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दिल्ली: शिक्षक मुकेश कुमार की हत्या के बाद सड़क पर उतरा गुस्सा, परीक्षा का बहिष्कार

शिक्षक संघ ने चुनौती 2018 को तत्काल प्रभाव से खत्म किए जाने और स्कूल मैनेजमेंट कमिटी की शक्तियों की आरटीई के अनुरूप समीक्षा करने की भी मांग की है।

Author नई दिल्ली | Published on: September 28, 2016 5:44 AM
सरकार की तरफ से उनकी मांगों का पूरा करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक सरकारी स्कूलों में परीक्षा का बहिष्कार जारी रहेगा।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 12वीं कक्षा के दो बच्चों द्वारा शिक्षक मुकेश कुमार की हत्या को चिंताजनक और जघन्य अपराध बताते हुए मृतक के परिवार की आर्थिक मदद के लिए 1 करोड़ की राशि देने की घोषणा की है। दिल्ली सरकार ने प्रशासन और अस्पताल पर लापरवाही के आरोपों की जांच के लिए मजिस्ट्रेट जांच के भी आदेश दिए हैं। वहीं घटना के विरोध में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षक सड़कों पर उतर आए और रोहतक रोड को घंटों जाम रखा। राजकीय शिक्षक संघ ने शिक्षा मंत्री के समक्ष दो करोड़ मुआवजे, चुनौती 2018 को समाप्त करने और अन्य मांगे रखी हैं और कहा है कि जब तक इस संबंध में उन्हें लिखित आश्वासन नहीं मिलता तब तक सरकारी स्कूलों में जारी परीक्षा का बहिष्कार किया जाएगा।

दिल्ली सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में मुकेश कुमार के परिवार को 1 करोड़ राशि की आर्थिक मदद देने का फैसला किया। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘शिक्षक मुकेश कुमार के परिवार को पहुंची क्षति की भरपाई नहीं हो सकती। परिवार को तुरंत आर्थिक मदद के लिए सरकार 1 करोड़ की राशि देगी’। शिक्षकों के अहम योगदान का जिक्र करते हुए सिसोदिया ने कहा, ‘हमारी सरकार शिक्षकों का सम्मान करती है और मानती है कि शिक्षक का योगदान भी सीमा पर खड़े सिपाही जैसा ही महान है’। पूरी घटना पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक का आत्मविश्वास और सम्मान बनाए रखना, हमारे समाज और देश के लिए बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के स्कूलों में 26 लाख बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन दो बच्चों के कारण सारे को अपराधी नहीं मान सकते। मनीष सिसोदिया ने अभिभावकों से अपील की कि यह बहुत जरूरी हो गया है कि वे अपने बच्चों से बात करें और समझाएं कि शिक्षक उनके भले की बात कहते हैं।

वहीं घटना के विरोध में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के शिक्षक सड़कों पर उतर आए और लगभग 6 घंटे तक रोहतक रोड को जाम रखा। राजकीय शिक्षक संघ के महासचिव अजयवीर यादव ने कहा, ‘शिक्षकों में गहरा रोष है, इस हत्या के विरोध में लगभग 25 हजार शिक्षक मंगलवार को सड़कों पर उतरे। दिल्ली सरकार के 80 फीसद स्कूलों में परीक्षा नहीं हुई। बुधवार को शिक्षा निदेशालय का घेराव करेंगे और जब तक सरकार की तरफ से उनकी मांगों का पूरा करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया जाता तब तक सरकारी स्कूलों में परीक्षा का बहिष्कार जारी रहेगा’।  हत्या के लिए सरकार को दोषी ठहराते हुए राजकीय शिक्षक संघ ने सिसोदिया को पत्र लिखकर सात मांगें रखी हैं। जिनमें मृतक के परिवार को 2 करोड़ रुपए का मुआवजा और बच्चों को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी देने की मांग शामिल है। साथ ही कहा गया है कि जीबीएसएसएस एसपी रोड नांगलोई का नामकरण मुकेश कुमार के नाम पर किया जाए और स्कूल परिसर में उनका स्मारक बनाया जाए।

शिक्षक संघ ने चुनौती 2018 को तत्काल प्रभाव से खत्म किए जाने और स्कूल मैनेजमेंट कमिटी की शक्तियों की आरटीई के अनुरूप समीक्षा करने की भी मांग की है। दिल्ली के स्कूलों में हिंसा एवं संपत्ति नुकसान रोधक कानून 2009 को लागू करने की भी बात कही गई है। शिक्षक संघ ने कहा है कि यह योजनाबद्ध तरीके से की गई हत्या थी जिसके लिए दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। घटना पर दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है यह हत्या।

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