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DSGMC चुनाव से सामने आया AAP का दोहरापन? MLA ने लड़ाए 39 उम्मीदवार, सबको मिली हार

DSGMC चुनाव में अकाली दल को सबसे अधिक 35 सीटों पर जीत मिली है। वहीं कांग्रेस सात सीटें जीतकर दूसरे स्थान पर रही।

अरविंद केजरीवाल पंजाब में चुनाव प्रचार के दौरान (तस्वीर- फेसबुक)

आम आदमी पार्टी ने दि‍ल्‍ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के चुनाव से पहले भले ही इससे पल्ला झाड़ लिया हो लेकिन इससे पार्टी का दोहरापन एक बार फिर सामने आ गया है। आम आदमी पार्टी ने 15 फरवरी को एक प्रेस रिलीज जारी करके इस चुनाव से पल्ला झाड़ते हुए कहा था, “गुरुद्वारा ऐसी जगह नहीं है जहां राजनीति की जानी चाहिए।” पार्टी ने आगे कहा था, “आम आदमी पार्टी साफ करना चाहती है कि वो प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से किसी भी तरह इन चुनावों में हिस्सा नहीं ले रही है।” लेकिन क्या सचमुच?

डीएसजीएमसी चुनाव के लिए रविवार (26 फरवरी) को मतदान हुआ। बुधवार (एक मार्च) को नतीजे आए। डीएसजीएमसी की कुल 46 सीटों में से 35 पर अकाली दल को जीत मिली है। वहीं सात सीटें कांग्रेस के और दो निर्दलीय के खाते में गई हैं। आम आदमी पार्टी द्वारा समर्थित माने जाने वाले “पंथक सेवा दल” को एक भी सीट नहीं मिली है। आप सोच रहे होंगे तो जब आम आदमी पार्टी ने सार्वजनिक रूप से कह दिया था कि उसका इस चुनाव से कोई लेना देना नहीं तो फिर “पंथक सेवा दल” को उसका करीबी क्यों बताया जा रहा है?

आपको बता दें कि “पंथक सेवा दल” के संयोजक हैं अवतार सिंह कालकाजी। अवतार सिंह कालकाजी दिल्ली की कालकाजी विधान सभा सीट से आम आदमी पार्टी के विधायक हैं। “पंथक सेवा दल” ने चुनाव में कुल 39 उम्मीदवार उतारे थे। उसके ज्यादातर उम्मीदवारों की हालत चुनावी अखाड़े में बुरी रही। नतीजे आने के बाद भी आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि “हम पहले ही साफ कर चुके हैं कि हमारा इस चुनाव से कोई लेना देना नहीं।” लेकिन अवतार सिंह कालका और उनका “पंथक सेवा दल” चुनाव में 39 उम्मीदवारों के साथ क्या कर रहा था इस पर आम आदमी पार्टी अभी तक चुप है?

डीएसजीएमसी चुनाव से पहले जारी की गयी आम आदमी पार्टी की प्रेस रिलीज-

DSGMC election, AAP, Aam Admi Party दि‍ल्‍ली गुरुद्वारा प्रबंधक समि‍ति‍ चुनाव को लेकर 15 फरवरी को आम आदमी पार्टी द्वारा मीडि‍या को जारी कि‍या गया बयान।

अंदरखानों में चर्चा हो रही है कि आम आदमी पार्टी को इस बात का पहले ही अहसास हो गया था कि अकाली दल के प्रभुत्व वाले डीएसजीएमसी में उसकी दाल नहीं गलनी वाले है। इसलिए उसने ऊपरी तौर पर खुद को इस चुनाव से दूर कर लिया। पार्टी अगर खुलकर इस चुनाव में उतरती और जिस गत को पहुंची है उसी गत को पहुंचती तो दिल्ली के आम मतदाताओं के बीच पार्टी की छवि खराब होती। इसीलिए पार्टी ने खुद को जाहिर तौर पर इस चुनाव से दूर करके ये भी कह दिया कि अकाली और कांग्रेस इत्यादि दलों को भी इससे दूर रहना चाहिए। भला दूसरे दर आप की बात क्यों मानते? खैर आप ने अपनी ही बात कहां मानी? उसने भी चोर दरवाजे से अपने विधायक के जरिए अपनी नगण्य उपस्थिति दर्ज ही करा दी।

Arvind Kejriwal, Arvind Kejriwal in Golden Temple अरविंद केजरीवाल अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में। (फाइल फोटो)

रही आम आदमी पार्टी की धर्म से राजनीति को दूर रखने की बात तो आपको पगड़ी पहने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, स्वर्णमंदिर में हाथ जोड़े तस्वीर खिंचाते केजरीवाल, बनारस में लोक सभा पर्चा भरने से पहले गंगा में डुबकी मारकर दोपहर में अजान पर भाषण रोक देने वाले केजरीवाल याद ही होंगे।

Arvind Kejriwal, Arvind Kejriwal in Varanasi, Varanasi, AAP अरविंद केजरीवाल वाराणसी के एक मंदिर में पूजा करके बाहर आते हुए। (PTI File Photo)

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