'कार फ्री डे' की राह में टकराव का रोड़ा, आप सरकार को दिल्ली पुलिस की 'ना' - Jansatta
ताज़ा खबर
 

‘कार-फ्री डे’ की राह में टकराव का रोड़ा, आप सरकार को दिल्ली पुलिस की ‘ना’

दिल्ली पुलिस ने इस महीने के आखिर में यहां कार-फ्री डे कार्यक्रम मनाने की आप सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना को यह कहते हुए मंजूरी देने से इनकार कर दिया..

Author नई दिल्ली | October 5, 2015 10:42 AM
पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी (बाएं) और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (दाएं)।

दिल्ली पुलिस और आप सरकार में खटपट के बीच पुलिस के एक और कदम से दोनों पक्षों के बीच नए सिरे से टकराव बढ़ गया है। दिल्ली पुलिस ने इस महीने के आखिर में यहां कार-फ्री डे कार्यक्रम मनाने की आप सरकार की महत्त्वाकांक्षी योजना को यह कहते हुए मंजूरी देने से इनकार कर दिया कि सरकार ने इसे लेकर कोई फैसला करने से पहले पुलिस बल से पूर्व विचार-विमर्श नहीं किया।

अपनी इस पीड़ा से पुलिस आयुक्त ने दिल्ली सरकार के सबसे बड़े बाबू को अवगत भी करा दिया है। मुख्य सचिव केके शर्मा को लिखी अपनी चिट्ठी में पुलिस उपायुक्त बीएस बस्सी ने कहा कि कार्यक्रम मनाने के लिए 22 अक्तूबर का दिन चुनना जिस दिन लोग दशहरा मनाएंगे, ‘जल्दबाजी में लिया गया काफी अव्यवहारिक कदम’ लगता है।

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार लाल किला और इंडिया गेट के बीच पड़ने वाले रास्ते पर ‘कार-फ्री डे’ मनाना चाहती है। परिवहन मंत्री गोपाल राय ने कहा कि ‘कार फ्री डे’ के रास्ते में ‘राजनीतिक अहं’ नहीं आना चाहिए क्योंकि इसका उद्देश्य लोगों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना और दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए प्रदूषण का स्तर कम करना है। सूत्रों ने कहा कि राय जल्द ही उपराज्यपाल नजीब जंग से मिलकर पुलिस के इस रुख का मुद्दा उठा सकते हैं।

बस्सी ने अपनी चिट्ठी में लिखा, ‘आश्चर्यजनक रूप से इस तरह का कोई कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर फैसला लेने से पहले या प्रस्तावित तारीख की उपयुक्तता को लेकर दिल्ली पुलिस से कोई पूर्व विचार-विमर्श नहीं किया गया’।

बस्सी ने लिखा कि इस तरह के कार्यक्रम के लिए 22-10-2015 की तारीख का चयन लगता है जल्दबाजी में किया गया और काफी अव्यवहारिक है। यह दशहरे का दिन है जिसे लोग बड़ी संख्या में अपने परिवारों के साथ बाहर निकलकर मनाते हैं। लाल किला से इंडिया गेट के बीच प्रस्तावित कार फ्री रास्ते के दायरे में दिल्ली के कुछ सबसे लोकप्रिय और पारंपरिक रामलीला का आयोजन होता है।

उन्होंने यह भी कहा कि 22 अक्तूबर को यमुना घाटों पर दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया जाएगा। पुलिस आयुक्त ने कहा कि इन अवसरों को देखते हुए लोगों की सुरक्षा और विधि व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में पुलिस की गश्ती सहित पुलिस बल की व्यापक व्यवस्थाओं की जरूरत होगी। इसके अलावा इस दिन अतिविशिष्ट लोगों की भी आवाजाही होगी जिसके लिए विशेष व्यवस्थाएं करनी होंगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में यातायात के नियमन के लिए जिम्मेदार प्रधान एजंसी होने के कारण दिल्ली पुलिस ट्रैफिक के आसान प्रवाह को सीधा प्रभावित करने वाली इस तरह की किसी भी स्थिति में पहली हितधारक है और इस तरह के किसी कार्यक्रम के आयोजन से पहले उससे विचार-विमर्श किया जाना चाहिए।

सरकार ने कहा है कि वह ‘कार-फ्री डे’ के आयोजन के लिए अकेली हितधारक नहीं है बल्कि दिल्ली नगर निगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और शहर की पुलिस भी इसका हिस्सा है। 22 अक्तूबर को भारी यातायात की संभावना को देखते हुए दिल्ली सरकार ने हाल में कार्यक्रम सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित करने का फैसला किया था।

पुलिस बनाम सरकार:

कार्यक्रम मनाने के लिए 22 अक्तूबर का दिन चुनना जिस दिन लोग दशहरा मनाएंगे, ‘जल्दबाजी में लिया गया काफी अव्यवहारिक कदम’ लगता है।… बीएस बस्सी, दिल्ली पुलिस प्रमुख

रास्ते में नहीं आए अहं:
‘कार फ्री डे’ के रास्ते में ‘राजनीतिक अहं’ नहीं आना चाहिए क्योंकि इसका उद्देश्य लोगों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करना और दिल्ली की हवा को स्वच्छ बनाने के लिए प्रदूषण का स्तर कम करना है।… गोपाल राय, दिल्ली के परिवहन मंत्री

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App