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DUSU: एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने की मांग

कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआइ ने जाकिर हुसैन कॉलेज में तोड़फोड़ का वीडियो मंगलवार को मीडिया के सामने जारी कर अपने प्रतिद्वंद्वी एबीवीपी के छात्र संघ के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार शक्ति सिंह का नामांकन रद्द करने की मांग की।

कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआइ ने जाकिर हुसैन कॉलेज में तोड़फोड़ का वीडियो मंगलवार को मीडिया के सामने जारी कर अपने प्रतिद्वंद्वी एबीवीपी के छात्र संघ के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार शक्ति सिंह का नामांकन रद्द करने की मांग की। एनएसयूआइ की प्रभारी रुचि गुप्ता, प्रदेश प्रभारी अक्षय लाकड़ा और पूर्व डूसू अध्यक्ष अजय चिकारा ने चुनाव अधिकारी के सामने जाकिर हुसैन कॉलेज में तोड़फोड़ और छात्रों के साथ मारपीट का मुद्दा उठाया और कार्रवाई की मांग भी की। वीडियो जारी करते हुए रुचि गुप्ता ने कहा कि साफ है कि एबीवीपी के उम्मीदवारों ने बाहरी छात्रों को लाकर जाकिर हुसैन कॉलेज में तोड़फोड़ की। उपद्रवियों के पास, हॉकी, डंडे और लोहे की रॉड जैसे हथियार थे।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने छात्रों को तो पीटा ही, छात्राओं को भी नहीं बख्शा। उन्होंने अफसोस जताया कि पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं की है, केवल शिकायत लिख ली। जबकि इसकी शिकायत तीन जगह की गई है। एनएसयूआइ ने डूसू प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि हैं कि डूसू चुनाव में एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार शक्ति सिंह का नामांकन रद्द करने की मांग करते हैं, ताकि यह संदेश जाए कि चुनाव में हिंसा और असामाजिक तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा। अजय चिकारा ने कहा कि यह पहला मामला नहीं है जिसमें एबीवीपी उम्मीदवारों के समर्थकों ने किसी हिसंक घटना को अंजाम दिया हो। इससे पहले भी एबीवीपी समर्थकों की ओर से छात्रों, शिक्षकों व अन्य कॉलेज कर्मचारियों पर हमला किया गया था। देशबंंधु कॉलेज, लक्ष्मीबाई कॉलेज, किरोड़ीमल और श्रद्धानंद कॉलेज में भी प्रचार के दौरान एबीवीपी समर्थकों ने हिंसा की थी। उन्होंने दावा किया कि छात्र संघ चुनाव में होने वाली हार से बौखलाई एबीवीपी हिंसा पर उतारू है।

पारदर्शिता को मुकम्मल करे डीयू

एनएसयूआइ को लगता है कि डूसू चुनाव पारदर्शी नहीं होगा। एनएसयूआइ के प्रदेश अध्यक्ष अक्षय लाकरा ने कहा-अधिकारी भारी दबाव में हैं। पारदर्शिता-निष्पक्षता को मुकम्मल बनाने के लिए कुछ और कदम उठाने जरूरी है। एनएसयूआइ ने विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर ‘दोबारा मतगणना’ की ब्यवस्था रखने और हर कालेज के ईवीएम को कैमरे में सील करने की मांग की है। इसके अलावा एनएसयूआइ ने मतदान का समय आधे घंटे बढाने, मतगणना के समय तीसरे पक्ष के एक ब्यक्ति को मौजूद रखने आदि की मांग भी शामिल है।

इसकी जरूरत क्यों पड़ी, इस सवाल पर एनएसयूआइ की प्रभारी रूचि गुप्ता ने कहा- इससे पहले कई राज्यों में एनएसयूआइ के लोग आगे रहते हैं लेकिन अंतिम क्षण में ऐसा क्या हो जाता है कि परिषद के लोग विजयी हो जाते हैं। उन्होंने कहा-हम हर कालेज व बूथ पर उपयोग में लाई जाने वाली ईवीएम का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग करते हैं। ताकि डूसू में पारदर्शिता -निष्पक्षता बनी रहे।

एबीवीपी ने किया इनकार

एबीवीपी ने खुद पर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। डीयू की एबीवीपी प्रवक्ता मोनिका चौधरी ने जाकिर हुसैन कॉलेज (सांध्य) में हुई घटना को निंदनीय बताते हुए कहा कि एनएसयूआइ उसे बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। एबीवीपी हमेशा छात्रों के बीच भयमुक्त माहौल बनाने की पक्षधर रही है। हालांकि वीडियो में दिख रहे डंडे और लोहे की रॉड जैसी चीजों पर वे चुप रहीं।

परिसर में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं

सीवाईएसएस-आइसा ने जाकिर हुसैन कॉलेज प्रकरण को छात्र राजनीति में कलंक बताया। आइसा की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष कंवलप्रीत कौर ने कहा कि इस तरह की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। एबीवीपी के लोगों ने सुरक्षाकर्मी को बुरी तरह पीटा और कॉलेज कैंपस व कैंटीन में तोड़फोड़ की। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।

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