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डीयू का अंग्रेजी विभाग सिलेबस से मुजफ्फरनगर और गुजरात दंगे को हटाने पर राजी, मामले ने पकड़ा था तूल

गुजरात और मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ी स्टोरी सिलेबस में होने पर राजनीतिक विज्ञान, सोसोलॉजी और दो अन्य विभागों के शिक्षकों ने एतराज जताया था।

Author नई दिल्ली | Published on: July 18, 2019 8:56 AM
DUतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी के अंग्रेजी विभाग ने गुजरात और मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ी एक स्टोरी को अंडर ग्रेजुएट कोर्स से हटाने का फैसला लिया है। बुधवार (17 जुलाई, 2019) को विभाग के प्रमुख ने बताया कि किसी की भावनाएं आहत ना हो इसके चलते यह फैसला लिया गया। विभाग ने यह निर्णय ऐसे समय में लिया जब शिक्षकों के एक गुट ने दंगों से जुड़ी स्टोरी सिलेबस में होने पर एतराज जताया था।

इसपर यूनिवर्सिटी की अकादमिक काउंसिल (एसी) ने फाइनल कॉल के लिए सिलेबस इंग्लिश और हिंदी विभाग को वापस भेज दिया। बता दें कि गुजरात और मुजफ्फरनगर दंगों से जुड़ी स्टोरी सिलेबस में होने पर राजनीतिक विज्ञान, सोसोलॉजी और दो अन्य विभागों के शिक्षकों ने एतराज जताया था।

इंग्लिश विभाग के प्रमुख राज कुमार ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, ‘हम किसी की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहते। इसलिए हम बीबीजान उर्फ मनीबेन की एक स्टोरी अंग्रेजी पत्रकारिता के पाठ्यक्रम से हटाने जा रहे हैं। हम मुजफ्फरनगर दंगे का उल्लेख भी पाठ्यक्रम से हटा रहे हैं।’

यह पूछे जाने पर कि विभाग द्वारा मामले पर अंतिम अधिकार होने के बावजूद सामग्री क्यों हटाई जा रही है? उन्होंने कहा, ‘अकादमिक मुद्दों को राजनीतिक बनाया जा रहा है, हम अनावश्यक रूप से किसी विवाद में नहीं पढ़ना चाहते।’

गौरतलब है कि नेशनल डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (NDTF) ने तर्क दिया कि गुजरात दंगे से जुड़ी मनीबेन उर्फ बीबीजान की कहानी में बजरंग दल और आरएसएस के किरदार को हत्यारों के तौर पर दिखाया गया है।

मामले में इतिहास विभाग के एचओडी ने कहा कि विभाग इसमें बदलाव पर विचार करे। वहीं सोशियोलॉजी विभाग की एचओडी रोमा चटर्जी और पॉलिटिकल साइंस की एचओडी वीणा कुकरेजा ने इंडियन एक्सप्रेस के फोन या मेल का कोई जवाब नहीं दिया।

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