ीमल कॉलेज की जयश्री और सहसचिव पद पर विधि संकाय के आकाश गुप्ता को आइसा ने चुनाव में उतारा है। इस मौके पर आइसा की अध्यक्ष पद की दावेदार पारुल चौहान ने कहा कि कैंपस इस समय दो भागों में बंटा है, ‘भगवा दादागिरी बनाम आम छात्र’। आइसा के उपाध्यक्ष पद के दावेदार आदित्य वैभव ने कहा कि मैंने आइसा को केवल इसलिए चुना क्योंकि वह आम छात्रों की आवाज उठाता रहा है।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App