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डीयू की किताब में बच्चों को सीख- अच्छा ईमेल लिखना है तो “स्कर्ट” की तरह लिखो

दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक किताब को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।

सोशल मीडिया पर वाइरल हो रही किताब। (Source: Facebook/CollegeDesk )

दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक किताब को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। यूनिवर्सिटी के बी.कॉम(ऑनर्स) के छात्रों को पढ़ाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली इस किताब को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दरअसल किताब के एक हिस्से में ई-मेल लिखने के तरीके के बारे में बताया गया है। इसमें ई-मेल लिखने के तरीके के सुझाव, लड़कियों की स्कर्ट ड्रेस से तुलना करके दिए गए हैं जिसको लेकर विवाद सामने आया है। किताब में अंग्रेजी में लिखा गया है- “Email messages should be like skirts- short enough to be interesting and long enough to cover all the vital points. Reading from monitor screen is harder and slower than reading in print out of the same text.If the email message is long, it might not be read at all or read too casually.” इसका अर्थ है- “ईमेल को स्कर्ट की तरह होना चाहिए- इतना छोटा कि वह लोगों में रुचि जगा सके और इतना लंबा कि सभी अहम बातें उसमें समा सकें। मॉनिटर स्क्रीन से पढ़ने का काम मुश्किल और धीमा हो जाता है जबकि प्रिंट ऑउट से पढ़ना आसान होता है। अगर मेल लंबा होगा तो हो सकता है कि वो पढ़ा ही न जाए या फिर उसे कोई ध्यान से न पढ़े।”

किताब में लिखे इस हिस्से को लेकर यह विवाद सोशल मीडिया पर सामने आया है। किताब का नाम “बेसिक बिजनेस कम्यूनिकेशन” है, जो प्रोफेसर सी बी गुप्ता द्वारा लिखी गई है और इसका प्रकाशन सुल्तान चंद एंड सन्स ने किया है। गुप्ता, एसआरससीसी कॉलेज के कॉमर्स डिपार्टमेंट के पूर्व हेड रह चुके हैं। किताब के ‘ईमेल इक्विटीज’ चैप्टर में यह कंटेंट लिखा गया है। खबरों के मुताबिक इस किताब का इस्तेमाल पढ़ाने के लिए साल 2005 से किया जा रहा है लेकिन यह मामला सोशल मीडिया पर किताब की तस्वीरें वाइरल होने के बाद सामने आया है।

वहीं न्यूज वेबसाइट डीएनए ने इस मामले को लेकर प्रोफेसर से बात की। खबर के मुताबिक गुप्ता ने कहा है कि इसे किसी गलत इंटेशन से नहीं लिखा गया था। उन्होंने कहा है कि किताब के इस “विवादित” हिस्से को अगले अंक में वह हटा देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस हिस्से को लिखने के लिए वह एक अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन से प्रभावित हुए थे।

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