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दिल्ली पुलिस की साख पर सवाल, रोजाना 18 झपटमारी और 8 लूटपाट

सुबह की सैर करने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, घर के बाहर और बैंक में रुपए जमा कराने वाले व्यापारियों से अपराध रोज की बात हो गई है। राजधानी में अभी तक आइपीसी के कुल 2,25008 लाख मामले दर्ज हो चुके हैं।

Author Published on: October 14, 2019 5:52 AM
दिल्ली पुलिस (एक्सप्रेस फाइल फोटो)

अमलेश राजू
पुलिस सुरक्षा को धता बताते हुए राष्ट्रीय राजधानी में सरेआम गोली मारने, लूटपाट करने और झपटमारी की वारदातों ने पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सुबह-सुबह पॉश और अतिसुरक्षित कनॉट प्लेस में एक दंपति का पीछा कर लूटपाट करने और शनिवार को सिविल लाइंस इलाके में प्रधानमंत्री की भतीजी के साथ हुई वारदात ने सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस में दर्ज रेकॉर्ड के मुताबिक, दिल्ली में रोज 18 झपटमारी और 8 लूटपाट की वारदात हो रही हैं। इसके अलावा अन्य वारदातों की सूची भी लंबी है। यह हाल तब है जब राजधानी में गली मुहल्ले (स्ट्रीट क्राइम) के अपराधों को कम करने के लिए दिल्ली पुलिस प्रखर वैन स्ट्रीट क्राइम अभियान चला रही है।

सुबह की सैर करने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, घर के बाहर और बैंक में रुपए जमा कराने वाले व्यापारियों से अपराध रोज की बात हो गई है। राजधानी में अभी तक आइपीसी के कुल 2,25008 लाख मामले दर्ज हो चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक , पिछले नौ महीने में 4762 यानी हर महीने 529 और प्रतिदिन 18 लोग झपटमार के शिकार बने। इसी तरह पिछले नौ महीने में 1558 लूटपाट के मामले यानी हर महीने 173 और प्रत्येक दिन 6 लोगों को बदमाशों ने लूटा। प्रधानमंत्री की भतीजी से झपटमारी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी पीड़िता के पिता का मोबाइल उत्तरी दिल्ली में ही लूट लिया गया था। हालांकि सैकड़ों मामले अभी अनसुलझे पड़े हैं। चोरी के अन्य मामले की संख्या तो डेढ़ लाख (1,41,078) तक पहुंच चुकी है। डकैती, हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट, दंगे, फिरौती के लिए अपहरण और बलात्कार के कुल 30 सितंबर तक 4065 दर्ज हो चुके हैं।

दिल्ली में अपराध
झपटमारी : 4762, लूटपाट : 1558
महिला अपराध : 9951, सेंधमारी : 2344
वाहन चोरी : 35191, घरों में चोरी : 2044
(नोट : आंकड़े दिल्ली पुलिस के अनुसार 30 सितंबर तक के हैं।)

एक चौथाई दिल्ली पुलिस वीवीआइपी सुरक्षा में
दिल्ली पुलिस के 25 फीसद जवान और अधिकारी वीवीआइपी सुरक्षा में तैनात हैं। 2017 में गृह मंत्री रहे राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में कहा था कि पुलिस आयुक्त आलोक कुमार के 15 हजार अतिरिक्त पुलिस बलों की मांग को मंजूरी देते हुए लंबे समय से प्रतीक्षारत 25 हजार 800 पुलिस वालों को प्रोन्नति देना भी मंजूर कर दिया गया है। उस समय पुलिस की संख्या 85 हजार के करीब थी और तब कहा गया था कि अब दिल्ली पुलिस एक लाख की संख्या पार कर जाएगी।

बेखौफ घूम रहे अपराधी
अक्तूबर के त्योहारी महीने में दिल्ली पुलिस की चिंता अपराधों ने बढ़ा दी है। आंबेडकरनगर में मदनगीर से दुर्गापूजा देखकर घर आ रहे एक युवक को तीन बदमाशों ने न सिर्फ लूटा बल्कि विरोध पर चाकू मारा। ग्रेटर कैलाश में घर के पास सुरक्षा गार्ड के सामने 69 साल की बुजुर्ग नीलम सहगल को बदमाशों ने निशाना बनाया। प्रशांत विहार में घर के सामने दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) की महिला सदस्य ज्योती राठी से सुबह सोने की चेन लूट ली गई। उनका मामला पुलिस ने चोरी में दर्ज करने की कोशिश की। रजौरी गार्डन में एलआइसी कर्मचारी बुजुर्ग रीता गोस्वामी अपने पति सुधीर गोस्वामी के साथ रेस्टोरेंट से खाना खाकर घर लौट रही थी। तब बदमाशों ने उनको लूटा। राजनीतिक रोड शो में एक महिला पत्रकार दिल्ली कैंट इलाके में झपटमार की शिकार बनी। समयपुर बादली में रामफूल के साथ बैंक के बाहर लूटपाट हो गई। महरौली में दिन दहाड़े दूध कारोबारी जसवीर की स्कूटी में टक्कर मारकर बदमाशों ने सात लाख रुपए लूट लिया। ओखला इलाके में मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने साकेत कोर्ट की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश को जिस तरह लूटपाट हुई। कालकाजी डिपो पर करीब तीन किमी पीछा करते हुए आइडीएफसी बैंक की लाल बत्ती कार का बदमाशों ने शीशा तोड़ बैग लूट लिया। सागरपुर में मोनू त्यागी ने लुटेरों का विरोध किया तो बीच सड़क पर चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी।

मोनू को तब निशाना बनाया गया था जब वह टैक्सी का इंतजार कर रहे थे। ज्योति नगर में मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने कारोबारी राजुल सिंघल की लूट के विरोध पर उनके घर के सामने ही गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोली मारने के बाद बदमाश कारोबारी की सोने की चेन तोड़कर फरार हो गए थे। ग्रेटर कैलाश-भाग दो में बीते रविवार की शाम मोटरसाइकिल सवार दो लुटेरों ने महिला पत्रकार जायमाला बागची से लूट की। जायमाला आॅटो से गिरकर घायल हो गई। भजनपुरा में दिल्ली जल बोर्ड के सेवानिवृत्त उप निदेशक 62 साल के राकेश शर्मा की सुबह में पिस्तौल दिखाकर चेन लूट ली गई। इस प्रकार की दर्जनों वारदातों का खुलासा पुलिस के लिए चुनौती और टेढ़ी खीर बनी हुई है।

बिना हेलमेट के कई चौराहों से गुजरे थे बदमाश

सिविल लाइंस जैसे पॉश इलाके में सुबह छह बजे के करीब महिला से हुई लूट के मामले में दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े हो गए हैं। आमतौर पर यातायात पुलिस बिना हेलमेट पहने वाहन चलाकों पर तत्परता दिखाते हुए चालान काटती है लेकिन वारदात के दिन बदमाश बिना हेलमेट के पुलिस के सामने से गुजर गए। अतिसुरक्षित इलाके में दोनों बदमाश करीब एक किमी तक महिला का पीछा करते रहे। लूट के बाद वे बिना हेलमेट कई चौराहों से गुजरे लेकिन किसी पुलिसकर्मी ने नहीं रोका। जिला पुलिस उपायुक्त मोनिका भारद्वाज ने भी माना इन बदमाशों पर नजर नहीं पड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है।

सीसीटीवी फुटेज में बदमाश बिना हेलमेट के दिखाई दे रहे हैं।

पुलिस उपायुक्त का कहना है कि वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों बदमाश पहले सुल्तानपुरी पहुंचे और वहां आरोपी गौरव ने अपनी मौसी के घर स्कूटी खड़ी की। उसके बाद दोनों बदमाश अलग-अलग स्थानों पर फरार हो गए। सुल्तानपुरी जाने के दौरान कई चौराहे हैं लेकिन पूरे रास्ते में किसी यातायात पुलिसकर्मी की नजर इन दोनों पर नहीं पड़ी। पुलिस ने बताया कि आरोपी गौरव मूलरूप से दिल्ली के सदर बाजार, बस्ती जुल्हान का रहने वाला है। फिलहाल वह उत्तम नगर में रहता था। वहीं, दूसरा आरोपी बादल सुल्तानपुरी का है। शनिवार तड़के दोनों लूटपाट के इरादे से सिविल लाइन्स पहुंचे, जिसके बाद करीब एक किमी तक पीछा कर झपटमारी की। दोनों इलाके से परिचित हैं। गौरव के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज है। फरार आरोपी बादल की जानकारी पुलिस को नहीं है।

झपटमारी के मामलों में हुआ इजाफा
राजधानी में पिछले कुछ दिनों से झपटमारी के मामले में इजाफा हुआ है। पिछले एक महीने में कई लोगों को निशाना बनाया जा चुका है। पीड़ितों में महिला पत्रकार और जिला जज भी शामिल हैं। हाई प्रोफाइल मामला होने के बाद भी पुलिस को एक आरोपी को पकड़ने में घंटों समय लग गया। आरोपी दिल्ली छोड़ हरियाणा फरार होने में सफल रहा और सोनीपत से पकड़ा गया, जबकि दूसरा आरोपी फरार है। मामले को सुलझाने के लिए संयुक्त आयुक्त के अलावा कई उपायुक्त और तेज तर्रार पुलिस अधिकारी जुटे हैं।

100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज
उपायुक्त ने बताया कि पीड़िता की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में मामला दर्ज कर जिला पुलिस के स्पेशल स्टॉफ, अपराध शाखा, स्पेशल सेल के अलावा सिविल लाइंस थाना पुलिस की टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के इलाके में लगे 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसके बाद दोनों आरोपियों का सुराग मिला।

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