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Delhi Riots: ‘अपराध के वक्त ताहिर हुसैन के मौके पर रहने के पर्याप्त सबूत’- कोर्ट ने पार्षद को जमानत से किया इनकार

मार्च से न्यायिक हिरासत में चल रहे हुसैन ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि शर्मा की कथित हत्या से उसे जोड़ने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है।

दिल्ली हिंसा मामले के आरोपी ताहिर हुसैन। (बीच में, पीटीआई फोटो)दिल्ली हिंसा मामले के आरोपी ताहिर हुसैन। (बीच में, पीटीआई फोटो)

दिल्ली की एक अदालत ने पूर्वोत्तर दिल्ली में हुए सांप्रदायिक दंगों के मुख्य आरोपियों में से एक आप पार्टी के निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन को जमानत देने से इनकार कर दिया। सोमवार (13 जून, 2020) को मामले में सुनवाई के दौरान कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इसके पर्याप्त सबूत हैं कि आरोपी घटना अपराध स्थल पर मौजूद था और एक विशेष समुदाय के लोगों को भड़काने का काम कर रहा था। ताहिर हुसैन आईबी कर्मचारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में भी मुख्य आरोपी है।

न्यायाधीश विनोद यादव ने कहा कि हुसैन ने दंगों के दौरान अपने हाथों का इस्तेमाल नहीं किया मगर दंगाइयों को ‘मानव हथियार’ के रूप में इस्तेमाल किया। ताहिर हुसैन कोर्ट में अर्जी दाखिल कर जमानत देने की मांग की थी। मार्च से न्यायिक हिरासत में चल रहे हुसैन ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि शर्मा की कथित हत्या से उसे जोड़ने के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है।

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इधर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस मामले में एक आरोप पत्र दायर किया है, लेकिन उसने आरोप पत्र में उल्लेख किया है कि मामले की अभी जांच जारी है।

इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के कर्मचारी अंकित शर्मा की 25 फरवरी को पूर्वोत्तर दिल्ली की हिंसा के दौरान चांद बाग इलाके में हत्या कर दी गई थी। उनके शरीर को नाले से बरामद किया गया था। उनके शरीर पर दर्जनों पर तेज के हथियार से हमला किया गया था।

नागरिकता कानून समर्थकों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प के बाद 24 फरवरी को पूर्वोत्तर दिल्ली में हिंसक घटनाएं हुईं। दिल्ली दंगों में तब कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।

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