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दिल्ली महिला आयोग ने आश्रय गृह से बचार्इं चार लड़कियां

हर लड़की को प्रतिदिन 150 सेनेटरी नैपकीन बनाने का लक्ष्य दिया जाता था। गृह की साफ-सफाई का काम भी इन्हीं लड़कियों से ही कराया जाता था, लेकिन इन्हें पर्याप्त खाना तक नहीं दिया जाता था और बीमार पड़ने पर डॉक्टर को भी नहीं दिखाया जाता था।

Author नई दिल्ली | June 14, 2017 3:50 AM
दिल्ली महिला आयोग प्रमुख स्वाति मालीवाल। (फाइल फोटो)

दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्लू) ने एक निजी आश्रय गृह में अत्याचार और अमानवीय व्यवहार की शिकार चार लड़कियों को बचाया है। एक शिकायत के आधार पर आयोग ने पहल की और आश्रय गृह के संचालकों के खिलाफ एफआइआर के लिए पुलिस को नोटिस भेजा है। साथ ही समाज कल्याण विभाग को भी नोटिस जारी कर आश्रय गृह को बंद कर उसका लाइसेंस रद्द करने को कहा गया है।  डीसीडब्लू को कुतुब विहार में चल रहे एक निजी आश्रय गृह के बारे में शिकायत मिली थी कि वहां रहने वाली लड़कियों के साथ मारपीट होती है और उन्हें पर्याप्त खाना भी नहीं दिया जाता है। बचाई गई लड़कियों ने आयोग को बताया कि आश्रय गृह में कुल 11 लड़कियां रह रही थीं। आयोग के मुताबिक, हर लड़की को प्रतिदिन 150 सेनेटरी नैपकीन बनाने का लक्ष्य दिया जाता था। गृह की साफ-सफाई का काम भी इन्हीं लड़कियों से ही कराया जाता था, लेकिन इन्हें पर्याप्त खाना तक नहीं दिया जाता था और बीमार पड़ने पर डॉक्टर को भी नहीं दिखाया जाता था।

इन्हीं शिकायतों के आधार पर आयोग ने कार्रवाई कर चारों लड़कियों को छुड़ाया है। आयोग के मुताबिक, चार में से तीन लड़कियां बालिग हैं, जबकि एक लड़की की उम्र का पता लगाने के लिए उसे चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के पास पेश किया जाएगा। इस आश्रय गृह में रह रही लड़कियों को बाहर जाने की अनुमति भी नहीं थी। इन शिकायतों के बाद दिल्ली महिला आयोग ने दूसरे निजी आश्रय गृहों का भी औचक निरीक्षण करने का फैसला किया है।

 

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